अंतरिक्ष तक पहुंची भारत की विरासत, शुभांशु 20 ग्राम के डिब्बे में क्या संदेश और धरोहर लेकर गए?
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा को भारत की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ दिया। उनके पास 20 ग्राम का एक छोटा डिब्बा था, जिसमें भारत की हजारों साल पुरानी कपड़ा परंपरा समाई हुई थी। शुभांशु ने लिखा कि यह डिब्बा भले ही हल्का था, लेकिन इसमें भारत के ज्ञान, मेहनत, कला और मानव कौशल की गहरी कहानी छिपी थी। उन्होंने कहा कि यह भारत की पहचान और भविष्य का एक शांत लेकिन मजबूत संदेश था, जो पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा था।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा को भारत की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ दिया। उनके पास 20 ग्राम का एक छोटा डिब्बा था, जिसमें भारत की हजारों साल पुरानी कपड़ा परंपरा समाई हुई थी। शुभांशु ने लिखा कि यह डिब्बा भले ही हल्का था, लेकिन इसमें भारत के ज्ञान, मेहनत, कला और मानव कौशल की गहरी कहानी छिपी थी। उन्होंने कहा कि यह भारत की पहचान और भविष्य का एक शांत लेकिन मजबूत संदेश था, जो पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा था।