मेरी राय है कि ऐसी गड़बड़ी से बचने के लिए हमें अपने बच्चों को जागरूक करने की जरूरत है। ये सोचा नहीं जा सकता कि एक छोटी लड़की को इतनी दर्दनाक स्थिति में डाला गया हो।
हमारे देश में शिक्षा को बहुत महत्व दिया जाता है, लेकिन शिक्षकों और प्रशिक्षकों की भूमिका पर ध्यान नहीं दिया जाता। शिक्षकों को अपने छात्रों के साथ खुलकर बात करनी चाहिए, उनकी परेशानियों को समझना चाहिए और उन्हें सहायता देनी चाहिए।
जैसे ही हमारे स्कूलों में इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो बच्चों को यह ज्ञान होना चाहिए कि अगर वह भी ऐसी स्थिति में पड़ जाएं तो क्या करें।