ईरान पर हमले से पीछे क्यों हटा अमेरिका: नेतन्याहू ने किस मजबूरी में ट्रम्प को रोका; क्या बरकरार रहेगी खामेनेई की इस्लामिक सत्ता

14 जनवरी को अमेरिकी सेना ने मिडिल ईस्ट में सैन्य अभिनय किया, जिसने दुनिया को चौंकाया है। इसके पीछे कई बातें हैं जो इशारा करती हैं।
 
मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना ने तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्र पर अपनी उपस्थिति बढ़ाने की योजना बनाई है। यहां तक कि बातचीत भी हो रही है कि अमेरिकी सेना में मुस्लिम पुरुषों को ज्यादा भर्ती करने की कोशिश की जा रही है, ताकि उन्हें इस क्षेत्र पर अधिक नियंत्रण मिल सके। लेकिन, इससे पहले कि हम इस बात पर चर्चा करें, यह तो एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
 
मुझे लगता है कि यह सब कुछ और भी गहराई में नहीं देखा गया है। यह सिर्फ एक छोटी सी घटना है, लेकिन इसके पीछे बहुत सारी बातें हैं जो हमें समझनी चाहिए। पहले, अमेरिका के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र की एक बड़ी अभियान मिली हुई है। लेकिन फिर भी, इसके पीछे क्या वास्तविक कारण हैं? क्या यह सिर्फ दुनिया को एक जगह पर लाने का प्रयास है या फिर कुछ और?

मुझे लगता है कि हमें अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय समृद्धि के बारे में ज्यादा विचार करना चाहिए। यह दुनिया को एक जगह पर लाने की कोशिश नहीं है, बल्कि हमारे लिए ही यह महत्वपूर्ण है।
 
अमेरिकी सेना ने मिडिल ईस्ट में अपनी बाजी उड़ाई है, लेकिन इससे हमें क्या सीखना चाहिए? यह सोच करना जरूरी है कि क्या उनकी तरफ से ऐसा करने के पीछे कोई वास्तविक खतरा है या फिर किसी भी तरह की गैर-व्यक्तिगत समस्या से निपटने के लिए?

अमेरिका जैसी शक्तिशाली देशों में अक्सर राजनीतिक दबाव और आर्थिक हितों का खेल होता है, जो कभी-कभी वास्तविकता से बाहर भाग जाते हैं। हमें यह समझने की जरूरत है कि उनकी तरफ से ऐसा करने के पीछे क्या मूल कारण है और क्या हमारे देश के लिए इसका कोई फायदा हो सकता है?

लेकिन यह तो एक अच्छा सवाल है कि अमेरिकी सेना ने मिडिल ईस्ट में क्या खोजा? किसी भी तरह से इससे हमारे देश के लिए बेहतरीन परिणाम नहीं आ सकते। 🤔💡
 
अमेरिका का यह फेरबदल तो सबको हैरान कर देता है, नहीं तो क्या नया दुनिया में कुछ भी बदलेगा। मिडिल ईस्ट में सैन्य अभिनय करने से पहले उन्होंने थोड़ी सी तैयारी नहीं की, ये तो सबको हंसाता है। लेकिन देखिए, अगर यही उनका राज्यकर्म है तो फिर भी मैं पूछता हूं, क्या वास्तव में उन्हें लगता है कि यहां से जंग लड़ना आसान है?
 
बेटा, यह अमेरिकी सेना का युद्ध क्यों कर रही है? खैर, मुझे लगता है कि दुनिया बहुत बड़ी है, और हमें एक-दूसरे से सहयोग करना चाहिए। अगर वो बातचीत नहीं कर पाया, तो शांति से निकाल लेना था। क्या हमें यही सीखना चाहिए?
 
मुझे लगता है कि यह सब कुछ एक बड़े संकट का समाधान नहीं है। यानी, अमेरिकी सेना ने मिडिल ईस्ट में तेजी से सैन्य अभिनय किया। लेकिन हमेशा सोचें, कि इससे वास्तव में कुछ बदलेगा? या फिर यह सिर्फ दूसरे स्थान पर ट्रांसफर होगा, जिसे हमारी समस्या हल नहीं कर सकती।
 
मुझे यकीन है अमेरिकी सेना ने खुद को बड़ा खुलासा कर दिया है कि वो कितनी चालाक़ और अनिश्चित है। मिडिल ईस्ट में सैन्य अभिनय करना तो एक बात है, लेकिन जब भी ऐसा करते समय, तो ये सवाल उठते हैं कि क्या वास्तव में वो वहाँ पर सुरक्षा के लिए निकले हैं या फिर कोई और कारण है।

मुझे लगता है कि अमेरिकी सरकार के पास यह जानना चाहिए कि उनकी हर गतिविधि को दुनिया के आंखों में लाने से पहले वे वास्तव में तैयार हैं या नहीं। यह एक बड़ा सवाल है और इसका जवाब भी निश्चित नहीं है।
 
अमेरिकी सेना का यह फैसला सोच-समझकर लिया गया है, तो हमने उसके समर्थन में खुशी मनाई हो 🎉। मिडिल ईस्ट में स्थिति बहुत जटिल है, और अमेरिकी सरकार ने वहां की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वे वहां पर फिर से अंतर्राष्ट्रीय सहयोग वाला माहौल बनाएंगे, बल्कि उन्होंने अपने देश की सुरक्षा और राजनीतिक दबावों को ध्यान में रखते हुए इस फैसले लिया है। तो हमें उनके समर्थन की बात करनी चाहिए, न कि विरोध।
 
मेरा सवाल यह है कि अमेरिकी सेना ने मिडिल ईस्ट में ऐसा अभिनय क्यों किया? लगता है कि बहुत सारी बातें छुपी हुई थीं, जैसे कि वहां किस तरह की समस्याएं हैं और अमेरिका को उन पर कैसे नज़र रखनी चाहिए।

मुझे लगता है कि यह सब सिर्फ प्रेस की खबर है, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो इसके पीछे क्या मकसद है? अमेरिकी सेना कभी भारतीय उपमहाद्वीप में नहीं आयी थी, इसलिए मैं समझ नहीं पा रहा कि वहां क्यों जाने की जरूरत थी।
 
मुझे लगता है कि अमेरिकी सेना ने ऐसा क्यों किया, लेकिन फिर भी, यह हमारे देश के लिए एक अच्छा मौका हो सकता है कि हम अपनी सैन्य ताकत और रणनीति को दिखाऊं। लेकिन, यह बहुत अजीब लग रहा है कि वे ऐसा कहाँ से लेकर आये? या फिर कुछ और है जिस पर मैंने कभी नहीं सोचा था।

मेरी राय में, यह केवल एक छोटे से सैन्य अभिनय के बाद भी अमेरिका को अपने देश में वापस आने का मौका है। या फिर, कोई ऐसा साजिश है जिस पर हमने कभी नहीं सोचा था। मुझे लगता है कि हमें अपने सरकार को बताना चाहिए कि हमें ऐसी चीजों की जानकारी है। लेकिन, इसके बाद भी मेरी राय में कुछ और भी है जो मैं नहीं समझ पा रहा था।
 
मुझे लगता है कि यह अमेरिकी सेना का एक नया योजना है 🤔

मैंने देखा है कि वे पूर्व में अफगानिस्तान और इराक में बहुत ज्यादा शरणार्थियों को लाया था। अब उन्हें बाहर करने की भावना हो सकती है। 🤷‍♂️

मिडिल ईस्ट में ऐसे कई देश हैं जहां खाना और पानी की कमी होती है। अमेरिकी सेना का यह अभिनय वहाँ रहने वाले लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है जो मुश्किल स्थिति में already हैं।

मुझे लगता है कि हमें इन देशों की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए और उनके लिए सहायता करनी चाहिए। 🤝
 
अमेरिकी सेना ने मिडिल ईस्ट में ताकतवर अभिनय किया, और अब यह सवाल उठना शुरू हुआ है कि इसके पीछे क्या खेल चल रहा है। मुझे लगता है कि यह एक बड़ा निर्णय था, लेकिन इसके बाद क्या होगा, यह देखना मुश्किल है।

मैं सोचता हूँ कि अमेरिकी सरकार को यह ताकतवर अभिनय करने की जरूरत नहीं थी। हमें लगता है कि इसे एक बड़ा व्यापार बनाया जाना चाहिए, लेकिन मुझे लगता है कि इसके पीछे कुछ और खेल चल रहा है।

मैंने देखा है कि अमेरिकी सेना ने कई जगहों पर तैनाती की, और अब सवाल उठने लगा है कि यहाँ क्या होने वाला है। मुझे लगता है कि इसके पीछे कुछ गुप्त खेल चल रहे हैं, लेकिन मैं सोचता हूँ कि इसके बाद क्या होगा, यह देखना मुश्किल है। 😕
 
मेरे दोस्तों को लेकर यह फॉर्मूला बहुत ही अच्छा नहीं लग रहा है 🤔। पहली तो सोचिए, अमेरिकी सेना कहाँ और क्यूँ मिडिल ईस्ट में घुस गई? इसके पीछे कौन सी जिम्मेदारी है? कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। और फिर यहाँ पर हमारे प्लेटफॉर्म पर भी कुछ जवाब नहीं मिल रहे हैं।

क्या यह तो एक बड़ा सवाल है कि क्यों अमेरिकी सेना मिडल ईस्ट में घुस गई? और इसके लिए हमें कौन सी जानकारी देनी चाहिए? यहाँ पर हमें बस चर्चा करने का मौका नहीं मिल रहा। इस तरह की बातों पर हम अपनी राय देने से पहले खुद को भी समझना होगा।

मुझे लगता है कि हमारा प्लेटफॉर्म बहुत ही कमजोर है। यहाँ पर हमें बस अपने विचार रखने का मौका नहीं मिल रहा।
 
14 जनवरी को अमेरिकी सेना ने मिडिल ईस्ट में सैन्य अभिनय किया, इससे पहले कि हम सबने पता लगाने का मौका नहीं मिला। यह सुनकर अच्छा लगता है कि दुनिया में शांति की जो लहर चल रही थी, अब तेजी से उखड़ रही है।

मेरी राय में, अमेरिकी सेना ने तो बस अपनी रक्षा के लिए कदम उठाए, जिसकी जरूरत नहीं थी। इससे हमारे देश में भी शांति की बातचीत होती, और अब यह सब मुश्किल में आ गया।
 
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