राजस्थान देश की सबसे बड़ी अक्षय ऊर्जा क्षमता का घर है, जहां वर्तमान में 42,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित है। अगले चार वर्षों में, राज्य में इस क्षमता को बढ़ाकर 1 लाख 25 हजार मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य है। लेकिन यह तेजी से बढ़ने वाली अक्षय ऊर्जा क्षमता के सामने एक बड़ी चुनौती है: कि इस उत्पादित बिजली का अधिक कुशल उपयोग कैसे किया जाए, जिससे उपभोक्ताओं को नियमित और कम दरों पर बिजली मिल सके।