गणतंत्र दिवस परेड की 51 PHOTOS: पहली बार 2 कूबड़ वाले ऊंट और बाज दिखे, महिला जवान चलती बाइक पर 18 फीट ऊंची सीढ़ी चढ़ी

गणतंत्र दिवस परेड में कई नए बदलाव दिखे हैं। इनमें CRPF की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व महिला अधिकारी ने किया, एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी और सेना के युद्ध मॉडल का लाइव प्रदर्शन हुआ है।
 
बढ़िया क्या बदलाव हुए! गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भूमिका बढ़ाना बिल्कुल सही है 🙌। CRPF की पुरुष टुकड़ी के नेतृत्व में महिला अधिकारी जैसा देखने को मिलता है तो बहुत अच्छा लगता है। यह बदलाव हमें एक बेहतर समाज बनाने की ओर बढ़ने में मदद करेगा। और एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी? यह तो हमारी सेना की जीत की जश्न मनाने का सही तरीका है। लेकिन, यह भी महत्वपूर्ण है कि हमारी सेना में और भी बदलाव होने चाहिए।
 
मैंने गणतंत्र दिवस परेड को देखा तो बहुत खुश हुआ! 😍 यह सोचकर भी अच्छा लगा कि महिलाएं अब सेना में भी शामिल हो रही हैं। एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी की बात तो देखकर ही समझ में आया कि हम अपने जानवरों की रक्षा कर रहे हैं! 🐾

मेरी बात है कि युद्ध मॉडल का लाइव प्रदर्शन बहुत अच्छा था। मुझे लगता है कि यह तो भारतीय सेना की शक्ति और साहस को दिखाता है। और सबसे अच्छी बात यह है कि सभी नए बदलावों ने दिखाया कि हमारी सेना खुशहाल हो गई है, हमारे लोगों की सुरक्षा पर ध्यान रखा जा रहा है। 🇮🇳

मैं सिर्फ एक छोटा सा फैन हूँ, लेकिन मुझे लगता है कि ये बदलाव हमें आगे बढ़ाएंगे। 🚀
 
Wow 🤩, देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बहुत अच्छे बदलाव किए हैं। महिला अधिकारियों को CRPF में नेतृत्व करने का अवसर मिलना ही एक बड़ा कदम है... और इस तरह से हमारी देशभक्ति बढ़ेगी। 🇮🇳

Interesting 🤔, एनिमल कंटिंजेंट को भी इसमें शामिल करना एक बहुत अच्छा फैसला है। इससे हमें अपनी सेना और उनके दोस्तों के बीच जुड़ने का मौका मिलता है... और देश के बच्चों को जानवरों के प्रति सहानुभूति बढ़ाने का। 🐾

Wow, सेना के युद्ध मॉडल का लाइव प्रदर्शन भी बहुत रोचक लगेगा। इससे लोगों को देश की सुरक्षा और बलिदान की महत्ता समझने का मौका मिलेगा। 🎉
 
मुझे लगता है कि गणतंत्र दिवस परेड में इन नए बदलावों ने निश्चित रूप से एक सकारात्मक दिशा दिखाई है, खासकर एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी में। यह हमारे देश की प्रगति और समाज की जागरूकता को दर्शाता है। लेकिन, यह तो थोड़ा अजीब लग रहा है कि CRPF की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व महिला अधिकारी कर रही थी, लगता है कि स्थिति बहुत अच्छे से संभाली जा रही है। लाइव प्रदर्शन भी बहुत रोमांचक लगा, मुझे तो बच्चों ने बिल्कुल पसंद किया।
 
बात करते रहते हैं यह देश कितना आगे बढ़ गया 🤩। गणतंत्र दिवस परेड में ऐसे नए बदलाव देखने को मिले जैसे फूल खिलते हैं। पुरुष टुकड़ी की जगह महिला अधिकारी नेतृत्व करने वाली CRPF की टुकड़ी की स्थापना कैसे नहीं की गई। यह सुनकर तो मेरा दिल भर जाता है। और एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी? यही है हमारे देश की सच्चाई, जहां हर छोटी-बड़ी चीज़ का महत्व होता है।

मैंने ऑनलाइन पढ़ा है कि सेना के युद्ध मॉडल का लाइव प्रदर्शन कैसे हुआ। यह तो मेरे लिए बहुत आश्चर्य की बात है। ऐसे नए बदलाव आने की उम्मीद करता रहूँगा।
 
भारतीय गणतंत्र दिवस की जोशीली छवि तो हमेशा रही, लेकिन इस वर्ष की परेड में कुछ ऐसा दिखाई दिया जिसने मुझे आश्चर्यचकित किया। महिला अधिकारी ने CRPF की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व किया, जो कि एक बहुत बड़ा कदम है। इससे हमें यह संदेश मिलता है कि अब भी हमारे देश में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।

और एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी? यह तो एक बहुत बड़ा प्रयास है। मैंने पहले कभी ऐसा नहीं देखा था। सेना के युद्ध मॉडल का लाइव प्रदर्शन भी बहुत रोमांचक था। यह सब हमें यह बताता है कि हमारे सैनिकों को उनकी जान की समझ और निरंतर नवाचार करने की ताकत है।

मुझे ये बदलाव बहुत प्यारे देशवासियों के लिए अच्छे हैं और मुझे उम्मीद है कि आगे भी हमारा सेना और गणराज्य दोनों ही नए-नए प्रयोग करेंगे।
 
आजकल देश में ऐसी बहुत सी नई चीजें आ रही हैं जो मुझे थोड़ा अजीब लगती हैं। पहली बात तो अच्छी है कि महिलाओं को अब राष्ट्रीय पारेड में नेतृत्व करने का मौका मिलने लगा है, लेकिन फिर से यह सवाल उठता है कि क्या ये बदलाव वास्तविक परिवर्तन हैं या बस एक दृश्य थीम बनाने की कोशिश? 🤔

मुझे यह अच्छा नहीं लगता कि हमारी सेना में एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी हो रही है। इससे किसी को भी लगता है कि हमारी अर्थव्यवस्था और जीवनशैली कितनी प्रभावित होती है? मुझे लगता है कि ये बस एक फास्ट फूड जैसी चीज़ है, जिसे लोगों को देखने के लिए रखा गया है। 🐻

और वार्ड मॉडल के लाइव प्रदर्शन से मुझे लगता है कि हमें अपने शिक्षा प्रणाली को और भी बुरा कर देने की जरूरत नहीं है, बस इतना कि लोगों को विज्ञापन देखने के लिए। 😒
 
Wow 😮, ये तो बिल्कुल नयi baat hai! गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, और यह बहुत अच्छा देखा जा सकता है। CRPF की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व महिला अधिकारी ने किया, तो यह साबित करता है कि भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका में भी सुधार किया गया है। 🙌

Animal कंटिंजेंट की भागीदारी के बारे में, यह बहुत ही रोचक है! पहले तो ये विषय बहुत ही असह्य लगातार रहा, लेकिन अब शायद बदलाव आया है। और सेना के युद्ध मॉडल का लाइव प्रदर्शन भी, देखने के लिए यहां तक कि छोटे बच्चे भी नश्चित होंगे। 🤩
 
राष्ट्रपति दिवस परेड जैसे दिनों से पहले तो मेरे मन में एक छोटी सी चिंता थी, क्या यह परेड रात 8 बजे तक चलेगा, या फिर उस समय लोग आराम कर लेंगे। लेकिन इस बार जो बदलाव आये, वाह! मुझे लगा कि यह एक नया युग शुरू हुआ। महिलाओं ने अब सेना की कमान देनी है, तो फिर भी कोई निश्चिंता नहीं है। एनिमल कंटिंजेंट भी इस परेड में भाग लिया, मुझे लगता है यह एक अच्छी बात है।

सेना के युद्ध मॉडल को लाइव प्रदर्शन करना एक नया तरीका है, मैं इसकी प्रशंसा करता हूं। यह सोचकर मुझे खुशी हुई कि अब राष्ट्रीय परेड जैसे आयोजनों में भी हमारी सेना की ताकत और शौर्य को दिखाया जाएगा।

मुझे लगता है इस तरह के बदलाव निकलने से हमारी देशभक्ति बढ़ेगी, लेकिन मैं अभी भी रात 8 बजे तक परेड चलाने का इंतजार नहीं कर सकता।
 
बड़े बड़े! गणतंत्र दिवस परेड में बहुत कुछ नया आ गया है! तो फिर निश्चित रूप से यह सब अच्छा ही है 🎉। CRPF की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व महिला अधिकारी ने किया, यानी लड़कियों को भी इस्तेमाल किया गया है, और यही तो बहुत अच्छा है! हमें खुशी मिलती है देखकर। और एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी? तो यह सब मनुष्यों और जानवरों के एक साथ आने की बात है, यही तो बहुत अच्छा विचार है! 🐾❤️। और युद्ध मॉडल का लाइव प्रदर्शन? तो यह सब सैनिकों की सुरक्षा और उन्हें भेजने की तैयारी की बात है, यही तो हमारी देशभक्ति को बढ़ावा देने वाला है! 🎊
 
बात करें, गणतंत्र दिवस परेड में कोई नया बदलाव तो जरूर है, लेकिन यह सब कुछ अच्छा नहीं है... 🤔 क्या ये सिर्फ पेशेवर थीम है या फिर कुछ और भी है? CRPF की टुकड़ी का नेतृत्व महिला अधिकारी करना एक अच्छा संदेश है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह अभी तक तो एक अनुभवी व्यक्ति थी, इसलिए सबकुछ ठीक से नहीं चल पाया होगा।

एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी से हमें यह महसूस हुआ कि सेना में भी बदलाव आ रहा है, लेकिन हमें पता होना चाहिए कि यह वास्तव में कैसे हुआ और क्या इसका खराब से अच्छा अंतर है। 🐕 जाने दो कुछ और... सेना के युद्ध मॉडल का लाइव प्रदर्शन ने सोच-समझकर करने वालों को संदेश दिया है, लेकिन यह सब सिर्फ एक थीम से भरा नहीं होना चाहिए।
 
बहुत अच्छी बात है! देश की आजादी के दिन हमारे सैनिकों को शुभकामनाएं ! CRPF की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व महिला अधिकारी करने से लड़कियों और लड़कों के लिए सबक बहुत बड़ा है - आजादी में भी हर किसी को अवसर मिलना चाहिए, न कि कुछ तो केवल पुरुष। एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी से हम देख रहे हैं कि बच्चे और जानवर भी देश की सेवा कर सकते हैं। यह सब एक अच्छा संदेश देता है कि हमारे देश में हर किसी को अपना महत्व मिले, न तो केवल सैनिकों का, न ही किसी अन्य व्यक्ति का।
 
मुझे यह देखकर खुशी हुई कि गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भूमिका बढ़ाई गई है। CRPF की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व महिला अधिकारी करना एक अच्छा संकेत है कि हमारे समाज में महिलाएं मजबूत और शक्तिशाली हो रही हैं।

और एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी भी बहुत ही रोचक थी। इससे हमें समझने का मौका मिला कि सेना के लिए जानवरों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।

लेकिन, मुझे लगता है कि यह परेड और भी अधिक रंगीन और आकर्षक बनाया जा सकता था। जैसे कि हमारे देश के विविध संस्कृतियों और परंपराओं को प्रदर्शित किया जा सकता था।

कुल मिलाकर, यह परेड एक अच्छी शुरुआत है और मुझे उम्मीद है कि भविष्य में हमारे समाज में महिलाओं और सेना के लिए भी अधिक अवसर बढ़ेंगे।
 
सब कुछ ठीक है, मुझे लगा कि ये बदलाव सचमुच अच्छे हैं 🙌। महिला अधिकारी CRPF की टुकड़ी का नेतृत्व करना एक बड़ा कदम है और हमें यह देखकर खुशी हुई कि वो बहुत उत्साहित थीं। और एनिमल कंटिंजेंट भी इसमें शामिल होने का मौका मिलना एक अच्छा संदेश है। लेकिन मुझे लगता है कि यह बदलाव केवल प्रदर्शन में नहीं है, बल्कि हमारे समाज में भी दिखाई देने चाहिए। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ये बदलाव हमारे देश के लिए एक सच्चा सकारात्मक परिवर्तन लाएं।
 
बात तो देखिए, ये सेना में बदलाव सुनकर अच्छा लगता है 🙌। पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व महिला अधिकारी करने से हमारी समाज में महिलाओं की भूमिका और महत्त्व को बढ़ाने में मदद मिलेगी। और एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी तो हमारे गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार होने से यह बहुत रोचक है। लेकिन अभी भी लगता है कि हमारे जानबूझकर युद्ध मॉडल की जगह लाइव प्रदर्शन करने वाली तकनीकों और उपकरणों को अधिक जोर देना चाहिए।
 
क्या देखा, गणतंत्र दिवस परेड में बहुत सारे बदलाव आये हैं 🤔। यह अच्छा संकेत है कि सरकार सेना की महिलाओं को अधिक महत्व देने की ओर बढ़ रही है। लेकिन, यह भी सवाल उठता है कि क्या ये बदलाव मातृभूमि की रक्षा के लिए हमेशा पर्याप्त नहीं होंगे। सेना में महिलाओं को अधिक स्थान देने से हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे अपने कर्तव्यों को अच्छी तरह से निभाती हैं। और एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी से हमें यह जानने में रुचि है कि सरकार किस तरह से विकास पर ध्यान देना चाहती है। लेकिन, यह भी एक सवाल है कि क्या ये बदलाव पूरे देश को अपने निर्माण की ओर ले जा रहे हैं?
 
ਇਸ ਨੂੰ ਵੀ ਦੇਖ ਲਿਆ, ਪਰ ਮੈਂ ਤੋੜ-ਫੁੱਟ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। CRPF कੀ ਪੁਰਸ਼ ਟੁੱਕੜੀ ਵਾਲਾ ਨੇਤ੍ਰਤਾ ਮਹਿਲਾ ਅਧਿਕਾਰੀ ਦੁਆਰਾ ਕੀਤਾ, ਪਰ ਸਭ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਇਹ ਕਹਿਣਾ ਮੈਨੂੰ ਗਲ ਘੱਟ ਲਗਦਾ। ਉਸ ਵੇਲੇ ਵੀ ਤਾਂ ਯੁੱਧ ਮਾਡਲ 'ਚ ਜੋਖਮ ਅਤੇ ਹਨੇਰੇ ਦਿਖਾਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਫੌਜੀ ਕੱਪੜੀਆਂ ਮਿਲ ਗਈਆਂ, ਅਤੇ ਸੰਘਰਸ਼ 'ਚ ਭਾਗ ਲੈਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ, ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਕੁਝ ਅਨੁਮਾਨ, ਫਿਰਦੋ ਤੱਥ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਪਰ ਨਹੀਂ।
 
बात है तो ये परेड कितनी रोमांचक लग रही है! यह बहुत अच्छा देखा जा रहा है कि महिलाओं ने भी सेना में भागीदारी बढ़ाई है, इससे हमारे देश की सुरक्षा और मजबूती में फायदा होगा। लेकिन फिर भी तो यह जोड़ी पुरुष-महिला कितनी अच्छी लग रही है? ऐसी जोड़ियों को हमारे समाज में भी बढ़ावा देना चाहिए, न कि केवल सेना में। और क्या यह परेड में एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी वाले लोगों को यह जानकर खुशी हुई? तभी हमारे देश में प्राकृतिक जीवन को बचाने का काम करने वालों को भी अपनी बात कही।
 
क्या यह सचमुच एक अच्छा बदलाव है? CRPF की टुकड़ी में महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं और यह भी दिख रहा है कि जानवरों को भी सेना में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। लेकिन इतने बदलाव कितनी जल्दी? अभी तो हमारे देश में महिलाओं और पुरुषों के बीच समानता की बात होती रहती है...
 
Back
Top