पिछले वित्त वर्षों में, भारतीय अर्थव्यवस्था ने संचालन सिंदूर, रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-फिलिस्तीन और ईरान के मोर्चे पर संकट का सामना करना पड़ा था। इन चुनौतियों ने विश्व आर्थव्यवस्था पर भी अपना प्रभाव डाला है। इससे पूरी दुनिया के शेयर बाजारों में हलचल मच गई और पूरे व्यापार पर असर पड़ा।
भारत के लिए, ये चुनौतियाँ बहुत महत्वपूर्ण थीं, खासकर जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ा, लेकिन हमने इन चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी ताकत को दिखाया।
आज, आर्थिक सर्वे पेश करने जा रही है, जिसमें यह पता चलेगा कि भारत वस्तुतः कितनी विकास दर हासिल करने में सफल रहा है। हमें उम्मीद है कि सरकार ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी रणनीति बनाई होगी।
सरकार ने पिछले एक दशक में निर्माण को अर्थव्यवस्था की कुंजी बना रखा है। मेट्रो, सड़क, रेल और हवाई जहाज सहित तमाम मूलभूत ढांचे में भारी निवेश ने भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने का काम किया है। अगर सर्वे में इसके बेहतर परिणाम आने तो सरकार इसे और बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित हो सकती है।
लेकिन, आर्थिक सर्वे से यह भी पता चलेगा कि रोजगार निर्माण के क्षेत्र में सरकार के लिए कितनी चुनौतियाँ खड़ी हुई हैं। अगर सर्वे में सरकार की चुनौती बढ़ी हुई दिखाई देती है तो आगामी बजट में रोजगार निर्माण को सबसे अधिक प्राथमिकता देखने को मिल सकती है।
भारत के लिए, ये चुनौतियाँ बहुत महत्वपूर्ण थीं, खासकर जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ा, लेकिन हमने इन चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी ताकत को दिखाया।
आज, आर्थिक सर्वे पेश करने जा रही है, जिसमें यह पता चलेगा कि भारत वस्तुतः कितनी विकास दर हासिल करने में सफल रहा है। हमें उम्मीद है कि सरकार ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी रणनीति बनाई होगी।
सरकार ने पिछले एक दशक में निर्माण को अर्थव्यवस्था की कुंजी बना रखा है। मेट्रो, सड़क, रेल और हवाई जहाज सहित तमाम मूलभूत ढांचे में भारी निवेश ने भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने का काम किया है। अगर सर्वे में इसके बेहतर परिणाम आने तो सरकार इसे और बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित हो सकती है।
लेकिन, आर्थिक सर्वे से यह भी पता चलेगा कि रोजगार निर्माण के क्षेत्र में सरकार के लिए कितनी चुनौतियाँ खड़ी हुई हैं। अगर सर्वे में सरकार की चुनौती बढ़ी हुई दिखाई देती है तो आगामी बजट में रोजगार निर्माण को सबसे अधिक प्राथमिकता देखने को मिल सकती है।