Iran Protests: खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को बताया 'अपराधी', हजारों लोगों की मौत का जिम्मेदार ठहराया

ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 'अपराधी' करार दिया है। यह बयान ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बाद आया है, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे। खामेनेई ने कहा है कि अमेरिकी सरकार ने अपने आक्रामक नीतियों से ईरान को परेशान किया है।

खामेनेई ने अपने भाषण में कहा, "यह आदमी बीमार है, उसे अपने देश को सही तरीके से चलाना चाहिए और लोगों की हत्या रोकनी चाहिए। उनका देश रहने के लिए दुनिया में सबसे खराब जगह है, क्योंकि वहां नेतृत्व खराब है। उन्होंने कहा, ईरान में नए नेतृत्व की तलाश करने का समय आ गया है।

इस बयान के बाद, अमेरिकी सरकार ने खामेनेई पर आरोप लगाए हैं कि वे विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के परिवारों से बदले में पैसा ले रहे हैं।
 
अगर अमेरिकी राष्ट्रपति तो इतना बुरा है कि ईरान के नेता उसे अपराधी करार दे रहे हैं तो हमें सोचना चाहिए कि क्या वो अपने देश में सच्चाई और न्याय की लाइन पर चलने के लिए तैयार हैं? 🤔

और ईरान में विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग मारे गए, तो अमेरिकी सरकार तो इतनी बुरी निकल गई कि वह खामेनेई पर आरोप लगा रही है कि वह बदले में पैसे ले रहे हैं? यह तो बहुत ही शर्मसारी दिखाई देता है।

क्या हमें लगता है कि खामेनेई ने सही किया है? ना तो ज़रूरी और ना में. लेकिन एक बात तो साफ़ है कि अमेरिकी सरकार अपने देश की गलatus्त भूमिका के बारे में बोलती नहीं है।
 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर अपराधी करार देने से पहले, उसने खुद बुरा व्यवहार किया है। ईरान में हजारों लोग मारे गए, और फिर अमेरिकी सरकार ने उनके परिवारों से बदले में पैसा लेने का आरोप लगाया। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और हमें लगता है कि अमेरिकी सरकार ने इस मामले में गलती कर ली है।
 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 'अपराधी' करार देने वाले ईरान के खामेनेई नेता का बयान देखकर मुझे लगता है कि यह तो बहुत बड़ा प्रयास है। लेकिन क्या हमें लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति को इस तरह का जिम्मेदारी स्वीकार करना चाहिए? मुझे लगता है कि इसके पीछे बहुत बड़ा राजनीति है।

मैंने देखा है कि जब कोई ऐसा बयान करता है, तो तुरंत विरोध होता है। और फिर तो हमारे देश में खामेनेई नेता से लड़ाई छिड़ जाती है। लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपने देश में शांति बनाए रखनी चाहिए।
 
आजकल अमेरिकी राष्ट्रपति को 'अपराधी' करार देना एक बड़ा बातचीत बन गया है। लेकिन वास्तविकता यह है कि ईरान में तो क्या हुआ था, यह हमें सोचने पर मजबूर करता है। हजारों लोग मारे गए, परिवारों की दर्द भरी स्थितियां, और अब खामेनेई ने अमेरिकी सरकार को दोषी ठहराया है... लेकिन यह सवाल उठता है कि हमने अपनी सरकार पर इतनी ज्यादा दबाव डालने की क्यों तैयारी, जब ईरान में ऐसा क्या हुआ था।
 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 'अपराधी' करार देना तो अच्छा नहीं है, लेकिन यह जानना मुश्किल है कि ईरान के खामेनेई ने कितना सच बोला है। विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग मारे गए, तो इन चीजों की परवाह नहीं कर सकते कि अमेरिकी सरकार ने क्या कहा। लेकिन ईरान में नए नेतृत्व की तलाश करने का समय आ गया है, तो यह अच्छा है। लेकिन हमें यह भी सोचना चाहिए कि खामेनेई ने विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के परिवारों से बदले में पैसा नहीं लिया, तो क्या उनकी बात सच है?
 
अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खामेनेई जी को 'अपराधी' करार दे सकते हैं, तो क्यों नहीं हम अपने देश के नेताओं से उन्हें देश को और लोगों को अच्छा बनाने के लिए कहें? 🤔

मुझे लगता है कि खामेनेई जी ने बिल्कुल सही कहा है, अमेरिकी सरकार ने ईरान पर बहुत बड़ा दबाव डाला है। लेकिन अगर हम अपने देश में भी ऐसे प्रभावी नेतृत्व को बढ़ावा देने की कोशिश करें, तो शायद दुनिया में स्थिति बेहतर हो जाएगी। 💡

आज के समय में हमें अपने देश और दुनिया के लिए सकारात्मक बदलाव करने की जरूरत है। हमें खुद पर विश्वास करना चाहिए और अपने सपनों को सच बनाने की कोशिश करनी चाहिए। 💪
 
सरकार की बातें सुनकर ज्यादा नहीं लगती, यह तो सब विरोध प्रदर्शनों के बाद निकली चुकनी है... ईरान में हजारों लोग मारे गए, तो खामेनेई ने बोला कि अमेरिकी सरकार ने उन्हें परेशान किया? यह तो दिखाई नहीं देता, लेकिन शायद विरोध प्रदर्शनों से उन्हें मुनाफा हुआ होगा... खामेनेई की बात में ज्यादा तर्क नहीं लगता, वह तो अपने सरकार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं... अमेरिकी सरकार ने भी आरोप लगाए हैं, लेकिन इसकी जांच क्यों नहीं?
 
क्या ईरान के खामेनेई जी ने सही कहा? अमेरिका को वास्तव में ऐसा लग सकता है कि उन्होंने ईरान पर बहुत ही आक्रामक नीतियां अपनाई हैं। लेकिन, फिर भी, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप जी तो बिल्कुल विपक्ष में नहीं थे, उनके देश को खलीफत से समझाने की कोशिश करने का मतलब होगा कि उनका देश यथार्थवादी नहीं था। फिर, ईरान के लिए अब नए नेतृत्व की तलाश करने का समय आ गया है, परन्तु इससे पहले हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि ईरान में वास्तव में क्या समस्याएं थीं।
 
मुझे यह तो बहुत दुख देने वाला है जो ईरान में हुआ... क्या हमें नेताओं की तरह जीवन जीने की जरूरत है? खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति से कहा की वह बीमार हैं और अपने देश को सही कराना चाहिए... लेकिन क्या हमें उनकी तरह ही इस्तेमाल करने की जरूरत है? मुझे लगता है की हमें एक दूसरे को समझने की जरूरत हैं और शांति से बातचीत करनी चाहिए...
 
🤣👀 क्या तो खामेनेई ने ट्रंप को 'अपराधी' करार दिया, अब उनकी बात नहीं मानी जाएगी, और अमेरिकी सरकार ने उनका दांव फेंक दिया है! 🤷‍♂️

[मemes of Trump and Khameenei with angry faces and 'पराधी' stamps on them]
 
क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खामेनेई नेता ने 'अपराधी' कहकर फंसाया गया है? क्या वास्तव में वह ऐसा करते हैं? मुझे लगता है कि दोनों पक्षों को अपने दृष्टिकोण पर गर्व करना चाहिए और हमारे देश की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। क्या ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बाद खामेनेई ने सही तरीके से कहा था? 🤔
 
ईरान की बात में, आयातुल्लाह अली खामेनेई को देखकर लगता है कि वे अपने देश में बहुत बड़ा दर्द-भरा हैं, ताकि वे अमेरिकी सरकार पर ऐसे बयान कर सकें। लेकिन यह भी सच है कि अमेरिकी सरकार ने ईरान को बहुत परेशान किया है, इसलिए खामेनेई जैसे लोगों को अपने देश को बचाने की जरूरत है। लेकिन मुझे लगता है कि ईरान में नए नेतृत्व की तलाश करने का समय नहीं आ गया है, बल्कि यह तो खामेनेई जैसे लोगों की राजनीति है।
 
मैंने कल दिल्ली में एक ऐसी जगह पर जाना चाहा, जहां ख्वाब वास्तविकता से भिन्न होते हैं। वहां की गुलदस्ता बाग़ में बहुत सुंदर पेड़ लगे थे, लेकिन शायद आज तक नहीं बदला है। मैंने कभी सोचा नहीं था कि दिल्ली में भी ऐसी जगहें होंगी, लेकिन वहां गया तो मुझे लगा कि लगता है जैसे शहर की दीवारें कुछ अलग हैं। फिर मैंने सोचा कि वास्तविकता क्या है, यह सब कुछ।
 
मुझे याद है जब मैं बच्चा था, मेरी दादी ने मुझे बनाया था एक छोटा सा स्टीयर्नबॉय, वह हमेशा मुझसे कह्ता करता कि अगर तुम कभी भी अपना स्टीयर्न लो डो, तो तुम्हारा जहाज दौड़ जाएगा।
 
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