गैंग्स ऑफ म्यावड्डी; 1 लाख सैलरी-बंगले का ऑफर, मिली गुलामी: 16 भारतीय फंसे, 18 घंटे काम नहीं तो रॉड से पिटाई; बोले- बचा लो

भारतीय सेना ने गुरुवार को स्थापित एक फेक जॉब सिंडिकेट पर कार्रवाई की, जिसमें 500 भारतीयों को म्यांमार और थाईलैंड में बंधक बनाया गया था।
 
अरे, ये बहुत ही दुखद ख़ब्र है! जैसे ही मुझे पता चला, भारतीय सेना ने गुरुवार को एक फेक जॉब सिंडिकेट पर कार्रवाई की जिसमें 500 भारतीयों को म्यांमार और थाईलैंड में बंधक बनाया गया था। यह तो बहुत ही गंभीर मुद्दा है और मुझे लगता है कि सरकार को जल्द से जल्द इन लोगों को बचाने के लिए कुछ करना चाहिए।

मैं जानता हूँ कि म्यांमार और थाईलैंड जैसे देशों में बंधक बनाने वाली गतिविधियाँ बहुत आम हैं, लेकिन यह तो हमारे लिए एक बड़ी चिंता है कि हमारे नागरिकों को ऐसे खतरों से निपटना पड़ रहा है। मुझे उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इन लोगों को फिर से पेशेवर जीवन में लाने के लिए कुछ युक्तियाँ बनाएगी।
 
अरे ये तो बहुत बड़ा घोटाला है 🤯 देश में इतनी सेंसरशिप हो गई है, कि अब हमें पता नहीं चलता कि सच्चाई क्या है। भारतीय सेना ने इतनी बड़ी झूठी जॉब सिंडिकेट पर करार किया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमें अपनी सुरक्षा पर भरोसा करना चाहिए।

मुझे लगता है कि सरकार और सेना को एक दूसरे पर भरोसा करने की जरूरत है, न कि बाहरी एजेंसियों या झूठी जॉब सिंडिकेट पर। हमें अपने देश में ही अपनी रोजगार और सुरक्षा की तलाश करानी चाहिए, नहीं तो हमारा धन और समय विदेशी हाथों में चला जाएगा।
 
अरे ये तो बहुत बड़ा मुद्दा है... अगर सरकार ने ऐसी स्थिति में हमेशा से जागरूकता बढ़ाने की कोशिश नहीं की होती, तो इस तरह की बातें न होतीं। लेकिन अब यह तो दिखाई देता है कि सरकार को समझने में भी समय लगta hai। मैं सोचता हूँ कि अगर हमें अपने देश की सुरक्षा के बारे में जागरूक रहना है, तो हमें यहां तक पहुँचने के लिए बहुत पहले से ही काम करना चाहिए था। फिर भी, हमें सरकार को अपने पास आने और समझाने देने का मौका नहीं मिला है।
 
जी हाँ, यह बहुत बड़ा मुद्दा है... मेरे लिए जिस तरह से हमारे देश की सेना ने ऐसी चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है, वो एक अच्छी बात है। मैंने सुना है कि उन्होंने पूरे मामले की जांच कर ली है और अब वह 500 भारतीयों को वहाँ से निकालने पर काम कर रहे हैं।

मुझे लगता है कि हमें अपनी सेना की जासूसी और रक्षा प्रणाली में थोड़ा बदलाव करने की जरूरत है। हमारी सेना को तो हमेशा जांच-पड़ताल कर अपने काम को सुधारना चाहिए।
 
ਮुझे ਇਹ ਸੋਚਣ ਦੀ ਖ਼ਾਲੀਦਾ ਨਹੀਂ ਕਿ ਕਿਵੇਂ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਪਰਿਸਥਿਤੀਆਂ ਦਾ ਭਾਰਤ ਉੱਤੇ ਹੋਰ ਮੁਆਫ਼ਕਿਲ ਬਣ ਰਹੀ ਹੈ। ਪਰ ਅੱਜ ਦੇ ਘਟਨਾਵਾਂ ਤੋਂ ਮਿਲਦੇ ਹੋਏ, ਆਖ਼ਰ ਭਾਰਤ ਨੇ ਕੁਝ ਚੀਜ਼ਾਂ ਸਵੀਕਾਰ ਕੀਤੀਆਂ। 500 भारतीयों को म्यांमार और थाईलैंड में बंधक बनाना ਇਹ ਮੰਨ ਦੋਸ਼ਾ ਹੈ।
 
वाह, ये तो बहुत बड़ा घोटाला है 🤑। कैसे इतने लोग फेक जॉब सिंडिकेट में पड़ गए? और भारतीय सेना ने एक बार में ऐसी चीज़ कर दी तो अच्छा लगा नहीं है 😒। हमें पता चला कि ये सिंडिकेट विदेशों में बहुत ही आसानी से बनाए जाते हैं और लोगों को धोखा दिया जाता है। और फिर उन्हें बंधक बनाकर रखा जाता है! यह तो बहुत ही गलत है।
 
ओह! यह तो बहुत बड़ा मामला है 🤕। सेना ने तुरंत कार्रवाई की और फेक जॉब सिंडिकेट पर रोक लगा दी। 500 लोगों को बंधक बनाया गया था, यह कितना खतरनाक है! 🚨 हमें जरूर अपनी सेना की प्रशंसा करें जिसने इतनी तेजी से कार्रवाई की और सब कुछ ठीक कर दिया।

मुझे लगता है कि यह मामला बहुत बड़ा है और इसमें हमें नागरिकों की भी मदद करनी चाहिए। सरकार को जरूर इस मामले में आगे बढ़नी चाहिए और सब कुछ ठीक कर देना चाहिए। 500 लोगों को जल्द से जल्द रिहा कर दिया जाना चाहिए और उनके परिवारों को सहायता देनी चाहिए।

हमें हमेशा अपने देश की सुरक्षा के बारे में सोचते रहना चाहिए और सरकार की मदद करनी चाहिए। सेना ने फिर से हमारे देश की गर्व किया है! 🙌
 
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