CM की कार्रवाई के बाद AAP के विधायक ने इस पद से दिया इस्तीफा, कैबिनेट रैंक छोड़ा

पंजाब में भारी घटनाकलाप! आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक सुखविंदर सुखी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की टिप्पणियों पर लहराए तालाबंदी और धार्मिक स्थल की पुलिस तलाशी पर अपना विरोध व्यक्त करने के बाद पंजाब राज्य वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

इस घटनाकलाप की शुरुआत हाल ही में की गई थी, जब पुलिस ने धार्मिक स्थल पर लहराए तालाबंदी और पुलिस गिरफ्तारी कर रही थी। इसके बाद, भगवंत मान ने अपनी टिप्पणियाँ करना शुरू कर दीं जो विपक्षी दलों को बहुत निराश कर दीं।

सुखी, जो पहले शिरोमणि अकाली दल से जुड़े थे, ने इस मामले में अपनी राय व्यक्त करने का फैसला किया। उन्होंने इस पद पर रहने का निर्णय नहीं लेना चाहा, जिसकी वजह से उनको पार्टी से दूर होना पड़ा।
 
मुझे लगने का मौका नहीं मिला था कि कैसे पुलिस धार्मिक स्थल पर लहराए तालाबंदी करेगी, और फिर भगवंत मान जी अपनी टिप्पणियाँ करेंगे। अब भी याद है जब हमारे दादाजी वाकई भाईचारे का तरीका सीखने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अब तो ऐसी बातों की चिंता करने का मौका नहीं मिल पाता।
 
😐 भगवंत मान की टिप्पणियाँ कैसे थीं? उन्होंने खुलकर कहा तो निश्चित रूप से कुछ गलत था। यहां तक कि पुलिस भी धार्मिक स्थल पर जाने का निर्णय सोच-समझकर नहीं लिया। 🤔 मैंने उन्हें पहले कभी इतना देखा नहीं था
 
बिल्कुल तो यह बहुत ही अजीब है कि भगवंत मान ने ऐसी टिप्पणियाँ की हैं... वे सिर्फ एक चुनाव जीतने के लिए तैयार नहीं! 🤦‍♂️

मुझे लगता है कि इस मामले में पुलिस और सरकार ने गलती की है। लोगों को यह नहीं पता था कि उन्हें धार्मिक स्थल पर लहराए तालाबंदी किया जाएगा। यह बहुत ही शर्मनाक है... 🙅‍♂️

अब जब सुखविंदर सुखी ने इस पद से इस्तीफा दे दिया है, तो मुझे लगता है कि विपक्षी दलों ने एक अच्छा फैसला लिया है। उन्हें अपनी आवाज़ उठानी चाहिए और सरकार पर दबाव डालना चाहिए... 💪

यह घटनाकलाप पंजाब में बहुत ही गंभीर है... हमें इसे ध्यान से देखना चाहिए और बदलने के लिए कुछ करना चाहिए। 🤔
 
જી તો એવું મને લાગે છે... પुलિસ તો કરતાં ઘણું દુષ્ટ, અને મુખ્યમંત્રી પણ એવી બોલતા હોય છે...

આપણા દેશમાં સાચા રાજકારણ વિના ક્યારે હોય...
 
अरे भाई, यह तो बहुत बड़ा मामला है... पंजाब में सब कुछ टूट गया है। पहले तो भगवंत मान ने ऐसी बातें कहीं जो लोगों को पसंद नहीं आएंगी, और फिर सुखविंदर सुखी ने विरोध करने का फैसला किया। इसके बाद, उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा। यह तो बहुत बड़ा झटका है, भाई...
 
तालाबंदी और धार्मिक स्थलों पर पुलिस की तलाशी, ये तो बहुत ही गंभीर मुद्दा है 🤕। मुझे लगता है कि ऐसे मामलों में बातचीत करने से पहले सरकार और पुलिस को अपनी दिशा स्पष्ट करनी चाहिए। यहां तक कि भगवंत मान जी ने भी ऐसी टिप्पणियाँ की हैं जिनसे लोगों को दुःख हुआ। लेकिन फिर भी, सुखविंदर सुखी जी ने अपना फैसला सुनिश्चित किया और पद छोड़ दिया। मुझे लगता है कि ऐसे मामलों में सच्चाई को अपनाना बहुत जरूरी है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि धार्मिक स्थलों पर पुलिस की उपस्थिति न तो लोगों को डराए और न ही उनके अधिकारों का उल्लंघन किया।
 
मुझे लगता है कि भगवंत मान की टिप्पणियाँ बहुत बड़ी घोटाले की तरह लग रही हैं 🤔। उन्होंने लोगों को गुस्से पर लाने वाली बातें कही हैं और यह अच्छा नहीं लगता। आम आदमी पार्टी ने सही काम कर रही है इसकी देखभाल करनी चाहिए, तो कुछ ऐसा न हों जिससे उन्हें अपने पद से मुड़ना पड़े। सुखविंदर सुखी ने अच्छा फैसला लिया, पहले तो वह शिरोमणि अकाली दल से जुड़े थे, लेकिन अब वह पार्टी के दुश्मन नहीं हैं। यह एक बड़ा सबक है कि सच्चाई और न्याय हमेशा सबसे ऊपर रहता है।
 
अरे, यह तो बहुत गंभीर मामला है 🤕, भगवंत मान की टिप्पणियाँ निकाल देना सही नहीं था, विशेषकर जब पुलिस धार्मिक स्थल पर गिरफ्तारी कर रही थी। तो फिर सुखविंदर सुखी ने अपना पद छोड़ देना एक अच्छा फैसला है, क्योंकि उन्हें लगा कि यह मामला पार्टी के लिए नहीं चल सकता। और भगवंत मान को समझना चाहिए कि जब विपक्षी दल तैयार करते हैं खिलवाड़ करना, तो उनकी टिप्पणियाँ हमेशा सही नहीं रहतीं।
 
मुझे लगता है कि ये एक बड़ा मुद्दा है … 🤔 पुलिस की क्रियाओं पर सवाल उठाना और मुख्यमंत्री की टिप्पणियों पर लहराए तालाबंदी और धार्मिक स्थल की पुलिस तलाशी पर विरोध करना … ये सब कुछ एक बड़ा मुद्दा है। सुखविंदर सुखी ने यह पद छोड़ दिया है, लेकिन मुझे लगता है कि इससे कोई बदलाव नहीं हुआ है … शायद ही किसी नेता को अपनी राय व्यक्त करने का मौका मिलता है।
 
मुझे बहुत दुख हुआ कि जैसे ही पुलिस धार्मिक स्थल पर लहराए तालाबंदी कर रही थी, उस मौके पर सुखविंदर सुखी ने अपनी राय व्यक्त किया। उनका कदम मैं समझता हूँ, खासकर जब उन्होंने अपनी पार्टी छोड़ने का फैसला किया। उन्हें लगता था कि उनकी आवाज़ सुनी नहीं जा रही थी। मुझे लगता है कि हमें इस तरह की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए और सुनने वालों की आवाज़ सुननी चाहिए। 🤗
 
मुझे लगता है कि यह घटनाकलाप हमें ध्यान में रखने वाला है। सुखविंदर सुखी ने अपना इंसाफ बिल्कुल सही तरीके से लिया है, तालाबंदी और पुलिस गिरफ्तारी की इस तरह की घटनाकलाप ने आम आदमी को भी चोट पहुंचाई है।

मुझे लगता है कि पुलिस की जिम्मेदारी यहां पर कमजोर है, उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को लेकर सावधान रहना चाहिए। भगवंत मान ने भी ऐसी टिप्पणियाँ की हैं जो आम आदमी को निराश कर दीं हैं,

सुखविंदर सुखी की इस फिरकी का क्या महत्व था, यह हमें समझने की जरूरत है कि पुलिस की जिम्मेदारियों को लेकर हम क्या बात कर रहे हैं।
 
मैं तो पंजाब में ऐसी भी घटनाएं नहीं देखना चाहती, जो इतनी गंभीर और तनावपूर्ण हों. भगवंत मान जी की टिप्पणियाँ बहुत अजीब लग रही हैं, और सुखविंदर सुखी ने सही समय पर अपनी बात कही। लेकिन अब वह पद छोड़ देना था… इसका मतलब यह नहीं है कि विपक्षी दल अपनी जगह मजबूत कर सकते हैं।
 
मेरी राय तो है कि भगवंत मान की ये टिप्पणियाँ बहुत गंभीर थीं। वे लोगों को घायल कर रहे हैं और पुलिस के साथ उनका तरीका भी सही नहीं है। पंजाब में यह घटनाकलाप तो बहुत ही चिंताजनक है और हमें यह सोचने पर मजबूर करना चाहिए कि क्या यह विपक्षी दलों के बीच जंग ही बढ़ाना है। सुखविंदर सुखी ने सही मायने में अपनी राय व्यक्त की है और उनको पार्टी से दूर होना पड़ना सही था।
 
[मeme: एक मजाकिया ड्राफ्टिंग किट से बना मेम, जहां भगवंत मान की एक छवि है जो लहराए तालाबंदी करने वाला दिख रहा है, लेकिन वह आंखों के नीचे बैठा है और अपने पैर उठाए हुए हैं]
 
तो अब तक क्या हुआ, इस मामले को अच्छी तरह से नहीं समझा गया... तालाबंदी और धार्मिक स्थल पर गिरफ्तारी, यह बहुत भयानक है... पुलिस की टिप्पणियाँ क्या थीं, कोई जवाब देने को तैयार नहीं थे, ऐसा लगता है... भगवंत मान ने विपक्षी दलों को निराश कर दिया, लेकिन उन्हें कुछ सोचने की जरूरत थी... अब सुखी जी ने इस पद से इस्तीफा दे दिया, यह अच्छी बात है, अब भी कुछ बदलने की जरूरत है... 🤔
 
वाह, ये तो बहुत ही मुश्किल समय आ गया है पंजाब में। मुझे लगता है कि भगवंत मान की यह टिप्पणियाँ वास्तव में बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण थीं। उनकी सरकार ने साफ-सफाई और सामाजिक न्याय पर ध्यान नहीं देने का प्रदर्शन किया है।

सुखविंदर सुखी को अपने पद से इस्तीफा देने में बहुत साहस था। लेकिन मुझे लगता है कि उनके विरोध के बाद भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया। यहां तक कि आम आदमी पार्टी को भी अपने नेताओं के इस फैसले से कुछ प्रभावित हुआ होगा।

मुझे लगता है कि सरकार को वास्तव में एक नया दिशा खोजने की जरूरत है। साफ-सफाई और सामाजिक न्याय पर ध्यान देना चाहिए। फिर ही पंजाब के लोगों को उनके अधिकारों की लड़ाई लड़नी होगी। 🙏
 
जिस तरह जैसे कुछ न तो अच्छा होता है और कुछ भी बुरा नहीं होता, उसी तरह आज के समय में कई चीजें होती हैं जिन्हें सोचा जाए। पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने की जगह, शायद हमें अपने विचारों और भावनाओं को एक अच्छे तरीके से व्यक्त करना चाहिए।
 
अरे यार, यह तो भगवंत मान को भी अच्छी सोचकर मिलेगी कि किस तरह का विरोध कर लेता है... 🤣 पंजाब में जो घटनाकलाप हो रहा है, वह जरूर बहुत बड़ा मुद्दा बन गया होगा। तालाबंदी और धार्मिक स्थल पर पुलिस की गिरफ्तारी, यह सब न्याय नहीं हो सकता... सुखविंदर सुखी ने सही कदम उठाए हैं, उन्हें अपनी राय व्यक्त करने का मौका मिलना अच्छा होगा।

लेकिन, यार, भगवंत मान को यह सब सोचकर नहीं चालू कर देना चाहिए... 🤦‍♂️ उन्हें इस मामले पर और गहराई से विचार करना चाहिए। पंजाब में लोगों की उम्मीदें बहुत बड़ी हैं, उन्हें अपनी सरकार की राय समझने का मौका देना चाहिए...
 
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