पाकिस्तान और चीन को अब रातों की नींद हराम, अग्नि-3 ने उड़ान भरी, एक सेकंड में 5 किमी की रफ्तार से सफलतापूर्वक अपना परीक्षण कर लिया। रक्षा मंत्रालय ने इस सफलता पर गर्व जताया और कहा, यह परीक्षण भारत की स्ट्रैटेजिक डिटरेंस क्षमता को विश्वसनीय और मजबूत बनाने में एक बड़ा कदम है।
अग्नि-3 पहले से ही भारतीय सेना में शामिल थी, लेकिन इस सफलता से उसकी रेडीनेस और विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने के लिए नियमित परीक्षण की आवश्यकता बढ़ गई है। यह सफलता भारत की परमाणु त्रयी (Nuclear Triad) को मजबूती देती है, जिसमें जमीन, हवा और समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि मिसाइल ने अपनी तय योजना के मुताबिक अपना मिशन पूरा किया, और इसके परिणामस्वरूप भारत को एक शक्तिशाली रक्षा सुरक्षा प्रदान हुई है। यह सफलता पाकिस्तान और चीन के लिए एक बड़ा चिंता का कारण बन सकती है, और इससे भारतीय सेना की तैनाती और तैयारी में वृद्धि होगी।
अग्नि-3 पहले से ही भारतीय सेना में शामिल थी, लेकिन इस सफलता से उसकी रेडीनेस और विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने के लिए नियमित परीक्षण की आवश्यकता बढ़ गई है। यह सफलता भारत की परमाणु त्रयी (Nuclear Triad) को मजबूती देती है, जिसमें जमीन, हवा और समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि मिसाइल ने अपनी तय योजना के मुताबिक अपना मिशन पूरा किया, और इसके परिणामस्वरूप भारत को एक शक्तिशाली रक्षा सुरक्षा प्रदान हुई है। यह सफलता पाकिस्तान और चीन के लिए एक बड़ा चिंता का कारण बन सकती है, और इससे भारतीय सेना की तैनाती और तैयारी में वृद्धि होगी।