धधकने लगा था नाइट क्लब, बेली डांसर थिरकती रही: जलने से ज्यादा मौतें दम घुटने से कैसे हुईं, ऐसी जगह फंसे तो क्या करें

गोवा के नाइट क्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। इस दुर्घटना में ज्यादातर मौतें जलने से नहीं, बल्कि दम घुटने के कारण हुईं। आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने में देरी कर दी, जिससे अधिक मौतें हो सकती थीं।
 
अरे भाई, यह तो बहुत बड़ा दुर्घटना है। गोवा में ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए। नाइट क्लब में आग लगना और लोगों की जान जोखिम में डालना बिल्कुल सही नहीं है। फायर ब्रिगेड को तुरंत आग पर काबू पाने की जरूरत थी, ताकि अधिक मौतें न हों। यह दुर्घटना बहुत ही संदेहास्पद है और हमें इस पर अच्छी जांच करनी चाहिए। 🤕😔
 
मैंने गोवा की इस दुर्घटना से बहुत दुख महसूस किया है। आग लगने के बाद तेजी से काम करना चाहिए, ताकि लोगों को बचाया जा सके। फायर ब्रिगेड के पास इतनी मेहनत और प्रशिक्षण भी है, इसलिए आग पर काबू पाने में देरी करना समझदारी नहीं है। ऐसे दुर्घटनाओं से हमें सबक मिलता है कि हर सेकंड जिंदगी की होती है।
 
आग लगने से 25 लोगों की मौत, यह तो बहुत दुखद है 🤕। मुझे लगता है कि गोवा में नाइट क्लबों की इतनी घनासारी होने पर क्या प्रतिक्रिया कर रहे सरकार और रजिस्ट्रेशन बोर्ड? आग लगने से कई घायल हुए, यह तो बहुत बड़ा दुर्घटना के मामले है। फायर ब्रिगेड की कार्रवाई में देरी करना जानलेवा हो सकता था, इसीलिए सरकार और प्रशासन को अपने नियमों और कानूनों को लागू करके सुरक्षित भवन बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
 
😱 यह तो बहुत बड़ा दुर्घटना का संदेश आ रहा है। मुझे लगता है कि यह नाइट क्लब में आग लगने के पीछे कुछ भी नहीं है। फायर ब्रिगेड की देरी तो चिंताजनक है, लेकिन मैं सोचता हूँ कि यह शायद सरकार की नई नाइट क्लब विस्तार नीति के खिलाफ था। याद करें जब सरकार ने सभी नाइट क्लबों पर लगाने वाले टैक्स बढ़ा दिए थे, तो इस तरह की दुर्घटनाएं होती रहती हैं। मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा गिरोह का खेल है, जिसमें सरकार और नाइट क्लबों के बीच मुठभेड़ हो रही है।
 
अरे भाई, यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। गोवा के नाइट क्लब में आग लगने से जान जिंदगी लेने की बात कर रही थी। 25 लोगों की मौत और कई घायल, यह तो बहुत ही दुखद है। मैं समझ नहीं पा रहा हूँ कि आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड ने इतनी देर में आग पर काबू कर लिया। अगर उनकी गतिविधि तेज़ थी, तो ज्यादातर मौतें जलने से नहीं हुईं, बल्कि दम घुटने के कारण हुईं। यह एक बहुत बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और हमें इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
 
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