दलितों के साथ डिनर, हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर नजर: बंगाल में RSS का 5 पॉइंटर प्लान, हर हिंदू के घर तक पहुंचे BJP

दलितों के साथ डिनर, हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर नजर: बंगाल में RSS का 5 पॉइंटर प्लान, हर हिंदू के घर तक पहुंचे BJP
 
अरे, यह देखकर मुझे बहुत निराशा हो रही है... बंगाल में आरएसएस का ये प्लान तो मुझे लग रहा है कि वे खुद को बड़ा-बड़ा कर रहे हैं... दलितों के साथ डिनर पर हिंसा की बात सुनकर मेरा दिल दर्द हो रहा है। मुझे लगता है कि वे न तो समझते हैं कि दलितों की समस्याएं भी हैं, और न ही वे अपने खुद के समाज में सुधार लाने का प्रयास करते हैं।

और भाजपा का ये दावा कि हर हिंदू को घर तक पहुंचाया जाएगा, तो यह तो मुझे बहुत चिंतित कर रहा है। हमें अपने समाज में विभाजन की बात नहीं करनी चाहिए, बल्कि सामाजिक सुधार और एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए... मुझे लगता है कि यह प्लान तो हमारे देश के लिए नुकसानदायक होगा।
 
बिहार में दिग्गज नेताओं की दलितों के साथ डिनर पर नजर, भले ही यह एक अच्छा कदम लगे, लेकिन इसका क्या परिणाम होगा, यह जानना जरूरी है। RSS के 5 पॉइंटर प्लान से तो हमें आशा है कि हिंदुओं के खिलाफ हिंसा कम होगी, लेकिन अगर ये कोई मुहावरा है, तो हमें सच्चाई की तलाश करनी होगी। BJP ने भी इस मुद्दे पर सावधानी बरतनी चाहिए। क्या यह प्लान हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए बनाया गया है, या फिर कुछ और? मुझे लगता है कि अगर हमें सच्चाई बतानी है तो हमें इन प्लानों की जांच करनी चाहिए। 🤔
 
मुझे भारत की बहुत जटिलता पसंद है 🤯। जब भी कोई नई चीज़ होती है, तो मैं सोचता हूँ कि शायद यह भी एक अच्छा साबित होगा। RSS के 5 पॉइंटर प्लान पर नज़र डालने की बात करें तो... मुझे लगता है कि उनका उद्देश्य अपने ही लोगों को समझाना और उन्हें एक साथ लाना है। दलितों के साथ खाने का यह फैसला भी एक अच्छा सोचा जाने वाला है... शायद इससे दोनों समुदायों के बीच मिलकर काम करने का मौका मिलेगा। लेकिन मुझे लगता है कि हमें यह भी सोचना चाहिए कि इस तरह के कार्यों से जुड़े लोगों को उनके कार्यों के पीछे के कारणों के बारे में बात करनी चाहिए।
 
😒 यह रिपोर्ट बहुत चिंताजनक है... बंगाल में ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई? 🤔 RSS का 5 पॉइंटर प्लान तो दूरदराज के इलाकों में भी हमारे देश के लोगों को डरा रहा है। 💥

मुझे लगता है कि सरकार और राजनीतिक दलों को यह समझना चाहिए कि ऐसी गतिविधियाँ नहीं होने देनी चाहिए। हमें एकजुट होकर अपने समाज को सुरक्षित बनाने की जरूरत है। 👥

लेकिन, यह बात तो आसानी से कही जा सकती है, लेकिन इसके पीछे मेहनत और दृढ़ संकल्प की जरूरत है। हमें अपने समाज को बदलने के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए। 💪

कुछ लोग यह कह सकते हैं कि यह सब किसानों और मजदूरों की आर्थिक मदद के लिए है, लेकिन मुझे लगता है कि ऐसा न केवल सटीक नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज को भी नुकसान पहुंचा रहा है। 🤷‍♂️
 
राजनीति की गंदगी देखकर तो थोड़ा खेद होता... लेकिन दिलचस्प है कि बंगाल में RSS के प्लान से हमें क्या सीखने को मिलता है? 5 पॉइंटर प्लान की जांच करते समय यह सोचकर अच्छा लगा कि भाजपा ने राजनीतिक लाभ के लिए दलितों के साथ डिनर का आयोजन किया... और फिर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर नजर रखी? यह तो बहुत दिलचस्प है।

अगर भाजपा के प्लान में ऐसी चीजें हैं जो सच हैं, तो लोगों को सोचने पर मजबूर किया जाएगा। यह हमारे समाज को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।
 
तो यह वाह! 🤯 भारत में दलितों की स्थिति तो अच्छी नहीं है, हमें उन्हें सम्मान देना चाहिए, परंतु कुछ लोग उनके खिलाफ हिंसा कर रहे हैं, यह बहुत ही दुखद है 🤕। मैंने देखा है कि बंगाल में RSS का प्लान तो बहुत ही खतरनाक है, उन्होंने 5 पॉइंटर प्लान बनाया है जिसमें सारे हिंदू घर तक पहुंचे बीजेपी नेता जाएगे, यह तो बहुत ही चिंताजनक है 🚨

मैं समझ नहीं पाऊंगा कि हमें इतनी भेदभाव क्यों करना पड़ रहा है, हमारे देश में सभी धर्म और समुदाय के लोग एक ही देश में रहते हैं, इसलिए हमें एक दूसरे को सम्मान देना चाहिए।
 
RSS ki ye sab cheezon ka matlab yah nahi hai ki ve hamein kisi bhi din ke liye taayyar kar rahe hain. Yeh sachai hai ki unke 5 poyinter plan me daliton ke saath dinner banaya gaya hai aur yah ek bahut hi ajeeb cheez hai.

Main sochta hu ki RSS ka ye plan kisi bhi aisa nahi hai jo vah hamein apne aadhar par laga sake. Ye ek bahut hi asambhav cheez hai. Main yah ummeed karta hu ki BJP aur RSS ke beech kuchh judaav ho gaya hai taaki RSS ka ye plan fail jayega.

Lekin main sochta hu ki ye plan kabhi bhi samajh na sakega. Yeh ek bahut hi asambhav cheez hai jo kisi bhi aisa nahi hai. Main yah ummeed karta hu ki humein apne adhikaaron ke liye ladna padega taaki RSS ka ye plan fail jayega. 🤔
 
बंगाल में ऐसी चीजें होना नहीं चाहिए… RSS और भाजपा के द्वारा दलितों को उनके अधिकारों के लिए खेलने की जरूरत नहीं। जैसे आज रात की बात है, आरएसएस का 5 पॉइंटर प्लान लागू करने से पहले उन्हें पता चल गया है कि क्या निकलेगा… क्या ये दलितों को खेलने के लिए मजबूर कर देंगे, भाजपा और आरएसएस तो बस मीडिया पर प्रोपेगेंडा चलाते रहते हैं… बंगाल में ऐसी स्थिति नहीं बनाई जानी चाहिए… 🤔
 
ਹवा ਆਈ, ਸੋਚ ਕਰੀਏ। ਬੰਗਾਲ ਵਿੱਚ RSS ਦੇ 5 ਪੁੰਜ ਯੋਜਨਾ ਤੋਂ ਮੈਨੂੰ ਕੀ ਆਸ਼ਾ ਹੈ? ਇਹ ਸਿਧਾਂਤ ਦੱਸਣ ਲਈ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਮੋਹਰੀ ਸੌਣ ਵਾਲੇ ਹਨ, ਪਰ ਜਿੱਥੇ ਚੰਗੀ ਕਾਰ ਹੈ, ਉਧਰ ਵੀ ਮੁਸ਼ਕਿਲਾਂ ਦਾ ਸਿਰ ਝੁਮਾ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਹਨ।

ਬੰਗਾਲ ਵਿੱਚ ਕਈ ਅਸੀਂ ਵੀ ਆਪਣੇ ਘਰ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਜਾ ਕੇ ਦੁਨੀਆ ਦੇ ਗੱਲਾਂ ਸੁਣਦੇ ਹਾਂ। ਅੱਜ ਵੀ, ਮੈਨੂੰ ਪਤਾ ਚਲਿਆ ਕਿ ਬੰਗਾਲ ਵਿੱਚ ਇਹ 5 ਪੁੰਜ ਯੋਜਨਾ ਫੈਲਾਉਣ ਦੀ ਯੋਜਨਾ ਹੈ। ਕਿਸੇ ਵੀ ਮੰਗੇ ਬਾਰੇ ਚੇਤੇ ਨਹੀਂ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ।

ਜੇਕਰ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਬਲ ਵਿੱਚ ਮਨੁੱਖਤਾ ਅਤੇ ਸਹਿਭਾਗਤਾ ਦੀ ਪਾਲਤ ਕਰਦੇ ਹਾਂ, ਤਾਂ ਜੀ ਆਈਆਈ ਵਰਗੀਆਂ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਲਈ ਕੋਈ ਖ਼ਰਾਬ ਨਹੀਂ ਹੋਣ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ।
 
मुझे लगता है कि यह सारा चल रहा है एक बहुत बड़ा खेल। ये राष्ट्रवादी लोग हमेशा से ही हमें एक दूसरे खिलौनों को बनाते रहते हैं। पहले तो हमारा ध्यान दलित समाज पर मिल जाएगा, फिर यह भेदभाव पूरे देश में फैल जाएगा। और अब जब बंगाल में RSS की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं, तो सारा सब एक ही खेल बन गया है। यह बीजेपी का 5-पॉइंटर प्लान है, जिसका अंतिम लक्ष्य हर हिंदू के घर तक पहुँचना है। लेकिन कोई ऐसा नहीं है जो उन्हें रोक सके। मुझे लगता है कि हमारी सोशल मीडिया पर तीनों खिलौने एक ही समय में चलते दिखाई देते हैं, लेकिन क्या सच्चाई तय करेगी?
 
शायद यही सवाल उठता है कि देश में समाज को बराबर बनाने के लिए क्यों इतनी जोर दिया जाता है? यह प्लान RSS से तो नहीं आ रहा था, ये तो भाजपा और उसके साथी संगठनों का खेल है। अगर हमारे देश में दलितों के साथ इतनी हिंसा होती है, तो क्या यह भारत जैसा विश्व कैसा दिखेगा? राजनीति करने के लिए जहरीले पदार्थों से भरा पानी पीने की बात नहीं है। हमें अपने देश को बचाने के लिए, एक-दूसरे के प्रति करुणा और सहानुभूति का दर्शन करना चाहिए।
 
राजनीति की गड़बड़ी से पहले हमें अपने समाज को देखना चाहिए। बंगाल में ऐसी स्थितियाँ तो नहीं होनी चाहिए जहां एक समुदाय के खिलाफ हिंसा होती है और इसके लिए कोई जवाब नहीं देता। यह RSS के 5 पॉइंटर प्लान से जुड़ा हुआ है, लेकिन मुझे लगता है कि यह राजनीतिक एजेंडा है।

हमें यह सोचना चाहिए कि हमारे समाज में कैसे सकारात्मकता और शांति की भावना बनाए रखी जाए। हमें अपने दिलचस्पों से व्यापार करना चाहिए, न कि दूसरों को नुकसान पहुंचाने का।

राजनीतिक दलों को हमारे समाज को देखने और समझने की जरूरत है। हमें एक साथ मिलकर सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए।
 
बिल्कुल सही है यह... बंगाल में RSS के 5 पॉइंटर प्लान से दलितों और सभी जातियों का भाई-भाई का संबंध बढ़ेगा। ये कोई हिंसक गतिविधि नहीं है, बल्कि एक सामाजिक बदलाव की दिशा में कदम है। यह प्लान हमारे देश को एकता और समानता की दिशा में बढ़ने का रास्ता दिखाएगा।

ये प्लान तो बस इतना है कि हर हिंदू को अपने घर तक पहुंचे BJP के नेताओं से मिलने का अवसर मिले, ताकि वे अपने समाज की समस्याओं के बारे में चर्चा कर सकें। यह प्लान हमारे देश को एक और नए युग में ले जाएगा, जहां सभी जातियों के लोग एक साथ मिलकर बढ़ेगी।
 
भारतीय जनता पार्टी को यह तय करना चाहिए कि वे हमेशा से क्या बनेंगे, और अगर भाइयों की बात करें, तो मुझे लगता है कि उनका भी कुछ सोचते समय होगा, किसी भी तरह से यह समझना जरूरी है कि डिनर का माहौल कैसे बनाया जाए, तो खिलौनों के सहारे ना तो बच्चे बड़े हो सकते हैं और ना ही देश 🤔

अगर बंगाल में RSS का प्लान है तो यह जरूर सोच लें, कि अगर हिंदू समाज के लिए भागीदारी शुरू की जाए, तो भाइयों को रुकना चाहिए और सोच लेना चाहिए कि दूसरों की बात सुनना जरूरी है 🤝
 
निरंतर समाज को सुधारने की बातें होती रहती हैं लेकिन दिखाई देता है कि कुछ लोग सिर्फ राजनीति करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 5 पॉइंटर प्लान पर नज़र डालने से पहले, मैं एक सवाल हूँ - क्या ये प्लान सिर्फ दलितों के साथ खाना खिलाने के लिए नहीं बनाया गया था, बल्कि यह भी दिखाता है कि हमें अपने समाज में शांति और सौहार्द को बढ़ावा देने की जरूरत है। मैं उम्मीद करता हूँ कि सरकार और राजनीतिक दल एक-दूसरे के साथ सहयोग करेंगे ताकि हमारा समाज समृद्धि और शांति के मार्ग पर अग्रसर हो सके। 🙏💕
 
मुझे लगता है कि यह सारा खेल राजनीति का। भाजपा तो बसे रोटी-कपड़ा देने के लिए है, और RSS तो बसे सियासत में खेलने वालों का खिलाड़ी बन गया है। लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि यह सब ठीक नहीं है। क्योंकि ये दोनों ही दलितों के साथ डिनर पार्टी करने वाले हैं, लेकिन हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर नजर न हो। और फिर, RSS का 5 पॉइंटर प्लान तो बसा एक्सप्लेनेट कर दिया गया, लेकिन मुझे लगता है कि यह सब सिर्फ़ एक बच्चे की खेलने की चीज़ है। 🤔
 
RSS की योजना देखकर मुझे थोड़ा चिंतित हुआ 🤔। यह सोच कर कि दलितों और अन्य अल्पसंख्यक समूहों के साथ उनका खेल कैसे चलेगा, तो मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ी समस्या है। 5 पॉइंटर प्लान नाम से दिया गया यह योजना हमेशा से ही विभाजन और असमानता का सिद्धांत पर आधारित रही है, और मुझे लगता है कि यह किसी भी समाज में समृद्धि और एकता को बढ़ावा नहीं देगी।

इस योजना से हमारे समाज में और भी गहरी असमानताएँ बन जाएंगी, और दलितों और अन्य अल्पसंख्यक समूहों के लिए यह एक बहुत बड़ी चुनौती होगी। मुझे लगता है कि हमें इस तरह की योजनाओं से निपटने के लिए हमारी सरकार और सभी समाज को एकजुट होने की जरूरत है, ताकि हम सभी के लिए समान अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकें।
 
अरे, इस दुनिया में कई तरह की मुद्दे आते रहते हैं, लेकिन तो एक बात जरूर है कि सभी जीवन को समान रूप से मानते हुए हमें अपने मतभेदों को भूलने की जरूरत है। RSS का यह प्लान, मुझे थोड़ा चिंतित करता है, खासकर जब वे दलितों के साथ डिनर पर हिंसा की बात करते हैं। यार, हमें अपने मतभेदों को भूलने की जरूरत है, और दूसरों के प्रति सहानुभूति रखें।

मुझे लगता है कि BJपी के यह प्लान, उनकी राजनीतिक ताकत को बढ़ाने के लिए बनाया गया है, लेकिन इससे हमारे समाज में तनाव और भेदभाव बढ़ जाएगा। हमें अपने देश को एकजुट करने की जरूरत है, न कि अलग-अलग वर्गों को टूटने की ओर ले जाने की।
 
बतना तो यार,RSS द्वारा बंगाल में हुए यह फैसला, तो देखिए, दलितों के साथ डिनर पर नजर और हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर देखने की कोशिश कर रहे हैं ? 😂 ये तो पूरी तरह से विपरीत है , भाई , RSS का यह 5 पॉइंटर प्लान, नामुमकिन है, जैसे कहिए? 🤦‍♂️ कोई ऐसा फैसला नहीं लिया गया, जिससे हर हिंदू को अपने घर तक पहुंचाया जाए। यह सिर्फ मीडिया पर ध्यान देने की बात है, देखिए, भाई , चालाकी, यह तो सबकुछ है 🤣
 
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