प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस विश्वसनीय विचारों से यह स्पष्ट होता है कि भारत आज दुनिया में एक नई पहचान बना रहा है। उनका कहना है कि लंबे समय की गुलामी ने भारत के आत्मविश्वास को कमजोर किया था, लेकिन अब देश इस मानसिकता से बाहर निकलकर नए संकल्पों और नई ऊर्जा के साथ प्रगति की ओर बढ़ रहा है।
इस बात पर जोर देते हुए, पीएम मोदी ने कहा है कि कोई भी देश आत्मविश्वास के बिना आगे नहीं बढ़ सकता। और भारत आज उसी आत्मविश्वास की ताकत पर खड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि गुलामी की मानसिकता भारत के विकसित राष्ट्र बनने की राह में सबसे बड़ी बाधा थी, लेकिन सरकार इस सोच से मुक्त होने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
इसके अलावा, पीएम मोदी ने स्पेस सेक्टर में हुए बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा है कि पहले अंतरिक्ष क्षेत्र पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में था, लेकिन सरकार ने सुधार करके इसे निजी कंपनियों के लिए खोल दिया।
देश की अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए, पीएम मोदी ने कहा है कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि दूसरी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 8% रही है, जो केवल आंकड़ा नहीं बल्कि भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत है।
वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका पर पीएम मोदी ने कहा है कि जब दुनिया मंदी की चर्चा कर रही है, तब भारत विकास की कहानी लिख रहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि भारत अब केवल देख रहा देश नहीं, बल्कि दुनिया को दिशा देने वाला राष्ट्र बन चुका है।
अंत में, पीएम मोदी ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा है कि आज बाबा साहेब का महापरिनिर्वाण दिवस है, और उनकी सोच और उनके योगदान के बिना भारत का लोकतांत्रिक ढांचा अधूरा होता।
संदेश के अंत में, पीएम मोदी ने कहा है कि हम उस दौर में खड़े हैं जब 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा समाप्त हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले 25 साल भारत के लिए निर्णायक होंगे, और यह समय है जब भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में सबसे बड़े कदम उठा रहा है।
इस बात पर जोर देते हुए, पीएम मोदी ने कहा है कि कोई भी देश आत्मविश्वास के बिना आगे नहीं बढ़ सकता। और भारत आज उसी आत्मविश्वास की ताकत पर खड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि गुलामी की मानसिकता भारत के विकसित राष्ट्र बनने की राह में सबसे बड़ी बाधा थी, लेकिन सरकार इस सोच से मुक्त होने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
इसके अलावा, पीएम मोदी ने स्पेस सेक्टर में हुए बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा है कि पहले अंतरिक्ष क्षेत्र पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में था, लेकिन सरकार ने सुधार करके इसे निजी कंपनियों के लिए खोल दिया।
देश की अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए, पीएम मोदी ने कहा है कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि दूसरी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 8% रही है, जो केवल आंकड़ा नहीं बल्कि भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत है।
वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका पर पीएम मोदी ने कहा है कि जब दुनिया मंदी की चर्चा कर रही है, तब भारत विकास की कहानी लिख रहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि भारत अब केवल देख रहा देश नहीं, बल्कि दुनिया को दिशा देने वाला राष्ट्र बन चुका है।
अंत में, पीएम मोदी ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा है कि आज बाबा साहेब का महापरिनिर्वाण दिवस है, और उनकी सोच और उनके योगदान के बिना भारत का लोकतांत्रिक ढांचा अधूरा होता।
संदेश के अंत में, पीएम मोदी ने कहा है कि हम उस दौर में खड़े हैं जब 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा समाप्त हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले 25 साल भारत के लिए निर्णायक होंगे, और यह समय है जब भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में सबसे बड़े कदम उठा रहा है।