जीरो सैलरी लेकर सबसे अमीर पार्टी संभालेंगे नितिन नबीन: BJP के पास ₹10 हजार करोड़, 772 जिलों में प्रॉपर्टी-ऑफिस, खर्च के लिए एफडी सिस्टम

भारत में सबसे बड़ी पार्टी बनाने के लिए बीजेपी ने 18 करोड़ से ज्यादा सदस्य, हर जिले में ऑफिस और मजबूत जमीनी कैडर तैयार किया। इस प्रयास में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) देश में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाई हैं।
 
पार्टी से जुड़ने का यह तरीका बहुत अच्छा है, मुझे लगता है कि इससे लोगों को अपने देश के भविष्य को बनाने का मौका मिलता है। पार्टी में सक्रिय रूप से शामिल होकर हम अपने समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। तो अगर आपको भी अपने देश के भविष्य को बनाने का सपना है, तो पार्टी से जुड़ने से पहले इस प्रयास की मूल बातों को अच्छी तरह से समझना चाहिए। 🌱💪
 
क्या ये सच्चाई है कि नेताओं से सिर्फ छोटे-छोटे संगठनों तक जाने की मोहभंगता है? भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को इतना बड़ा बनाने के लिए ताकत और समर्थन कहाँ से मिल रहा है? नौकरशाही तेजी से चलने लगी है, लेकिन क्या वास्तविकता पर ध्यान दिया जा रहा है? 🤔

मैं समझता हूँ कि एक मजबूत पार्टी की जरूरत है, लेकिन इस तरह के प्रयास से हमें खुद को भी खतरे में डाल दिया जा सकता है। नेताओं और पार्टी के कार्यकर्ताओं पर अपने काम की जिम्मेदारी उठानी चाहिए, इसके अलावा पार्टी को अपने सामाजिक और आर्थिक विकास पर भी ध्यान देना चाहिए। 📈
 
बीजेपी ने बहुत अच्छा काम किया है भारतीय जनता पार्टी देश में फैलकर चल रही है और हर जिले में आधार बनाने की कोशिश कर रही है। लेकिन लगता है कि उन्होंने बाहरी राजनीतिक दबाव से परे निकलने की कोशिश नहीं की। भारत में विभिन्न पार्टियों ने अपनी अलग पहचान बनाई है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी देश भर में एक ही राह पर चल रही है। बीजेपी को हर जिले में अपने सदस्यों और कैडरों को मजबूत करने की जरूरत है ताकि वे देश भर में फैलकर चल सकें।
 
मुझे लगता है कि बीजेपी ने कुछ अच्छी सोची है, खासकर जब वे नेताओं को जिले में बनाया है। देखो, वह पार्टी अब हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति महसूस कर रही है और इसका मतलब है कि अधिक से अधिक लोग उन्हें गठबंधन करने और समर्थन देने के लिए तैयार हो गए हैं। यह न केवल उनकी पार्टी को मजबूत बनाता है, बल्कि इससे राजनीति में भी एक सकारात्मक बदलाव आया है।
 
मैंने जानना चाहूंगा कि आपको लगता है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए कितना काम किया? 🤔
क्या आपको लगता है कि इस तरह से पार्टी बनाने में मदद मिलेगी? 📈
लेकिन मुझे यह सवाल है कि पैसे और ऑफिस तो सब कुछ है, लेकिन जमीनी स्तर पर वास्तविकता क्या है? 💸
क्या आप सोचते हैं कि इस तरह की गाड़ी चलाने में सफलता मिलेगी? 🚗
 
मैंने भी जाना है कि बीजेपी ने बहुत से जिलों में ऑफिस और जमीनी कैडर तैयार कर लिए हैं यह सच है। लेकिन शायद इसका मतलब यह नहीं हो सकता कि वे राजनीतिक पार्टियों के लिए सिर्फ ऑफिस तैयार करना ही ज्यादा महत्वपूर्ण मानते हैं, फिर भी दूसरी पार्टियां कहाँ हैं? 🤔

मुझे लगता है कि भाजपा ने अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए बहुत से अच्छे और खरे तरीके काम किए हैं, लेकिन यह ध्यान भूलकर नहीं चले कि राजनीति में किसी भी पार्टी का सफलता एक-दूसरे पर निर्भर करती है और हर एक दूसरे को उनकी मजबूती और कमजोरियों से जानना चाहिए।
 
अरे, यह तो बहुत बड़ी बात है! भाजपा ने जितने से अधिक सदस्यों को जोड़ा, उतनी अच्छी मेहनत और समर्थन से बनाया। मुझे लगता है कि उनकी जमीनी कैडर की मजबूती बहुत जरूरी है, ताकि वह अपने क्षेत्र में लोगों को सही तरीके से समझ सके। मैंने देखा है कि पार्टियां आमतौर पर अपने क्षेत्रों में अच्छे-अच्छे उम्मीदवार चुनती हैं, इसलिए भाजपा ने भी ऐसा ही किया होगा। मुझे लगता है कि यह उनकी सफलता का कुंजी है। 🤔
 
मेरा विचार है कि अगर 18 करोड़ से ज्यादा सदस्यों के साथ तो यह एक बहुत बड़ी पार्टी बनने का आधार बन सकती है, लेकिन क्या सभी में रुचि और इच्छा है कि इस पार्टी में शामिल होने की? कई बार ऐसे होते हैं जब हम एक ऐसे पार्टी में भाग लेते हैं जो वास्तव में हमारे विचारों और मूल्यों से अलग है।
 
मेरी राय में यह सोचकर खेद है कि इस तरह का प्रयास कैसे सफल होगा। पहले तो यह सुनकर अच्छा लगा, लेकिन फिर सोचते हैं कि भारत एक बहुत बड़ा देश है और हर जगह अलग-अलग लोगों की जरूरतें होती हैं। क्या वास्तव में सभी जिलों में ऑफिस बनाना सही समझा जा रहा है? मेरे अनुसार, यह बहुत महंगा और ज्यादातर जगहों पर प्रेसन बना देगा।
 
बीजेपी ने अपने सदस्यों को 18 करोड़ से ज्यादा बनाने की कोशिश की, यह तो बहुत बड़ी मेहनत है, लेकिन वास्तविकता यह है कि देश के हर छोटे-छोटे शहर में बीजेपी का प्रतिनिधित्व होना चाहिए, इसके लिए जमीनी कैडर को मजबूत बनाना जरूरी है।
 
बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी बनाने के लिए उन्होंने बहुत सावधानीपूर्वक योजना बनाई हुई। लेकिन, अगर हम देखें तो कि क्या वास्तव में उनके पास इतने ज्यादा सदस्य हैं? यह जानने की जरूरत है कि कौन सी पार्टियां भारत में सचमुच अपने समर्थन को बढ़ा रही हैं। बीजेपी के अलावा, कुछ अन्य पार्टियां भी अपनी-अपनी गतिविधियों में सक्रिय हैं और उन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
 
बीजेपी को 18 करोड़ से ज्यादा सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनने में सफल होने का मतलब ये है कि उनका नाम देश भर में तो नहीं गूंज रहा, लेकिन जहां से वे पहुंच सकते हैं वहां पर अच्छी तरह से तैयार हैं। हर जिले में ऑफिस और मजबूत जमीनी कैडर तैयार करना उनकी मजबूत नेटवर्क को दर्शाता है।
 
बेगुनाह, यह तो बीजेपी की सांस नहीं छोड़ सकती। 18 करोड़ से ज्यादा सदस्य तो कोई मजाक नहीं। लेकिन, मुझे लगता है कि इन सभी प्रयासों में से कुछ तो जरूरी होगा। जैसे कि हर जिले में ऑफिस और मजबूत जमीनी कैडर तैयार करना - यह तो एक अच्छी शुरुआत है। लेकिन, बाकी चीजें तो देखना होगा, क्या ये सब प्रयास वास्तव में भारतीय जनता पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी बनाने में मदद करेंगे। शायद हमें अभी थोड़ा टिप्पणी करने दें, और फिर कुछ समय बाद देखें।
 
भाजपा को ऐसा करने का क्या कारण है? क्यों बाजार को हराने की जगह पार्टी को मजबूत बनाना? 😐 परंतु देखिए, भाजपा की इस पहल से लोगों की भावनाएं और चिंताएं सुनी जा रही हैं। अब तो यह एक नई दिशा में आगे बढ़ रही है, जहां पार्टी के नेताओं को लोगों की आवाज़ सुननी चाहिए।
 
🤣 भारत में सबसे बड़ी पार्टी बनाने का मतलब है कि एक साथ बहुत सारे लोग अपने विचारों को बाहर निकालने का मौका मिलेगा। 🎉
बीजेपी ने इतने सदस्य तय किए हैं कि हमारे देश के हर जिले में एक योग्य फील्ड असिस्टेंट लग सकता है। 😂
कैडर को मजबूत करने से पहले तो हमें पहले खाना खाना पड़ता है 🍴 और फिर बैठने की जगह ढूंढते हैं🛋️, लेकिन अगर पार्टी बनाने में सफल हो जाती है तो बस नींद से भरी सीटें खाली नहीं रह सकती 😴
क्या हम इस बार कुछ नया और रोमांचक देखने जा रहे हैं? 🤔👀
 
मुझे लगता है कि बीजेपी ने इस समय अपने संगठनात्मक प्रबंधन में बहुत सुधार किया है 📈। अगर हम देखें तो उन्होंने हर जिले में एक ऑफिस खोला है, और उनके पास 18 करोड़ से अधिक सदस्य हैं तो यह बिल्कुल सही है। लेकिन फिर भी, कुछ जगह पर अभी भी जमीनी कैडर की कमी महसूस होती है 🤔। मुझे लगता है कि अगर वे अपने नेताओं को और अधिक मजबूत बनाने की कोशिश करेंगे, तो उनकी पार्टी की पहुंच और भी बढ़ जाएगी।

मैंने एक छोटी सी डायरेक्टरी बनाई है 📝

बीजेपी - 18 करोड़ से अधिक सदस्य
हर जिला में ऑफिस
मजबूत जमीनी कैडर
 
बहुत अच्छी बात है बीजेपी ने 18 करोड़ से ज्यादा सदस्य बनाने का, इससे पार्टी को और मजबूतियां मिलेंगी, जिससे हमारे देश की राजनीति में उनकी भूमिका और बेहतर होगी। 🤝

लेकिन अब से पूरे देश में उनके अधिकारियों को अपना फोन लगाना चाहिए ताकि वे जैसे ही एक से भी कम संदेश मिले उन्हें सीधे पुलिस स्टेशन ले जाना चाहिए, और पूरा देश बिना संदेश के फोन पर नहीं चलना चाहिए, तो हमारे देश की खुशामत होगी। 📱

और भारत में हर जगह ऑफिस तैयार करने से अब एक से अधिक पार्टियां जैसे कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी बुरा रास्ता देखकर आगे बढ़ सकते हैं, जिससे उनके सदस्यों को भी खेद होगा।
 
अरे, मुझे ये बात बहुत पसंद नहीं लग रही है कि भाजपा ने इतने सारे सदस्यों को इकट्ठा करने की कोशिश कर दी है। लगता है वे अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए किसी भी चीज़ को तोड़ने को तैयार हैं।

मैं तो सोचता हूँ कि इतने सारे सदस्यों को इकट्ठा करने से पहले उन्हें अपने नेताओं को और उनकी नीतियों को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। नहीं तो वे खुद को और अपने मुंदे को भूल जाएंगे।

फिर भी, मुझे यकीन है कि भाजपा की यह पहल बड़ी से बड़ी बातें करेगी। लेकिन मैं चाहता हूँ कि वे अपने नेताओं और उनकी नीतियों पर ध्यान दें, न कि बस सदस्यों की संख्या पर।
 
भारत में राजनीति बहुत जटिल हो गई है 🤯, सबके पास बड़े-बड़े पार्टियां हैं। लेकिन जब मैं सोचता हूँ कि सबसे बड़ी पार्टी बनने की बात करती है, तो मुझे लगता है कि यह हमें विभाजित कर रही है। हर जिले में अलग-अलग दृष्टिकोण, अलग-अलग नेताओं के नाम और फिर से हम सब एक ही रास्ते पर चलने की जरूरत है। पार्टियां बहुत स्वादिष्ट लगती हैं लेकिन जब वे बड़े होती जा रही हैं, तो उन्हें अपनी दृष्टि और मूल्यों को भुलाकर सबको एक ही रास्ते पर चलने की जरूरत है।
 
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