जगदलपुर में नक्सली चैतू ने IG सुंदरराज पी के सामने सरेंडर कर दिया है, जो 2013 के झीरम घाटी हमले के मास्टरमाइंड थे। झीरम घाटी में कांग्रेस के टॉप लीडरशिप समेत 32 लोगों का कत्ल हुआ था। बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा को 100 गोलियां मारी गई थी।
चैतू उर्फ श्याम दादा वर्तमान में DKSZCM कैडर का है। इस पर 25 लाख का इनाम था। बस्तर के जंगलों में कई बार सुरक्षाबलों की गोलियों से बच निकला था। फोर्स की लगातार मौजूदगी के बाद चैतू उर्फ श्याम ने हथियार डाले हैं। 45 साल से नक्सल संगठन में था, जिसमें 35 साल बस्तर में काम किया है।
बस्तर IG सुंदरराज पी ने बताया कि चैतू समेत सरेंडर सभी नक्सलियों पर 65 लाख रुपए का इनाम घोषित था। पोलित ब्यूरो सदस्य देवजी, केंद्रीय समिति सदस्य रामदर, DKSZC सदस्य पापाराव, देवा (बार्से देवा) और अन्य नक्सलियों की तलाश की जा रही है।
चैतू ने आत्मसमर्पण करने के बाद कहा, "अब नक्सल संगठन में कुछ नहीं रखा है। मेरी उम्र करीब 63 साल है। वर्तमान की परिस्थितियों को देखते हुए मैंने अपने अन्य साथियों के साथ हिंसा का रास्ता छोड़ने का मन बनाया और पुलिस के सामने पहुंच गया।"
झीरम घाटी हमले के दौरान IED ब्लास्ट से एक गाड़ी का हिस्सा उड़कर नदी में जा गिरा था, जो 12 साल बाद भी वहीं फंसा हुआ है। हमले में बस्तर के कांग्रेस नेता मलकीत सिंह गैदु की जान बच गई थी।
कांग्रेस ने हमले को राजनीतिक साजिश बताकर BJP सरकार पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया। BJP ने आरोपों को खारिज कर कहा कि यह नक्सली हमला था।
चैतू उर्फ श्याम दादा वर्तमान में DKSZCM कैडर का है। इस पर 25 लाख का इनाम था। बस्तर के जंगलों में कई बार सुरक्षाबलों की गोलियों से बच निकला था। फोर्स की लगातार मौजूदगी के बाद चैतू उर्फ श्याम ने हथियार डाले हैं। 45 साल से नक्सल संगठन में था, जिसमें 35 साल बस्तर में काम किया है।
बस्तर IG सुंदरराज पी ने बताया कि चैतू समेत सरेंडर सभी नक्सलियों पर 65 लाख रुपए का इनाम घोषित था। पोलित ब्यूरो सदस्य देवजी, केंद्रीय समिति सदस्य रामदर, DKSZC सदस्य पापाराव, देवा (बार्से देवा) और अन्य नक्सलियों की तलाश की जा रही है।
चैतू ने आत्मसमर्पण करने के बाद कहा, "अब नक्सल संगठन में कुछ नहीं रखा है। मेरी उम्र करीब 63 साल है। वर्तमान की परिस्थितियों को देखते हुए मैंने अपने अन्य साथियों के साथ हिंसा का रास्ता छोड़ने का मन बनाया और पुलिस के सामने पहुंच गया।"
झीरम घाटी हमले के दौरान IED ब्लास्ट से एक गाड़ी का हिस्सा उड़कर नदी में जा गिरा था, जो 12 साल बाद भी वहीं फंसा हुआ है। हमले में बस्तर के कांग्रेस नेता मलकीत सिंह गैदु की जान बच गई थी।
कांग्रेस ने हमले को राजनीतिक साजिश बताकर BJP सरकार पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया। BJP ने आरोपों को खारिज कर कहा कि यह नक्सली हमला था।