गणतंत्र दिवस: परेड का मुख्य आकर्षण सेना के रोबोटिक म्यूल, जल्द दुर्गम इलाकों में छिपे आतंकियों का होगा खात्मा

गणतंत्र दिवस परेड में क्या खास होगा?

कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड आज मनाएगी सेना, जिसमें रोबोटिक म्यूल भी शामिल रहेंगे। इन्होंने पहले कभी नहीं देखा गया कि रोबोटिक म्यूल परेड में कैसे आगे बढ़ें।

सेना ने बताया है कि ये म्यूल 12 से 15 किलो तक रसद, गोला-बारूद या मेडिकल किट उठा सकती हैं।

इस परेड की शुरुआत तीन रोबोटिक म्यूल से होगी। ये म्यूल -40 डिग्री सेंटिग्रेड की ठंड से लेकर 55 डिग्री की तेज धूप में भी आराम से काम कर सकती हैं।

इस परेड में इन्होंने पहले कभी नहीं देखा गया।

देश की सुरक्षा को बनाए रखने के लिए यह रोबोटिक म्यूल बहुत जरूरी हैं।
 
भाई, यार, ये परेड तो बिल्कुल भी खास नहीं है 🤔। देश की सुरक्षा को बनाए रखने के लिए रोबोटिक म्यूल का इस्तेमाल करने वाली सेना ने पहले कभी यह परेड नहीं दिखाया था। अब भी तो इसका मतलब है कि देश की सुरक्षा पर बार-बार ही भरोसा रखना पड़ रहा है। 🤦‍♂️ और रोबोटिक म्यूल 40 डिग्री की ठंड से लेकर 55 डिग्री की तेज धूप में भी काम कर सकती है, मतलब ये परेड तो पूरी तरह से मनोरंजन नहीं है। 😒
 
गणतंत्र दिवस परेड में कोई बात नहीं, तो ये रोबोटिक म्यूल जोड़कर भी कोई बात नहीं! 🤖🎉 इन सैनिकों की ताकत और तेजी की बात कौन कर सकता है? 40 डिग्री की ठंड से लेकर 55 डिग्री की धूप में भी इनको आराम से चलने देना, यह कोई छोटी बात नहीं! 🤯 ये देश की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं, और इन्हें जोड़कर परेड करने से पहले कौन कह सकता है कि यहाँ कुछ बारीकियां बदली हैं? 🙅‍♂️ मुझे तो लगता है कि ये तो देश की भविष्य की सुरक्षा की बात कर रहे हैं, और हमें उनकी ताकत और तेजी से भरपूर आत्मविश्वास होना चाहिए! 💪🎊
 
मुझे लगता है कि हमारी सेना ने अब से आगे कदम बढ़ाने वाले हैं और नई तकनीकों पर भरोसा कर रहे हैं, लेकिन यह तो देखकर अच्छा लगा नहीं... क्या हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ रोबोटिक म्यूल पर थोड़ी गई? क्या हमने अपने जवानों के लिए और भी कुछ करने को कह दिया है?
 
🤖 रोबोटिक म्यूल परेड में जाने का idea bilkul sahi hai, par ye to kya safety ke liye hai? 🤔 yeh mool 12 se 15 kilo tak rasad lene ki tarah sabse easy ho gaya hai, bas itna nahi. 🚫 aur yeh 40 degree se 55 degree temperature mein bhi saaf se kaam kar sakti hai, par humein pata hai ki temperature kitni behtareen hoti hai? ☀️ aur ye mool khud se hi jald se jald goli-baaraud ya medical kit lene ki koshish kar degi. 🚫

aur yeh sabhi kuch logon ke liye ek baar bhi nahin dekha, par main sochta hoon kya isse safety ko aur bhi badhava milta hai? 💥
 
गणतंत्र दिवस परेड में तो बिल्कुल भी खास कुछ नहीं होना चाहिए, जैसे मेरे देश की सुरक्षा को लेकर सबको बोलने में लग जाता है। रोबोटिक म्यूल का उपयोग तो कुछ ही सालों में इस्तेमाल करने वाले लोग भी कर रहे हैं, इसलिए देश भर में इन्हें शामिल करने की जरूरत नहीं है 🤔

और अगर इनका उपयोग सेना को करने के लिए है, तो फिर इन्हें तयार करने वाले लोगों को भी पुरस्कृत किया जाना चाहिए, न कि देश भर में इनको शामिल करने के लिए।
 
ये तो बिल्कुल भी रोचक है! जैसे ड्रोन और ऑटोमैटेड कारें परेड में दिखाई देती हैं, लेकिन रोबोटिक म्यूल? यह तो सेना की नई तकनीक है। रसद, गोला-बारूद, मेडिकल किट उठाने की क्षमता 12 से 15 किलो तक है! ये तो बहुत ही जरूरी है कि हमारी सेना अपने देश की सुरक्षा के लिए कुछ नया और रोमांचक करे।

परेड में 3 रोबोटिक म्यूल शुरुआत करेंगे, जो -40 डिग्री सेंटिग्रेड से लेकर 55 डिग्री तक धूप में भी आराम से काम करती हैं। यह तो बहुत ही अद्वितीय है! मुझे लगता है कि यह परेड हमारी सेना की प्रतिभा और नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
 
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