केसी वीरेंद्र और उनके सहयोगियों को अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए की गतिविधियों में शामिल होने का दोष दिया गया है। उन्होंने अपने खेल स्थलों के माध्यम से आम जनता के साथ धोखाधड़ी करने की प्लानिंग की। उन्होंने विश्वास दिलाकर भोले-भाले खिलाड़ियों को पैसा लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। फर्जी जीत दिखाकर उन्हें निकासी रोक देने की प्लानिंग थी।
आरोपियों ने अपनी 'अपराध की आय' लॉन्ड्रिंग करने के लिए कई फर्जी खातों और पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल किया। जांच एजेंसी द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में कृषि भूमि, आवासीय भूखंड, अचल संपत्तियां और अन्य चल संपत्तियां शामिल हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पीएमएलए की धारा 17 के तहत कई राज्यों में व्यापक तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। इसके दौरान भारी मात्रा में नकदी, सोने की सिल्लियां, सोने और चांदी के आभूषण, वाहन, डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे।
ईडी ने पीएमएलए की धारा 19 के तहत केसी वीरेंद्र को गिरफ्तार भी किया था। जांच के दौरान जुटाए गए ठोस सबूतों के आधार पर, ईडी ने केसी वीरेंद्र की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से धारित संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
ईडी ने वर्तमान मामले में 320 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की हैं। इसके अलावा, जांच के दौरान, अब तक 2300 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध की आय की पहचान की गई है, जो अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए की गतिविधियों के माध्यम से अर्जित की गई थी।
आरोपियों ने अपनी 'अपराध की आय' लॉन्ड्रिंग करने के लिए कई फर्जी खातों और पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल किया। जांच एजेंसी द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में कृषि भूमि, आवासीय भूखंड, अचल संपत्तियां और अन्य चल संपत्तियां शामिल हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पीएमएलए की धारा 17 के तहत कई राज्यों में व्यापक तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। इसके दौरान भारी मात्रा में नकदी, सोने की सिल्लियां, सोने और चांदी के आभूषण, वाहन, डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे।
ईडी ने पीएमएलए की धारा 19 के तहत केसी वीरेंद्र को गिरफ्तार भी किया था। जांच के दौरान जुटाए गए ठोस सबूतों के आधार पर, ईडी ने केसी वीरेंद्र की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से धारित संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
ईडी ने वर्तमान मामले में 320 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की हैं। इसके अलावा, जांच के दौरान, अब तक 2300 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध की आय की पहचान की गई है, जो अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए की गतिविधियों के माध्यम से अर्जित की गई थी।