देशभर में शनिवार के रात को सबसे बड़ा चांद सुपरमून दिखाई दे रहा है। यह 2026 का पहला सुपरमून है और इस दौरान चंद्रमा का आकार सामने से करीब 14 गुना बड़ा दिख रहा है। साथ ही 30% ज्यादा चमकीला भी नजर आ रहा है।
पूर्णिमा और सुपरमून में बहुत रिश्ता है। हर पूर्णिमा को सुपरमून नहीं होता, लेकिन हर सुपरमून पूर्णिमा को ही होता है। चांद पृथ्वी के आसपास अंडाकार रेखा में चक्कर लगाता है, इसलिए पृथ्वी और चांद के बीच की दूरी हर दिन बदलती रहती है।
सुपरमून तब होता है जब चंद्रमा धरती का चक्कर लगाते-लगाते उसकी कक्षा के बहुत करीब आ जाता है। इस स्थिति को पेरिजी कहा जाता है, जबकि चांद धरती से दूर जाने पर उसे अपोजी कहते हैं।
सुपरमून हर साल तीन से चार बार देखा जाता है। इसके बाद 2026 के अंत में अगला सुपरमून दिखेगा।
पूर्णिमा और सुपरमून में बहुत रिश्ता है। हर पूर्णिमा को सुपरमून नहीं होता, लेकिन हर सुपरमून पूर्णिमा को ही होता है। चांद पृथ्वी के आसपास अंडाकार रेखा में चक्कर लगाता है, इसलिए पृथ्वी और चांद के बीच की दूरी हर दिन बदलती रहती है।
सुपरमून तब होता है जब चंद्रमा धरती का चक्कर लगाते-लगाते उसकी कक्षा के बहुत करीब आ जाता है। इस स्थिति को पेरिजी कहा जाता है, जबकि चांद धरती से दूर जाने पर उसे अपोजी कहते हैं।
सुपरमून हर साल तीन से चार बार देखा जाता है। इसके बाद 2026 के अंत में अगला सुपरमून दिखेगा।