भारत और रूस के बीच होने वाली इस महत्वपूर्ण मुलाकात में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूसी रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव के बीच एस-400 एयर डिफेंस प्रणाली सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत ने पहले 2018 में रूस से पांच एस-400 रेजिमेंट का सौदा किया था, जिसमें तीन रेजिमेंट अभी भारत के पास हैं। शेष दो 2026 तक मिलने की संभावना है।
एस-400 एयर डिफेंस प्रणाली एक बहुत ही शक्तिशाली वायु रक्षा प्रणाली है, जो अपने अत्यधिक सटीकता और आक्रामक क्षमताओं के लिए जानी जाती है। इसके अलावा, एस-400 का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह मिसाइलों को स्वदेशी निर्माण पर भी ध्यान देती है, जो भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
वर्तमान में, एस-400 का एक अन्य उन्नत संस्करण एस-500 है। यह मिसाइल हाइपरसोनिक गति से चलने वाली है और बाहरी अंतरिक्ष में स्थित लक्ष्यों पर निशाना साध सकती है। एस-500 की शक्तिशालितता चीन की बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ भारत की क्षमता को बहुत बढ़ाएगी। इसका मतलब यह है कि पाकिस्तान की अधिकांश मिसाइलें भी एस-500 के दायरे में आ जाएंगी, और इसलिए पाकिस्तान के लिए आक्रामक कार्रवाई बेहद जोखिम भरी हो जाएगी।
एस-400 एयर डिफेंस प्रणाली साथ ही, एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू भारत के पास आकाश, एमआर-सैम, एस-400 और एस-500 के साथ दुनिया की बेहतरीन बहु-स्तरीय वायु रक्षा ढाल होगी। यह न केवल भारत को अपनी सुरक्षा में मदद करेगा, बल्कि इसे चीन और पाकिस्तान के खिलाफ एक मजबूत रणनीतिक बढ़त भी देगा।
एस-400 एयर डिफेंस प्रणाली एक बहुत ही शक्तिशाली वायु रक्षा प्रणाली है, जो अपने अत्यधिक सटीकता और आक्रामक क्षमताओं के लिए जानी जाती है। इसके अलावा, एस-400 का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह मिसाइलों को स्वदेशी निर्माण पर भी ध्यान देती है, जो भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
वर्तमान में, एस-400 का एक अन्य उन्नत संस्करण एस-500 है। यह मिसाइल हाइपरसोनिक गति से चलने वाली है और बाहरी अंतरिक्ष में स्थित लक्ष्यों पर निशाना साध सकती है। एस-500 की शक्तिशालितता चीन की बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ भारत की क्षमता को बहुत बढ़ाएगी। इसका मतलब यह है कि पाकिस्तान की अधिकांश मिसाइलें भी एस-500 के दायरे में आ जाएंगी, और इसलिए पाकिस्तान के लिए आक्रामक कार्रवाई बेहद जोखिम भरी हो जाएगी।
एस-400 एयर डिफेंस प्रणाली साथ ही, एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू भारत के पास आकाश, एमआर-सैम, एस-400 और एस-500 के साथ दुनिया की बेहतरीन बहु-स्तरीय वायु रक्षा ढाल होगी। यह न केवल भारत को अपनी सुरक्षा में मदद करेगा, बल्कि इसे चीन और पाकिस्तान के खिलाफ एक मजबूत रणनीतिक बढ़त भी देगा।