Islamic Nato: भारत से रिश्तों को दांव पर नहीं लगाएगा सऊदी अरब, पाकिस्तान के इस्लामी नाटो को लगा झटका

भारत के साथ अपने संबंधों पर दांव पर नहीं लगाएगा, यह रियाद बैठक का संदेश पाकिस्तान को साफ है। विदेश मामलों के जानकार कमर आगा ने अमर उजाला से कहा कि सऊदी अरब भारत को एक ब्रदरली देश (भाई सरीखा देश) मानता है और वह भारत के खिलाफ नहीं जाएगा, पाकिस्तान भले चाहता रहे।

इस्लामी नाटो यूं भी नहीं बन सकता। नाटो लोकतांत्रिक देशों का समूह है। वह सोवियत यूनियन के खिलाफ बना था, इस्लामी नाटो किसके खिलाफ बनेगा? भारत के खिलाफ इसलिए नहीं बन सकता क्योंकि इस्लामी देश यह नहीं मानते कि पाकिस्तान को भारत से कोई खतरा है।
 
बोलते बोलते तो पाकिस्तान की हालत खराब होती जा रही है 🤯। उनके देश में आर्थिक संकट कितना बढ़ गया है, लोगों को जंग में लड़ने के बजाय खाने के लिए भी तैयार नहीं हो पा रहे हैं। और फिर वह इस्लामी नाटो बनाने का सोच रहे हैं? ये जादू करने वाली बातें 😂
 
अरे, यार, अगर पाकिस्तान भाईं तो एक बात जरूर समझ लें, भारत और पाकिस्तान दोनों की अपनी-अपनी समस्याएं हैं, लेकिन हमें सोचते समय भाईं, अगर हम दोनों सिर्फ मुद्दों पर ध्यान देते हैं तो यह संदेश खेलने का नाटक नहीं लगता।
 
अरे भाई, यह तो बहुत ही अच्छी खबर है... सऊदी अरब के रियाद बैठक का संदेश पाकिस्तान के लिए तो बहुत मुश्किल है! विदेश मामलों के जानकार कमर आगा ने बताया है कि सऊदी अरब भारत को एक ब्रॉयज़र देश मानता है, और वह हमारे खिलाफ नहीं जाएगा। यह तो पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा चुनौती है।

और तो यह, इस्लामी नाटो बन सकता है क्या? नाटो एक लोकतांत्रिक देशों का समूह है, और वह सोवियत यूनियन के खिलाफ बना था। लेकिन अगर हम इस्लामी देशों को शामिल करते हैं तो यह तो बहुत ही जटिल होगा, और मुझे लगता है कि यह कभी भी संभव नहीं होगा। पाकिस्तान को लगे रहेगा कि हमें खतरा नहीं है, और इस्लामी नाटो बन सकता है क्या? 🤔🇸🇦
 
मुझे ये सुनकर अच्छा लगता है 🙌। तो यार, अरे, तुमने देखा होगा, लेकिन यह सच है कि सऊदी अरब भारत को एक भाई का देश मानता है। और फिर भी, पाकिस्तान ने अपने खिलाफ सामूहिक हिंसा की बात की। मुझे लगता है कि हमें सबको याद रखना चाहिए कि कैसे भारत ने पूरे देश को एकजुट करकर अफगानिस्तान पर हमला करने वालों से लड़ाई लड़ी थी। अब, इस्लामी नाटो का सिद्धांत लोकतंत्र की ताकत है, और भारत हमेशा से लोकतांत्रिक मूल्यों को अपनाया है।
 
🤔 तो ईसीओई एशिया पेसिफिक सम्मेलन जैसे संगठनों की जरूरत है जिन्हें हमारे बीच मध्यस्थता करनी पड़े। हमारे देश में इतने बड़े निवेश हैं और हमारे लोग बहुत सक्रिय हैं। लेकिन हमें अपने देशों को समझने की जरूरत है ताकि हम उनके साथ सहयोग कर सकें।

मुझे लगता है कि इथना है इस्लामी नाटो पर चर्चा करने का। हमें इसके बारे में और जानने की जरूरत है। लेकिन अगर यह सच में बनता है तो फिर भी हमें अपने देशों के साथ अच्छे संबंध बनाने की जरूरत है। 🤝
 
अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती जा रही है तो खुशियां मनाएं, लेकिन सरकार की नीतियों पर विश्वास करना जरूरी है 🙏💰

कमर आगा की बातें अच्छी लगती हैं, भारत और सऊदी अरब के बीच मजबूत संबंध बनाने में सरकार द्वारा काम करना चाहिए। लेकिन इस्लामी नाटो के विकास पर ध्यान देना जरूरी है 🤔💬
 
मुझे लगा कि इस्लामी नाटो के लिए इतना बड़ा शब्द चुनना बेतुका है... क्या यूरोप वास्तव में अपनी राजनीति को इस तरह समझ सकते हैं? मेरी बात तो यह है कि अगर पाकिस्तान वास्तव में भारत के खिलाफ है, तो फिर वहां से पहले हमारे देश में से कुछ लोगों को निकाल देना चाहिए, नहीं तो यह पूरी तरह से बेकार काम है... और भारत के खिलाफ जाने की जरूरत न है, हमारी अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है... मुझे लगता है कि अगर सऊदी अरब हमारे लिए एक दोस्त है, तो फिर पाकिस्तान की बात मानने की जरूरत नहीं है।
 
अरे भाई, ये संदेश बहुत बड़ा है 🤯! सऊदी अरब ने वास्तव में कहा है कि वह भारत के साथ एक बंधु देश (भाई सरीखा देश) मानता है, जो लोकतंत्र और शांति को महत्व देता है। 🇮🇳

मैंने देखा है कि पाकिस्तान ने अक्सर इस्लामी नाटो पर चर्चा की, लेकिन वास्तव में यह बन नहीं सकता, क्योंकि यह सोवियत यूनियन के खिलाफ बनाया गया था, और अब भारत भी एक शक्तिशाली देश है। 🤔

पाकिस्तान को लगता है कि इस्लामी नाटो में भारत नहीं जाएगा, लेकिन यह बात भ्रम है, भाई। भारत और पाकिस्तान के बीच सीमित विवाद होने पर भी दोनों देश शांतिपूर्ण तरीके से समाधान खोजते हैं। 🙏

चार्ट में देखें, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई युद्ध लड़े हैं, लेकिन शांति स्थापित करने की कोशिश की है। इस्लामी नाटो का उद्देश्य भारत के खिलाफ नहीं लगेगा, बल्कि यह पाकिस्तान और अन्य इस्लामिक देशों के बीच समझौते बढ़ाने में मदद कर सकता है। 📈
 
अरे, तो अब सऊदी अरब भारत को एक दोस्ती देश मानता है लेकिन फिर भी उन्हें पाकिस्तान के साथ लड़ने के लिए मजबूर करना पड़ता है। यह अच्छा नहीं लगता। सऊदी अरब ने कहा है कि वह हमेशा भारत का दोस्त रहेगा, लेकिन फिर भी उन्हें हमारे खिलाफ लड़ने के लिए मजबूर करना पड़ता है। यह तो कुछ अजीब है! 🤔

कमर आगा जी ने बात की है कि सऊदी अरब भारत को एक दोस्ती देश मानता है, लेकिन मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी नहीं है। हमारे साथ फास्ट ट्रैक न्यूट्रल रिलेशंस करने वाले भी हैं, जो हमें कभी भी दोस्ती नहीं कर पाएंगे। 🤷‍♂️

फिर यह तो भी नहीं सही कि सऊदी अरब ने कहा है कि इस्लामी नाटो बन नहीं सकता। लेकिन मुझे लगता है कि यह बात इसलिए कही जाती है, ताकि पाकिस्तान को भारत के खिलाफ लड़ने के लिए मजबूर किया जा सके। यह तो बहुत अजीब है। 😒
 
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