IMD Alert: फरवरी की शुरुआत तक नहीं मिलेगी राहत! उत्तर भारत में बर्फबारी-बारिश का कहर जारी, IMD का बड़ा अलर्ट

उत्तर भारत में बर्फबारी-बारिश का कहर जारी है, जिसके बाद IMD ने फरवरी की शुरुआत तक इसे खत्म नहीं कर पाने का दावा किया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बर्फबारी हुई, जिससे रास्ते बंद और पर्यटन स्थलों पर व्यवसाय बाधित हो गए।

इस दौरान राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई। बीत जाने वाले सर्दी के मौसम का लगभग आधा हिस्सा गुजरने के बाद, पहली बार पिछले हफ्ते उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में ठंडा और गीला मौसम देखने को मिला। इससे सड़कों पर घनासफाई बन गई और लोगों को अपने-अपने घरों में ही रहना पड़ा।

इस बीच, IMD ने बताया है कि यह मौसम अगले 3-4 दिनों तक रहेगा, जिसके बाद तापमान थोड़ा बढ़ने लगेगा। लेकिन इसके अलावा, इस दौरान उत्तर और पश्चिम भारत में कई शहरों में सूखा वाला मौसम देखने को मिल सकता है।
 
बारिश हुई तो अच्छी बात, लेकिन जब बर्फबारी शुरू होती है तो जान-बूझकर खींचलने की जरूरत नहीं। जम्मू-कश्मीर और उससे आगे वाले इलाकों में ऐसा स्वाभाविक है तो लेकिन राजस्थान में? क्या थोड़ी और ठंडी हवा चलने देने की जरूरत नहीं?

और ये तो बात है, मध्यम से तेज बारिश कहीं भी अच्छी नहीं। जैसे लोग घरों में ही रहने की इच्छा करते हैं, वैसे ही सब ठीक है। पर्यटन स्थलों पर व्यवसाय बाधित होने से तो निकलना चाहिए, सिर्फ ठंडक खोजने की जरूरत नहीं।
 
यह तो बहुत ही राजनीतिक है, बर्फबारी-बारिश में जिन इलाकों को सबसे अधिक प्रभावित देखा गया है, वहीं से कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अपने गढ़ बनाते रहते हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तो न जाने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को यह सब कितना पसंद आया होगा।

और राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में बारिश करने वाले लोगों को तो यह सब एक नई छवि बनाते हैं - "हम भी बर्फबारी-बारिश का सामना कर सकते हैं।" परन्तु इनमें से ज्यादातर इलाकों में विकास और आर्थिक गतिविधियाँ अधिक थीं, तो यह सब एक नई दूसरी समस्या बन गया।

अगर हमारे देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक असमानताओं पर नजर डालें, तो यह बात कहना है कि मौसम कैसे लोगों की जिंदगी को प्रभावित करता है, हमारे राजनीतिज्ञ इन चीजों पर बहुत कम चर्चा करते हैं।
 
આ મौसमે સૂચવ્યું છે કે તપાસ અને પ્રણાલીમાં ફેરફાર થાય છે, પરંતુ આવશ્યક નથી. ગર्मી અને ઠંડક દોષે માનસપર્વત હિમાલય જેવા ભૌગોલિક પ્રદેશોએ ખંડનું અસ્તિત્વ જણાવી છે.
 
क्या ये ठंडा मौसम तो हमेशा ऐसा ही रहता है? पिछले साल भी जब बर्फबारी हुई थी, तो उत्तर भारत का सबसे अधिक नुकसान हुआ था। अब IMD की बात सुनकर लगता है कि फिर से बर्फबारी होने की चिंता है। लेकिन यह तो 3-4 दिनों तक रहता है, ठीक है? और फिर सूखा वाला मौसम आने की बात, ये हमारे लिए अच्छा नहीं लग रहा।
 
🌨️ यह बर्फबारी-बारिश मौसम तो बहुत ही चुनौतीपूर्ण है! जैसे ही रास्ते खुलते हैं तो फिर से बाधाएँ आती हैं। और लोगों को अपने-अपने घरों में रहना पड़ता है, यह बहुत ही परेशान करने वाला है।

मुझे लगता है कि इस दौरान हमें एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए, खासकर जरूरतमंद लोगों की। हमारे पर्यटन स्थलों में जाने वाले लोग भी बहुत ही परेशान हो रहे हैं, इसलिए हम उन्हें सहायता कर सकते हैं।

आजकल सड़कों पर घनासफाई तो देखने को मिल रही है, इसलिए हमें सावधानी से चलना चाहिए। और जब तापमान थोड़ा बढ़ेगा, तो फिर से बहुत ही सावधानी बरतनी चाहिए।
 
अरे, यह तो बहुत बड़ी समस्या है! बर्फबारी और बारिश के बाद सड़कें इतनी खराब हो गईं कि लोग अपने-अपने घरों में रहना पड़ गए। और IMD ने बताया है कि अगले 3-4 दिनों तक यही मौसम रहेगा, तो यह तो बहुत बड़ी परेशानी हो सकती है। लेकिन अगर हम अच्छी तरह से योजना बनाएं, तो लोग अपने-अपने कामों को भी जारी रख सकेंगे। मैं सोचता हूं कि सरकार और प्रशासन को इस पर ध्यान देने की जरूरत है, ताकि लोगों की समस्याओं को हल करने की कोशिश की जाए।
 
बारिश-बर्फबारी से हमेशा कुछ तय होता है... पहले तो हमें खुशी होती है कि घरों में पानी भरने का मौका मिल जाता है, लेकिन फिर सड़कों पर घनासफाई आने लगती है और हमें अपने-अपने घरों में रहना पड़ता है। तो फिर यह तो एक दूसरी समस्या ही बन जाती है। 🤯

अब सरकार कुछ करने की जरूरत है, लेकिन मुझे लगता है कि इसके लिए हमें सबसे पहले अपने घरों और परिवारों को सुरक्षित रखने की जरूरत है। तो अब अगर हमारे पास गर्मियों के लिए तैयारी करने का समय है, तो इससे अच्छा कोई विकल्प नहीं है... 🍁

जैसे ही जल्द ही, मौसम बदलने लगेगा, फिर हमें अपने घरों और परिवारों के लिए तैयार रहना होगा। तो अब शायद अगले 3-4 दिनों तक यह सूखा-बर्फबारी जारी रहेगी, फिर तापमान बढ़ने लगेगा।
 
अरे यार, बर्फबारी तो लगता है खेल चल रहा है! उत्तर भारत में गंभीरता से बारिश की है और लोगों को अपने-अपने घरों पर रहना पड़ गया है। पिछले हफ्ते तो ठंडा और गीला मौसम देखने को मिला, तो अब भारी बर्फबारी जैसे ही मौसम बदल गया। लोगों की यात्राएं बाधित हुई, रास्ते बंद हो गए और पर्यटन स्थलों पर व्यवसाय प्रभावित हुआ। ऐसा लगता है कि मौसम को कभी स्थिर करने की कोशिश नहीं की जा रही। लेकिन IMD का दावा है कि तापमान थोड़ा बढ़ेगा और यह मौसम अगले 3-4 दिनों तक रहेगा। तो चलिए, शांति रखें और अपने घरों पर आराम करें।
 
भ्रष्ट वेधी मौसम का यह तो हास्य बाजार तो खुल गया है 🤣। बर्फबारी से पहले भी ज्यादा बारिश कौन कहता था। और अब जब ठंड का मौसम आ गया है तो लोग कह रहे हैं कि तापमान बढ़ने लगेगा, लेकिन यह तो कुछ हफ्तों से ठंडी-गर्मी में रहते हुए बात है। जैसे पिछले हफ्ते पूरा उत्तर भारत गीला-ठंडा था, इसके अलावा और क्या कहना है? 🤷‍♂️
 
सरकार की तैयारी क्या है? जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में बर्फबारी के बाद सड़कें बंद हो गईं, लेकिन सरकार ने इसके लिए तैयारी नहीं की तो फिर कहाँ से बढ़ता यह जोखिम? 🤔 और राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में बारिश हुई तो सरकार ने इसके लिए योजनाएं बनाई तो फिर कहाँ से घटित होता यह परिवर्तन? 👀
 
भाई, तेज बर्फबारी और बारिश का यह मौसम बहुत ही अनुभव करने वाला है 🌨️। लेकिन अगर हम इसे सोचते हैं कि देश भर में इतनी जगहें अलग-अलग हैं, तो यह तो एक अच्छा मौका है कि सबकुछ समान रूप से प्रभावित न हो। मेरा ख्याल है कि अगर सरकार किसी भी मदद करने की बात कर रही है, तो वह शायद हर जगह लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम करे। रास्ते ढीलने और पर्यटन स्थलों पर व्यवसाय बाधित होने से पहले भी सरकार को अच्छी तैयारी करनी चाहिए थी।
 
बारिश की वजह से जो परेशानी हो रही है वाह, यह तो बहुत बड़ा समस्या है 🌨️😩। बर्फबारी और बारिश की वजह से रास्ते बंद होने की जगह निकलने की सोच में लोगों की जान सुरक्षित नहीं हो पाई, यह तो बहुत बड़ा खतरा है 💥। इसके अलावा, लोगों को अपने-अपने घरों में रहने की जगह बाहर घूमने की जगह खेलने की सोच में जान-माल की हानि होने का डर है 😱। IMD ने बताया है कि अगले 3-4 दिनों तक यह मौसम रहेगा, लेकिन इसके अलावा भी कई शहरों में सूखा वाला मौसम देखने को मिल सकता है, तो यह तो और भी बड़ी समस्या है 😬
 
बर्फबारी बारिश से निकलने के बाद, हमें अपने घरों को छोड़कर सड़कों पर जाने की जिज्ञासा महसूस कराती है 🌈। लेकिन आजकल मौसम ऐसा बदल गया है, जहां एक दिन ठंडा, और अगले दिन गीला और घनासफाई होती है। इससे हमें अपने आप को संतुलित रखने में मदद करने के लिए, हमें ध्यान केंद्रित करने और शांति खोजने का समय निकालना चाहिए।
 
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