ग्रीनलैंड पर रातोंरात पलट क्यों गए ट्रम्प: बोले- ताकत इस्तेमाल नहीं करूंगा; यूरोप की धमकी से डरे या कोई छिपी वजह

ग्रीनलैंड पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बयान बदल गया है। पहले उन्होंने कहा था कि ग्रीनलैंड को हर हाल में हासिल कर लें, वेनेजुएला जैसे देश पर सैन्य हमला करें। लेकिन अब उन्होंने बोला है कि ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश नहीं करेंगे।

ट्रम्प ने पहले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कहा था कि अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल कर लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वेनेजुएला जैसे देश पर हमला कर देंगे। लेकिन अब उन्होंने बदल दिया है।

अब ट्रम्प बोल रहे हैं कि ग्रीनलैंड पर ताकत से नहीं कब्जा करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय देशों और कनाडा से रिश्ते खराब हो जाएंगी।

ट्रम्प के इस बयान ने पूरे विश्व में हलचल मचा दी है। कई देशों ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

क्या ट्रम्प की यह बयानबाजी सिर्फ एक राजनीतिक गतिविधि है? या यह सचमुच अमेरिकी राष्ट्रपति की मंशा थी?
 
अरे भाई, तो लोगों ने ध्यान से देखा है कि ट्रम्प जी ने ग्रीनलैंड पर हमला करने की बात पहले कही थी, फिर बदल दिया और अब कहते हैं कि नहीं करेंगे। तो यह तो एक राजनीतिक गतिविधि ही लगती है। लेकिन मुझे ऐसा लग रहा है कि ट्रम्प जी को कुछ और चाहिए। शायद वे ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहते हैं, लेकिन पहले वह राजनीतिक समर्थन पाने की कोशिश कर रहे थे। अब जब वेंजुएला जैसे देशों ने उनकी तरफ से समर्थन दिया है, तो ट्रम्प जी ने अपना बयान बदल दिया है। लेकिन मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा खेल है, और हमें ध्यान से उनकी हर गतिविधि को देखना चाहिए।
 
यह तो देखने को मिलता है कि ट्रम्प कितने बोलते हैं और फिर सोचते हैं। पहले तो वह ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में करने की बात करते हैं, लेकिन अब वाकई सोचकर कहते हैं। यह तो एकदम नए राजनेता की तरह है जो हमेशा बयानबाजी करते रहते हैं।

मुझे लगता है कि ट्रम्प की बातें पहले से थोड़ी संदिग्ध लग रही हैं और अब भी ऐसी ही लगती हैं। उनकी राजनीतिक गतिविधियों में हमेशा एक पीछे की साजिश होती दिखाई देती है। लेकिन यह तो हमारी दुनिया में बदलने की कोई सोच नहीं करती, बस बयानबाजी करते रहते हैं।
 
अरे भाई, तो ऐसा लगता है कि ट्रम्प जी ने अपने बयानों को बदल दिया है। पहले उनका दृष्टिकोण थोड़ा अलग-थोड़ा था, लेकिन अब वे कह रहे हैं कि ग्रीनलैंड पर ताकत से कब्जा करना नहीं चाहिए। यह एक अच्छी बात है, लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि क्या यह बदलाव वास्तव में उनकी मंशा थी।

मुझे लगता है कि ट्रम्प जी ने अपने बयानों को बदलते हुए एक राजनीतिक गतिविधि को दिखाया है। लेकिन हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि उनके बयानों से विश्व के लिए क्या प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए, हमें अपनी जानकारी और सोच को अद्यतन रखना चाहिए।
 
अरे, यह तो बहुत दिलचस्प है! पहले ट्रम्प ने ग्रीनलैंड पर हमला करने का सोचा, लेकिन अब वह इस बारे में नहीं सोच रहे हैं। यह तो साफ़ है कि वे अपनी पिछली बातों को वापस लेने की कोशिश कर रहे हैं।

लेकिन, अगर वे पहले से ही ग्रीनलैंड पर हमला करने की योजना बना रहे थे, तो फिर अब उनकी यह बदलाव क्यों? यह एक बहुत बड़ी सवाल है! मुझे लगता है कि ट्रम्प को अपनी बातें स्पष्ट रूप से कहने में परेशानी होती है।

किसी भी तरह, यह बयानबाजी निश्चित रूप से दुनिया भर में हलचल मचा दी है और लोगों को आश्चर्यचकित कर रही है। 🤔🌎
 
अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बयान बदल गया है तो फिर भी संदेह है कि वे सचमुच ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश करेंगे। लेकिन ये तो अच्छा है, क्योंकि अब अमेरिका के पास ग्रीनलैंड जैसे देश पर सैन्य हमला करने का मौका नहीं मिलेगा। 🤔

वेनेजुएला जैसे देश पर हमला करने की बात वाहin hai, लेकिन यह तो अमेरिका के पास अच्छा मौका नहीं है। अमरीका को अपने रिश्तों को मजबूत करने की जरूरत है, न कि किसी देश पर हमला करने की।

मुझे लगता है कि ट्रम्प का बयानबाजी सिर्फ एक राजनीतिक गतिविधि है, लेकिन यह भी सचमुच अमेरिकी राष्ट्रपति की मंशा थी। अमरीका को अपने देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है, न कि दूसरे देशों पर हमला करने की।

मान लीजिए कि अमेरिका ग्रीनलैंड जैसे देश पर कब्जा कर ले, तो यह उनके लिए एक बड़ा जोखिम होगा। अमरीका को अपने सैन्य बलों को विश्वासपात्र बनाने की जरूरत है, न कि अन्य देशों पर हमला करने के। 📈

कुल मिलाकर, ट्रम्प का बयान बदलना अच्छा है, लेकिन यह भी अमरीकी राष्ट्रपति की सच्चाई से कहीं अधिक नहीं है। अमरीका को अपने देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है, न कि दूसरे देशों पर हमला करने की।
 
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान पर तो बहुत बातें कही जा रही है, लेकिन क्या हमने उनकी पहली बात सुनी? वह पहले तो ग्रीनलैंड को हासिल करने और वेनेजुएला जैसे देश पर हमला करने की बोलते थे, अब बदल गए। यह बदलाव तो कुछ काम की नहीं दिख रहा है, लगता है कि अमरीका अपनी स्थिति को और भी खराब कर रहा है। लेकिन हमें यह नहीं कह सकते कि वास्तव में उनकी मंशा अलग थी, फिर भी उनके बयानों से लगता है कि अमरीका अपनी शक्ति का दुरुपयोग करना चाहता है।
 
अरे भाई, ट्रम्प के बयान से लगता है कि वो अपने देश की छापे पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। पहले तो उसने कहा था कि ग्रीनलैंड हमें मिल जाएगा, फिर बदल गया। अब वह बोल रहे हैं कि उसे ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की जरूरत नहीं है, तो ठीक है। लेकिन अरे, यूरोपीय देशों और कनाडा से रिश्ते खराब करने की बात? यह तो अमेरिकी शक्ति को दिखाने की कोशिश है।

मुझे लगता है कि ट्रम्प की बयानबाजी में कुछ और है। वह अपने देश की गरिमा बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे वास्तविकता नहीं बदलेगी। ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जा करने से कोई फायदा नहीं होगा, बस एक बड़ी समस्या बन जाएगी।
 
अरे यार, तो देखो, ट्रंप ने पहले ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेने की बात कही, फिर बदल दिया, और अब ताकत से नहीं करना चाहिए... यह तो जैसे कि अमेरिका के राष्ट्रपति में दिल्लगी है! 🤔

क्योंकि पहले ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेने की बात कही, और अब बदल दिया, तो यह तो एक पूरा बयानबाजी का विषय है। और ताकत से नहीं करना चाहिए, यह तो फिर से बदल गया, पहले ट्रंप ने यूरोपीय देशों और कनाडा पर हमला करने की बात कही, और अब बदल दिया।

मुझे लगता है कि ट्रंप की यह बयानबाजी सिर्फ एक राजनीतिक गतिविधि है, और इसके पीछे कुछ और मास्टर मिल रहे होंगे। लेकिन यार, हमें ज्यादा माहौल नहीं बनाना चाहिए, और ट्रंप को उनकी बात समझने की कोशिश करनी चाहिए।
 
अरे, यह बहुत ही दिलचस्प बात है! ट्रम्प के बयान में तो बहुत बड़ा बदलाव आया है। पहले वह ग्रीनलैंड को अमेरिका का खजाना समझ रहे थे और वेनेजुएला जैसे देश पर हमला करने की बात कर रहे थे। लेकिन अब वह तो एकदम बदल गए हैं... यह सवाल उठता है कि क्या उनकी मंशा में कभी ग्रीनलैंड को अमेरिका बनाने की थी, और फिर बदलाव करने की जरूरत थी।

मुझे लगता है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक गतिविधि है, लेकिन भी बहुत ज्यादा खतरनाक हो सकता है। क्योंकि अब दुनिया में अमेरिका के बारे में इस तरह की बातें करने पर संदेह होने लगा है... 🤔
 
ज़रूर, तुमने गलत जानकारी दी है। पहले तो ट्रम्प ने जरूर कहा था कि ग्रीनलैंड को हर हाल में हासिल कर लें, लेकिन अब उन्होंने बदल दिया है। यह कहने से पहले तुमने नहीं जानना चाहिए कि अमेरिकी राष्ट्रपति कितनी बार बयान बदलते हैं... 🙄
 
मुझे लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को लगता है कि वे दुनिया के सामने एक ताकतवर दिखावट बनाए रखने की जरूरत है। लेकिन यह बात तो सभी जानते हैं कि ग्रीनलैंड पर कब्जा करना पूरी तरह से असंभव है! 🤣

मुझे लगता है कि ट्रम्प के बयान में थोड़ी मांग भारी लग रही है। पहले तो उन्होंने कहा था कि अमेरिका ग्रीनलैंड को जीत लेगा, फिर उसने बदल दिया। यह किसी से भी ठीक नहीं लगता!

मुझे लगता है कि ट्रम्प को अपनी मंशा समझने की जरूरत है। वह तो अमेरिकी राजनीति में बहुत अनुभवी है, लेकिन जब बात ग्रीनलैंड की आती है, तो मुझे लगता है कि वह थोड़ी अजीब सी बातें कर रहे हैं। 🤔
 
अरे, तो ट्रम्प ने ग्रीनलैंड पर बोला है कि उन्हें वहां कब्जा करने की जरूरत नहीं है। लेकिन पहले तो उन्होंने ऐसा कहा था जैसे वह वास्तव में उसे हासिल कर लेगा। अब यह बयानबाजी सिर्फ राजनीति से भरी हुई लगती है, क्या?

मुझे लगता है कि ट्रम्प ने अपने बयान में थोड़ी रुकावट लगा दी है। पहले तो उन्होंने कहा था जैसे वह अमेरिका को वास्तव में ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की जरूरत है, लेकिन अब उन्होंने ऐसा नहीं कहा। यह तो साबित करता है कि उनके पास ग्रीनलैंड पर हमला करने की नीयत नहीं है।

लेकिन जैसे-जैसे ट्रम्प की बयानबाजी चल रही है, विश्व में हलचल मची गई है। यह तो साबित करता है कि उनके बयान से किसी भी तरह की चिंता होनी चाहिए।
 
मैंने पहले भी कहा था कि लोगों को अपने बयानों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। ट्रम्प जैसे लोग अक्सर अपने शब्दों को बदल देते हैं ताकि वह अपने राजनीतिक लक्ष्यों को पूरा कर सकें।

मेरी मान्यता है कि ग्रीनलैंड पर कब्जा करना अमेरिकी राष्ट्रपति की सच्ची मंशा नहीं थी। वे बस अपने राजनीतिक अभियान को बढ़ावा देना चाहते थे। लेकिन अब जब उन्होंने अपने बयान को बदल दिया है, तो यह सवाल उठता है कि उनकी मंशा क्या थी।

मैं सोचता हूं कि अमेरिकी राष्ट्रपति को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इससे विश्व peace और harmony के लिए खतरा होगा। 🙏
 
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