दिल्ली का शौर्य-जयपुर की अमायरा, स्टूडेंट सुसाइड के पीछे कौन: पेरेंट्स बोले-स्कूल में धमकाया, बच्चों ने परेशानी बताई, टीचर नहीं समझे

😱 ये तो बहुत गंभीर है... सेंट कोलंबस स्कूल का मामला तो पूरे देश में चर्चा में है। 13 साल की छात्रा ने खुदकुशी कर ली, यह तो बहुत दुखद है। शिक्षा की इस तरह की समस्या से मुझे लगता है हमें अपने बच्चों की सुरक्षा और परीक्षण प्रणाली के बारे में बोलना चाहिए। यह तो एक बड़ा मुद्दा है जिस पर सरकार और शिक्षा विभाग को ध्यान देना चाहिए। 🤕
 
ये तो बहुत दुखद है 🤕, एक 13 साल की छात्रा जो घर वापस आ रही थी, वहीं खुदकुशी कर गई। यह तो कितना दुर्भाग्य है। और अब सेंट कोलंबस स्कूल पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने उसकी मानसिक सेहत की चिंता नहीं की। यह बहुत बुरा है 🤦‍♂️, क्या स्कूल में खुदकुशी की निगरानी नहीं की जाती? यह तो एक बड़ा सवाल है।

मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों की मानसिक सेहत पर ध्यान देना चाहिए। हमें उन्हें खुलकर बोलने का मौका देना चाहिए, उनकी समस्याओं को समझना चाहिए। खुदकुशी की यह घटना तो बहुत ही गंभीर है, हमें इसके पीछे के कारणों को समझना चाहिए और स्कूल जैसे स्थानों में सुधार करना चाहिए।
 
मुझे यह सुनकर बहुत दुख हुआ कि एक 13 साल की छात्रा सेंट कोलंबस स्कूल में खुदकुशी करने के बाद अपनी जान गंवा ली। इससे मुझे लगता है कि हमारे शिक्षा प्रणाली में कुछ गलत हो रहा है। बच्चों पर इतनी दबाव डाला जाता है कि वे अपने स्वास्थ्य और खुशी को भूल जाते हैं।

स्कूलों को बच्चों की खुदकुशी के मामले में गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्हें अपने शिक्षकों और प्रशासकों पर जांच करनी चाहिए ताकि यह पता चले कि क्या ऐसा हुआ था और इससे पहले भी ऐसे मामले आये हैं या नहीं। हमें अपने बच्चों को सुरक्षित और सहायक वातावरण प्रदान करने की जरूरत है।
 
तो यह तो बहुत दुखद खबर है 🤕। मेरी बात है, सेंट कोलंबस स्कूल जैसे स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होना चाहिए। खुदकुशी के मामले में जो आरोप लगाए गए हैं, तो यह बहुत गंभीर है। सरकार और स्कूल के प्रशासकों पर नियमित निरीक्षण और समीक्षा करनी चाहिए कि क्या वे बच्चों की सुरक्षा में मदद कर रहे हैं या नहीं।

मेरी राय में, खुदकुशी के मामले में जांच को लेकर बातचीत करना बहुत जरूरी है। चिंतित माता-पिताओं और बच्चों की आवाज़ सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान ढूंढना चाहिए। ऐसे स्कूलों को मजबूत करने की जरूरत है जिनमें बच्चों को खेल-खेल में मदद मिले, उनकी मनोदशा को समझने की कोशिश करें, और उन्हें सही दिशा में प्रेरित करें।
 
मेरी राय है कि ऐसी गड़बड़ी से बचने के लिए हमें अपने बच्चों को जागरूक करने की जरूरत है। ये सोचा नहीं जा सकता कि एक छोटी लड़की को इतनी दर्दनाक स्थिति में डाला गया हो।

हमारे देश में शिक्षा को बहुत महत्व दिया जाता है, लेकिन शिक्षकों और प्रशिक्षकों की भूमिका पर ध्यान नहीं दिया जाता। शिक्षकों को अपने छात्रों के साथ खुलकर बात करनी चाहिए, उनकी परेशानियों को समझना चाहिए और उन्हें सहायता देनी चाहिए।

जैसे ही हमारे स्कूलों में इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो बच्चों को यह ज्ञान होना चाहिए कि अगर वह भी ऐसी स्थिति में पड़ जाएं तो क्या करें।
 
मुझे यह खबर बहुत दुखद लग रही है 🤕, सेंट कोलंबस स्कूल के मामले में 13 साल की छात्रा ने खुदकुशी कर ली। यह ऐसी बातें नहीं होनी चाहिए जिनमें एक बच्चे को उसके भविष्य के बारे में इतनी चिंता करनी पड़ती है और उसे एहसास होना पड़ता है कि वह अकेला है। मुझे लगता है कि हमारे शिक्षा प्रणाली में कुछ गलत हो गया है, जिससे बच्चों को ऐसी स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं जिनसे वे नहीं निकल सकते।
 
अरे, ये बहुत ही दुखद मामला है... सेंट कोलंबस स्कूल को यहां तक कि खेल और शारीरिक शिक्षा की सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं ... 13 साल की छात्रा की जान जाने के बाद भी, स्कूल के प्रशासकों ने इस पर ध्यान देने में भी देर किया ... उनको यह जरूरी नहीं लगता कि छात्राओं को खेल और शारीरिक गतिविधियों का मौका मिलना चाहिए।
 
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