भारतीय सेना ने अपनी 246 सड़कों, आवासीय कॉलोनियों और इमारतों में ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के प्रतीकों को त्यागकर अपनी सैन्य पहचान का स्वदेशीकरण करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत इन सभी स्थानों के नाम बदल दिए गए हैं, जिनमें 124 सड़कें, 77 आवासीय कॉलोनियां, 27 इमारतें और 18 अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
अब इन सभी स्थानों को भारत के परमवीर चक्र विजेताओं, युद्ध नायकों और महान सैन्य नेतृत्वकर्ताओं के नाम से जाना जाएगा। यह पहल का उद्देश्य ब्रिटिश काल की सैन्य पहचान पीछे छोड़कर एक ऐसी पहचान बनाना है जो भारत की अपनी समृद्ध विरासत और शौर्य गाथाओं पर आधारित हो।
दिल्ली छावनी में किर्बी प्लेस का नाम बदलकर केनुगुरुसे विहार, अंबाला छावनी में पैटरसन रोड क्वार्टर्स अब धन सिंह थापा एन्क्लेव कहलाएंगे, और मथुरा छावनी में न्यू हॉर्न लाइन का नाम अब्दुल हमीद लाइंस रखा गया। जयपुर छावनी में क्वींस लाइन रोड अब सुंदर सिंह मार्ग होगा।
इस पहल में बदले गए नामों में बरेली छावनी में न्यू बर्डवुड लाइन को थिमैया कॉलोनी, महू छावनी में मैलकम लाइंस को पीरू सिंह लाइंस, और देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में कॉलिन्स ब्लॉक को नुब्रा ब्लॉक और किंग्सवे ब्लॉक रखा गया। कोलकाता में ऐतिहासिक फोर्ट विलियम का नाम बदलकर विजय दुर्ग कर दिया गया।
इस निर्णय से सेना का संदेश है कि वह अपने प्रशिक्षण और कामकाजी स्थानों को भारतीय परंपराओं के अनुरूप ढाल रही है। यह कदम न सिर्फ हमारे शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देता है, बल्कि उनके साहस और नेतृत्व को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनाता है।
अब इन सभी स्थानों को भारत के परमवीर चक्र विजेताओं, युद्ध नायकों और महान सैन्य नेतृत्वकर्ताओं के नाम से जाना जाएगा। यह पहल का उद्देश्य ब्रिटिश काल की सैन्य पहचान पीछे छोड़कर एक ऐसी पहचान बनाना है जो भारत की अपनी समृद्ध विरासत और शौर्य गाथाओं पर आधारित हो।
दिल्ली छावनी में किर्बी प्लेस का नाम बदलकर केनुगुरुसे विहार, अंबाला छावनी में पैटरसन रोड क्वार्टर्स अब धन सिंह थापा एन्क्लेव कहलाएंगे, और मथुरा छावनी में न्यू हॉर्न लाइन का नाम अब्दुल हमीद लाइंस रखा गया। जयपुर छावनी में क्वींस लाइन रोड अब सुंदर सिंह मार्ग होगा।
इस पहल में बदले गए नामों में बरेली छावनी में न्यू बर्डवुड लाइन को थिमैया कॉलोनी, महू छावनी में मैलकम लाइंस को पीरू सिंह लाइंस, और देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में कॉलिन्स ब्लॉक को नुब्रा ब्लॉक और किंग्सवे ब्लॉक रखा गया। कोलकाता में ऐतिहासिक फोर्ट विलियम का नाम बदलकर विजय दुर्ग कर दिया गया।
इस निर्णय से सेना का संदेश है कि वह अपने प्रशिक्षण और कामकाजी स्थानों को भारतीय परंपराओं के अनुरूप ढाल रही है। यह कदम न सिर्फ हमारे शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देता है, बल्कि उनके साहस और नेतृत्व को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनाता है।