बेगुनाह, यह तो बीजेपी की सांस नहीं छोड़ सकती। 18 करोड़ से ज्यादा सदस्य तो कोई मजाक नहीं। लेकिन, मुझे लगता है कि इन सभी प्रयासों में से कुछ तो जरूरी होगा। जैसे कि हर जिले में ऑफिस और मजबूत जमीनी कैडर तैयार करना - यह तो एक अच्छी शुरुआत है। लेकिन, बाकी चीजें तो देखना होगा, क्या ये सब प्रयास वास्तव में भारतीय जनता पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी बनाने में मदद करेंगे। शायद हमें अभी थोड़ा टिप्पणी करने दें, और फिर कुछ समय बाद देखें।