मास्टरमाइंड कैसे: मोहम्मद इमरान पर 20 गिरफ्तार
दिल्ली में फैज-ए-इलाही मस्जिद हिंसा में 20 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से शामिल आरोपी मोहम्मद इमरान की पत्नी सुमैरा भी है। उनके परिवार से बात करते हुए, उन्होंने बताया कि इमरान रोज की तरह दुकान गए थे, लेकिन शाम को घर नहीं लौटे। परिवार ने ढूंढना शुरू किया, लेकिन करीब 2 घंटे बाद आसपास वालों ने उनकी गिरफ्तारी बताई।
तुर्कमान गेट में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा हुई थी। इस दौरान इमरान पर पत्थरबाजी, पुलिस पर हमला करने, हत्या की कोशिश और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे हैं।
इमरान के साथ 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें मुस्लिम हैं। इनमें से अधिकांश तुर्कमान गेट और चांदनी महल के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया है कि आरोपियों को सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो में देखा गया है। कई लोग अभी भी हिरासत में हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
मस्जिद के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर आरोपियों ने बताया कि उन्हें मीडिया में घटना का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उनकी पत्नी सुमैरा ने बताया, ‘उनको पुलिस ने सिर्फ यह दिखाया और बाकी सब बताया। जब हमने घर से बाहर आ गए, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।’
सुमैरा के अनुसार पति की गिरफ्तारी के बाद परिवार में परेशानी है। वह बताती हैं, ‘इमरान सामान लेकर अपने घर लौट रहे थे, लेकिन उस दिन उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। परिवार को भी पता नहीं था। कुछ समय तक हमने उसकी पहचान नहीं पाई।’
दिल्ली पुलिस ने 7 जनवरी को ही 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था, जिनमें से एक मोहम्मद आरिब भी शामिल था। उनका नाम FIR में भी दर्ज किया गया है। आरिब की बहन अनुषा कहती हैं, ‘हमारे बड़े भाई को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस को नहीं बताया। हमें पता चला जब उन्होंने कैफे में आकर दोस्त से बात की।’
आरोपियों की तरफ से वकील दानिश अली कहते हैं, ‘तब तक कोई भी बात निकली, उसमें भी कोई सबूत नहीं था। अब हम बता रहे हैं कि यह वीडियो और फोटो में दिखाई देने वाले लोग कौन हैं। पुलिस ने आंसू गैस छोड़कर लाठीचार्ज कर दिया।
दिल्ली नगर निगम ने 7 जनवरी को मस्जिद के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था, जिसमें पार्किंग ढहाने और अन्य कार्रवाई शामिल थी। हालांकि, मुस्लिम नेताओं ने बताया कि मस्जिद को लेकर पूर्व से ही विवाद चल रहा था।
दिल्ली में फैज-ए-इलाही मस्जिद हिंसा में 20 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से शामिल आरोपी मोहम्मद इमरान की पत्नी सुमैरा भी है। उनके परिवार से बात करते हुए, उन्होंने बताया कि इमरान रोज की तरह दुकान गए थे, लेकिन शाम को घर नहीं लौटे। परिवार ने ढूंढना शुरू किया, लेकिन करीब 2 घंटे बाद आसपास वालों ने उनकी गिरफ्तारी बताई।
तुर्कमान गेट में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा हुई थी। इस दौरान इमरान पर पत्थरबाजी, पुलिस पर हमला करने, हत्या की कोशिश और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे हैं।
इमरान के साथ 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें मुस्लिम हैं। इनमें से अधिकांश तुर्कमान गेट और चांदनी महल के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया है कि आरोपियों को सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो में देखा गया है। कई लोग अभी भी हिरासत में हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
मस्जिद के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर आरोपियों ने बताया कि उन्हें मीडिया में घटना का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उनकी पत्नी सुमैरा ने बताया, ‘उनको पुलिस ने सिर्फ यह दिखाया और बाकी सब बताया। जब हमने घर से बाहर आ गए, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।’
सुमैरा के अनुसार पति की गिरफ्तारी के बाद परिवार में परेशानी है। वह बताती हैं, ‘इमरान सामान लेकर अपने घर लौट रहे थे, लेकिन उस दिन उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। परिवार को भी पता नहीं था। कुछ समय तक हमने उसकी पहचान नहीं पाई।’
दिल्ली पुलिस ने 7 जनवरी को ही 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था, जिनमें से एक मोहम्मद आरिब भी शामिल था। उनका नाम FIR में भी दर्ज किया गया है। आरिब की बहन अनुषा कहती हैं, ‘हमारे बड़े भाई को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस को नहीं बताया। हमें पता चला जब उन्होंने कैफे में आकर दोस्त से बात की।’
आरोपियों की तरफ से वकील दानिश अली कहते हैं, ‘तब तक कोई भी बात निकली, उसमें भी कोई सबूत नहीं था। अब हम बता रहे हैं कि यह वीडियो और फोटो में दिखाई देने वाले लोग कौन हैं। पुलिस ने आंसू गैस छोड़कर लाठीचार्ज कर दिया।
दिल्ली नगर निगम ने 7 जनवरी को मस्जिद के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था, जिसमें पार्किंग ढहाने और अन्य कार्रवाई शामिल थी। हालांकि, मुस्लिम नेताओं ने बताया कि मस्जिद को लेकर पूर्व से ही विवाद चल रहा था।