दिल्ली पुलिस ने गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है, जिन्हें खालिस्तान समर्थक माना जाता था। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 197, 152 और 61 के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने पन्नू के खिलाफ आरोप लगाए हैं कि उन्होंने दिल्ली में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले खालिस्तानी आतंकी के रूप में गिना जाता था।
पन्नू ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दिल्ली के रोहिणी और डाबरी में खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाने का झूठा दावा किया था। लेकिन पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी पाया है। स्पेशल सेल ने पन्नू के भड़काऊ दावों और धमकियों को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज की है।
पन्नू पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने वीडियो जारी कर दिल्ली के प्रमुख इलाकों में पोस्टर चिपकाए हैं। लेकिन स्पेशल सेल की छानबीन में राजधानी के किसी भी हिस्से में ऐसे पोस्टर नहीं मिले।
पन्नू को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) एक्ट के तहत 'आतंकी' घोषित कर दिया गया था। उन पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की मदद से पंजाब में फिर से अलगाववाद को हवा देने के आरोप हैं।
पन्नू के खिलाफ भारत में देशद्रोह के कई मामले पहले से ही दर्ज हैं। उन्होंने हरियाणा के गुरुग्राम से अंबाला तक सभी सरकारी दफ्तरों पर खालिस्तानी झंडा फहराने की धमकी दी थी, जिसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने भी उस पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया था।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पुलिस ने साफ किया है कि पन्नू जैसे तत्वों के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
पन्नू ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दिल्ली के रोहिणी और डाबरी में खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाने का झूठा दावा किया था। लेकिन पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी पाया है। स्पेशल सेल ने पन्नू के भड़काऊ दावों और धमकियों को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज की है।
पन्नू पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने वीडियो जारी कर दिल्ली के प्रमुख इलाकों में पोस्टर चिपकाए हैं। लेकिन स्पेशल सेल की छानबीन में राजधानी के किसी भी हिस्से में ऐसे पोस्टर नहीं मिले।
पन्नू को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) एक्ट के तहत 'आतंकी' घोषित कर दिया गया था। उन पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की मदद से पंजाब में फिर से अलगाववाद को हवा देने के आरोप हैं।
पन्नू के खिलाफ भारत में देशद्रोह के कई मामले पहले से ही दर्ज हैं। उन्होंने हरियाणा के गुरुग्राम से अंबाला तक सभी सरकारी दफ्तरों पर खालिस्तानी झंडा फहराने की धमकी दी थी, जिसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने भी उस पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया था।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पुलिस ने साफ किया है कि पन्नू जैसे तत्वों के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा।