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विश्व में सबसे बड़ी तकनीकी पुस्तकालय 'कॉमन लाइब्रेरी ऑफ कॉमन डोमेन' (सीएलडी) ने दुनिया भर के छात्रों और शोधकर्ताओं को मुफ़्त पर ऑनलाइन तकनीकी संसाधन प्रदान करने का फैसला किया है।

इस पुस्तकालय के प्रमुख निर्देशक डॉ. रोहन सिंह कह रहे हैं, 'हमारा उद्देश्य दुनिया भर के छात्रों और शोधकर्ताओं को मुफ़्त पर ऑनलाइन तकनीकी संसाधन प्रदान करना है। हम उन्हें नवीनतम तकनीकी जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारी टीम ने दुनिया भर में विभिन्न संगठनों और विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग किया है।'

इस पुस्तकालय में देश के लगभग सभी राज्यों में और भारत के विभिन्न संस्थानों से शिक्षकों ने ऑनलाइन तकनीकी संसाधन तैयार करने का काम लिया है। इस पुस्तकालय में देश के विभिन्न संगठनों और संस्थानों ने अपने अनुभवों, टूल्स और सामग्री प्रदान की है।

सीएलडी के प्रमुख निर्देशक डॉ. रोहन सिंह का कहना है, 'हमारा मुख्य उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं को नवीनतम तकनीकी जानकारी प्रदान करना है। हमें उम्मीद है कि दुनिया भर के विश्वविद्यालयों और संगठनों को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने का मौक़ा मिले।'
 
बेसिक तौर पर, ये बहुत अच्छी नइयत है 😊। विश्व में सबसे बड़ी तकनीकी पुस्तकालय बनाने से हमारे देश के छात्रों और शोधकर्ताओं को लाभ होगा। उन्हें नवीनतम तकनीकी जानकारी मिलेगी जिससे वे अपने क्षेत्र में बेहतर प्रयास कर सकेंगे। सीएलडी का यह फैसला दुनिया भर के छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक बड़ा मददगार हो सकता है।
 
मुझे ये बहुत अच्छी जानकारी है कि विश्व में सबसे बड़ी तकनीकी पुस्तकालय 'कॉमन लाइब्रेरी ऑफ कॉमन डोमेन' (सीएलडी) ने दुनिया भर के छात्रों और शोधकर्ताओं को ऑनलाइन तकनीकी संसाधन प्रदान करने का फैसला किया है। यह बहुत अच्छा पहलू है कि वे मुफ़्त पर जानकारी देने का फैसला कर रहे हैं।

मुझे उम्मीद है कि सीएलडी का यह प्रयास देश के सभी छात्रों और शोधकर्ताओं को लाभ पहुँचाएगा। मैं इस पुस्तकालय के प्रमुख निर्देशक डॉ. रोहन सिंह की बात समझ गया हूँ, वे हमारे देश के विभिन्न संगठनों और विश्वविद्यालयों को इसमें शामिल करने में सफल होने की उम्मीद करते हैं।
 
क्या यह सच है कि हमारे देश में तकनीकी शिक्षा की कमी है? लेकिन अब ऐसी बड़ी पुस्तकालयों की स्थापना हो रही है जो हमें ऑनलाइन तकनीकी संसाधन प्रदान करेंगी। यह तो बहुत अच्छा समाचार है। मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों और छात्रों को ऐसे संसाधन प्रदान करने चाहिए जिससे वे भविष्य की तकनीकी जगत में सफल हो सकें।

कॉमन लाइब्रेरी ऑफ कॉमन डोमेन नामक इस पुस्तकालय का उद्देश्य दुनिया भर के छात्रों और शोधकर्ताओं को मुफ़्त पर ऑनलाइन तकनीकी संसाधन प्रदान करना है। मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ा कदम है जिससे हमें अपने देश में तकनीकी शिक्षा की स्थिति में सुधार करने में मदद मिलेगी।
 
मैंने तो कई बार इन लोगों पर सवाल उठाया हूँ, 'क्या यह पूरा व्यवहार हमारे देश की जरूरतों के अनुसार नहीं ह?' 🤔

अगर हमारे संस्थान में ऑनलाइन संसाधन तैयार करने का काम शुरू हो जाता, तो कम से कम हमारी छात्रा भी इस पुस्तकालय की बात समझती। लेकिन यहाँ देश भर के विश्वविद्यालयों और संगठनों के साथ सहयोग करना... और तो भी बहुत ज्यादा। मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ा परियोजना है, और मैं चाहता हूँ कि इस पुस्तकालय की सफलता हमारे देश के लिए अच्छा संदेश दे। 📚

लेकिन, तो फिर इतने ज्यादे संसाधनों को एक जगह पर इकट्ठा करने में क्या बाधा आ रही है? और इतनी ज्यादा शामिल होने वाले संगठनों और विश्वविद्यालयों को देश भर के छात्रों तक पहुँचाने में कैसे सुधार किया जाएगा? 😕
 
ऑनलाइन तकनीकी संसाधन प्रदान करने का यह परियोजना बहुत अच्छी है 🤩, लेकिन इसमें भारत में शिक्षा विभागों को इसकी ज़रूरत और महत्ता के बारे में पता चलना चाहिए ताकि हमें ये संसाधन पहले से ही अपने पाठकों के लिए उपलब्ध करा सकें।

मुझे लगता है कि सीएलडी ने इस परियोजना में विभिन्न राज्यों और संगठनों को शामिल करना भी बहुत जरूरी है। इससे हमारी छात्र पीढ़ी को नवीनतम तकनीकी जानकारी प्रदान करने में मदद मिलेगी।
 
सीएलडी का यह फैसला बहुत अच्छा है 🤩। देश के सभी छात्रों और शोधकर्ताओं को मुफ़्त पर ऑनलाइन तकनीकी संसाधन प्रदान करना एक बहुत बड़ा सहयोग है। हमें उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से देश के विश्वविद्यालयों और संगठनों को भी लाभ होगा।
 
सीएलडी की यह सोच समझकर की गई है लेकिन क्या देश के विभिन्न राज्यों में छात्रों को मुफ़्त में ऑनलाइन तकनीकी संसाधन प्रदान करना संभव नहीं है? क्या सरकार से भी सहायता नहीं लेनी चाहिए? देश में तकनीकी शिक्षा के स्तर पर सुधार करने के लिए हमें एक संयुक्त प्रयास करना चाहिए न कि अलग-अलग जगहों में।
 
बड़े बड़े फायदे के साथ ये एक बहुत ही अच्छी नि‍यamिति है … मुझे उम्मीद है कि देश के सभी छात्रों और शोधकर्ताओं को इस पुस्तकालय में लाने में मदद मिले। इससे हमारा डिग्री स्तर भी बढ़ जाएगा… तो उम्मीद है कि विश्वविद्यालयों में छात्रों को इस पुस्तकालय का उपयोग करने का सुविधा दी जाएगी।
 
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