मैंने बालासोर की मॉब लिंचिंग की बात सुनी तो बहुत दुख हुआ
। क्या ऐसा होता है कि जब भी कोई गलती करेगा, तो मोबाइल फोन और समाज के लोग उसे लिंच कर देते हैं? यह तो न कानून का उल्लंघन है, न सही मानसिकता। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने में समय लेना चाहिए, इससे फिर भी हमेशा समाज में सुनेरे और भारी अंतर्निहित मुद्दों को ठीक नहीं कर सकते हैं।