आज भी मन में आया विचार है कि हमारे देश की हवाई यातायात सुरक्षा कैसे बेहतर बनाई जाए! लियर्जेट-45 प्लेन क्रैश ने दिल दहला दिया, खासकर जब यह अजित पवार की 8 बार जीती सीट पर हुआ। #सुरक्षाहवाई
क्या हमें अपने विमानों में उन्नत सुरक्षा उपकरण और प्रौद्योगिकियों को लागू करने की जरूरत नहीं? कुछ ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं ताकि भविष्य में ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं न हों। #सुरक्षासुधार
यह एक बड़ा सबक है और हमें अपने देश की सुरक्षा को बनाए रखने के लिए एक साथ काम करना चाहिए। मुझे लगता है कि सरकार को भी इस मामले पर ध्यान देने की जरूरत है और जल्द से जल्द समाधान निकालना चाहिए। #सुरक्षादिन
बस ये तो बहुत ही दुखद और गंभीर खबर है । मुझे लगता है कि इससे हमें एक बार फिर से सवाल उठाने की जरूरत है कि हमारी विमानन सुरक्षा कैसे हो रही है। यानी कि क्या हमारे पास पर्याप्त जानकारी और रिकॉर्ड हैं कि कितनी सावधानियां बरती जा रही हैं और कितनी अच्छी सुरक्षा उपायों को लागू किया जा रहा है? मुझे लगता है कि यहाँ पर सरकार और विमानन प्राधिकरण दोनों को अपने काम की जांच करनी चाहिए। क्या हमें पता है कि इस प्लेन में कितने लोग सवार थे? उनकी पहचान क्या थी? और सबसे जरूरी बात यह कि आग्नेयास्त्र कैसे लगे डाले गए थे। ये सब सवालों क जवाब देने की जरूरत है ।
ये तो बहुत दुखद खबर है बारामती में लियरजेट-45 प्लेन क्रैश, यह तो हम सभी को हिला हिला कर रहा है। मेरा दिल साथियों के परिवारों के लिए यह बात सुनना बहुत मुश्किल है । अजित पवार जी की 8 बार जीती सीट पर निकला घाव, यह तो हमें बहुत गुस्सा कर देता है। लेकिन हमें अपने देश के नागरिकों के लिए एकजुट रहना चाहिए और उन्हें सहयोग करना चाहिए।
मैं सोचती हूँ कि यह ऐसा वक्त है जब हम सभी एक दूसरे की मदद करें। सरकार और पुलिस ने अच्छी तरह से तैयारी नहीं की, लेकिन हम सब मिलकर सहायता करेंगे। जो लोग मर गए, उनके परिवारों को हमें मदद करनी चाहिए।
आज भी ऐसे दिन हैं जब मेरा मन भटकता है... बारामती में लियर्जेट-45 प्लेन क्रैश... यह बात मुझे बहुत दर्द देती है। मैं तो सोचता था कि हमने सबको सीख लिया है, लेकिन फिर भी ऐसी चीजें होती हैं। मेरे दिल में एक सवाल उठ रहा है - क्या हमारे पास विमान सुरक्षा सिस्टम में इतनी कमजोरी थी? और जो 8 लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिवार को क्या करना है? यह तो एक बहुत बड़ा दुख है। मैं बस चुपचाप बैठकर रह जाता, खुद भी नहीं सोच पाऊँगा। और फिर भी ऐसी चीजें होती हैं, जो हमें नींद से लेती हैं।
इस दुनिया में तो ऐसे ही कई सवाल हैं जिनका जवाब हम कभी नहीं ढूंढ सकते। बारामती में लियरजेट-45 प्लेन क्रैश, ये तो सिर्फ एक घटना है, लेकिन इसके पीछे कौनसी कारणों ने इस तरह मुश्किल में डाल दिया।
मेरे राय, यह सिर्फ सुरक्षा की बात नहीं है, बल्कि हमारी यात्रा परिस्थितियों की भी जिम्मेदारी। तो हमें इस तरह की घटनाओं को देखने के लिए और सोचते रहना चाहिए।
मैंने अपने परिवार को तो हमेशा यात्रा करते समय सुरक्षित रखने की बात कही होती है, इसलिए अब और भी जागरूक रहें।
मैंने सुना है कि बारामती में लियरजेट-45 प्लेन क्रैश हो गया है और अजित पवार की 8 बार जीती सीट पर सांस फूल गई है। यह बहुत दुखद है... मुझे लगता है कि ऐसी दुर्घटनाएं हमेशा यादगार होती हैं और हमें सोचते हुए ही चलना चाहिए। लेकिन मैं इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए हमें तैयार रहना चाहिए।
मुझे लगता है कि विमानन सुरक्षा पर अधिक ध्यान देना चाहिए। पायलटों और हवाई यात्रियों दोनों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। मैं उम्मीद करता हूँ कि ऐसी घटनाओं में फिर से नहीं होगी।
यह तो बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि बारामती में एक्जिट पोलिंग स्टेशन पर लियरजेट-45 प्लेन क्रैश हुआ और अजित पवार के नेतृत्व वाला पार्टी लोगों को भारी चोट पहुंची।
मुझे लगता है कि यह एक बड़ा सवाल है कि ऐसी घटनाएं तो अक्सर होती रहती हैं और हमें हमेशा आश्चर्यचकित रहना पड़ता है। लेकिन यहां पर सबसे ज्यादा चिंता यह है कि पार्टी लोगों को शामिल होने के लिए मजबूर कर रही थी, तो उनके सुरक्षा में क्या गलतियाँ हुईं?
मुझे ये दुर्भाग्य हुआ, यह तो बहुत भयानक है लियरजेट-45 प्लेन में इतने लोगों की जान जान गई। मैंने सुना है कि अजित पवार की 8 बार जीती सीट पर वह घायल हुए थे। मुझे लगता है कि यह दुर्घटना होने के कारण न तो सरकार की जिम्मेदारी है, न ही कोई व्यक्तिगत कारण। लेकिन ऐसी घटनाएं हमेशा हमें सोचकर मजबूर करती हैं कि फिर यह दुनिया कैसे आगे बढ़ रही है। पुलिस और अन्य जिम्मेदार अधिकारी इसकी पूरी जांच करेंगे, मुझे उम्मीद है कि वे सच्चाई निकलने पर मजबूर करेंगे।
मैंने पढ़ा है कि बारामती में लियरजेट-45 प्लेन में हुए दुर्भाग्यपूर्ण इशारा में कई लोगों की जान गई है। यह बहुत दुखद सुनकर लगता है कि इतने से लोगों को अपनी इस संसार से विदाई करनी पड़ी।
लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि जीवन में कई तरह के इशारे आते हैं और उनमें से कुछ अच्छे और कुछ बुरे होते हैं। हमें कभी भी इस बात पर विश्वास नहीं करना चाहिए कि सबकुछ आसानी से बदल जाएगा।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, हमें अपने प्रियजनों और उनके परिवारों के लिए शोक मनाना चाहिए। हमें उन्हें यह याद दिलाना चाहिए कि उनकी यादें हमेशा हमारे दिल में रहेंगी।