अरे, यह तो बहुत गंभीर मुद्दा है... ये गिरोह कैसे बनता है, और लोग इतनी आसानी से 'साइबर स्लेव' बन जाते हैं? उनके पास कोई नौकरी नहीं होती, विद्यालय नहीं होता, फिर भी वे अपने खिलाफ ऐसी चालों में फंसते हैं। और इन लोगों को 'साइबर स्लेव' बनाने वाले गिरोह का नाम तो जानने को तो मुश्किल होती, चाहे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। हमें यह देखना चाहिए कि ऐसे लोगों की मदद से क्या किया जाए, उनको फिर से अपना जीवन बनाने का मौका दिया जाए।