कांग्रेस का इस्लाम खंडन पर गहरा प्रभाव
वारिस पठान के बयान ने मुस्लिम समुदाय में आक्रोश की लहर फैलाई है। मौलाना रशीदी, जो विश्वास हिंदू समूह विश्वास हिंदू संगठन के अध्यक्ष हैं, ने इस दावे पर सवाल उठाया है कि क्यों कांग्रेस कहती है कि मुसलमान भाजपा से नाराज हैं। उन्होंने कहा है, "मुसलमानों को अपने मतदान अधिकार हैं, वोट देने का हमें कोई अधिकार नहीं है।"
उन्होंने इस्लाम की बात करते हुए कहा, "अब कई मुसलमान सपा, आप, राजद जैसी पार्टियों को अपना मतदान दे रहे हैं। कांग्रेस परेशान है क्योंकि भाजपा को भी 10-12% मुस्लिम वोट मिल रहे हैं". उन्होंने यह भी कहा है, "अब वह सड़कों पर नहीं उतरती, सिर्फ बयानबाजी करती है। वोट चाहिए तो मुसलमानों के लिए संघर्ष करना होगा।"
उन्होंने इस्लाम के आधार पर यह भी कहा, "मुसलमान आजाद हैं, वे किसी भी दल को वोट दे सकते हैं, भाजपा को भी।" उन्होंने यह भी कहा है, "कांग्रेस ने इस्लाम खंडन की पार्टी बन गई है। उनके मुसलमानों के मतदान पर दखल देने की जरूरत नहीं है क्योंकि हमें यह पता ही चाहिए कि भाजपा मुस्लिम समुदाय को वोट देने की क्या प्रक्रिया बताती है।"
उन्होंने इस्लाम के आधार पर भी कहा, "हमें यह नहीं समझना है कि किसी को वोट देने की अनुमति मिली। हमें यह समझना है कि मतदान एक स्वतंत्र अधिकार है, इसीलिए इसके लिए कोई शर्त नहीं होनी चाहिए।"
वारिस पठान के बयान ने मुस्लिम समुदाय में आक्रोश की लहर फैलाई है। मौलाना रशीदी, जो विश्वास हिंदू समूह विश्वास हिंदू संगठन के अध्यक्ष हैं, ने इस दावे पर सवाल उठाया है कि क्यों कांग्रेस कहती है कि मुसलमान भाजपा से नाराज हैं। उन्होंने कहा है, "मुसलमानों को अपने मतदान अधिकार हैं, वोट देने का हमें कोई अधिकार नहीं है।"
उन्होंने इस्लाम की बात करते हुए कहा, "अब कई मुसलमान सपा, आप, राजद जैसी पार्टियों को अपना मतदान दे रहे हैं। कांग्रेस परेशान है क्योंकि भाजपा को भी 10-12% मुस्लिम वोट मिल रहे हैं". उन्होंने यह भी कहा है, "अब वह सड़कों पर नहीं उतरती, सिर्फ बयानबाजी करती है। वोट चाहिए तो मुसलमानों के लिए संघर्ष करना होगा।"
उन्होंने इस्लाम के आधार पर यह भी कहा, "मुसलमान आजाद हैं, वे किसी भी दल को वोट दे सकते हैं, भाजपा को भी।" उन्होंने यह भी कहा है, "कांग्रेस ने इस्लाम खंडन की पार्टी बन गई है। उनके मुसलमानों के मतदान पर दखल देने की जरूरत नहीं है क्योंकि हमें यह पता ही चाहिए कि भाजपा मुस्लिम समुदाय को वोट देने की क्या प्रक्रिया बताती है।"
उन्होंने इस्लाम के आधार पर भी कहा, "हमें यह नहीं समझना है कि किसी को वोट देने की अनुमति मिली। हमें यह समझना है कि मतदान एक स्वतंत्र अधिकार है, इसीलिए इसके लिए कोई शर्त नहीं होनी चाहिए।"