दिल्ली में शीतलहर के दौरान लोगों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन कड़ाके की ठंड अभी भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 4 दिन तक शीतलहर चलने की संभावना नहीं जताई गई, लेकिन कोहरे का यलो अलर्ट जारी है।
शनिवार की शाम को दिल्ली में तेज़ ठंडी हवाएं आईं और गलन बढ़ी। हालांकि, सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता कम रही, लेकिन दोपहर बाद सूर्यदेव ने दर्शन कर दिए, इससे लोगों को थोड़ी राहत मिली। शाम के वक्त फिर तेज़ ठंडी हवाएं आईं और गलन बढ़ गई।
रात के समय तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि दोपहर के वक्त हवा की गति महज 5 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।
दिल्ली में लगातार पड़ रही ठंड के कारण ऑर्थोपेडिक मरीजों की संख्या में तेज़ी से इजाफा हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार सर्दियों में इन समस्याओं के मामले सामान्य दिनों की तुलना में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं।
इसी तरह, गुरू तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ प्रवीण कुमार ने बताया है कि लोग दर्द होने पर बिना जांच के पेन किलर लेना शुरू कर देते हैं, जिससे कुछ समय के लिए दर्द दब जाता है, लेकिन बीमारी जड़ से ठीक नहीं होती।
शनिवार की शाम को दिल्ली में तेज़ ठंडी हवाएं आईं और गलन बढ़ी। हालांकि, सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता कम रही, लेकिन दोपहर बाद सूर्यदेव ने दर्शन कर दिए, इससे लोगों को थोड़ी राहत मिली। शाम के वक्त फिर तेज़ ठंडी हवाएं आईं और गलन बढ़ गई।
रात के समय तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि दोपहर के वक्त हवा की गति महज 5 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।
दिल्ली में लगातार पड़ रही ठंड के कारण ऑर्थोपेडिक मरीजों की संख्या में तेज़ी से इजाफा हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार सर्दियों में इन समस्याओं के मामले सामान्य दिनों की तुलना में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं।
इसी तरह, गुरू तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ प्रवीण कुमार ने बताया है कि लोग दर्द होने पर बिना जांच के पेन किलर लेना शुरू कर देते हैं, जिससे कुछ समय के लिए दर्द दब जाता है, लेकिन बीमारी जड़ से ठीक नहीं होती।