बसंत फिर से उत्पन्न हुआ, यह तो अच्छा है कि जनता अपना बोलबाला कर सके। लेकिन ED ने फिर से इस्तेमाल करने का प्लान तैयार किया, यह चुनावी रणनीति दिखाई देती है। ममता जी और I-PAC, TMC नेताओं को याद रखना चाहिए कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी ऐसे ही छापेमारी हुए थे। बसंत का फूल खुलता है तो लोगों की आवाज सुनने की जरूरत। ED ने यह फैसला नहीं किया, यह तय ममता जी और उनके प्रखंडों द्वारा किया गया।