जब नाइट क्लब धधक रहा था, उस समय लूथरा ब्रदर्स क्या कर रहे थे? गोवा पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा

गोवा के एक नाइट क्लब में आग लगने के बाद पुलिस ने किया गया खुलासा। इस घटना से पहले, लूथरा ब्रदर्स ने अपनी नाइट क्लब को 'राम के नाम' का प्रतीक बनाकर दिखाया, यह बताते हुए कि आग लगने से पहले तीनों भाई बहुत खुश थे।

आग लगने के बाद भी उन्होंने आग बुझाने के लिए आग्नेयास्त्रों का उपयोग नहीं किया। पुलिस ने बताया, ''आरोपी सुबह 5:30 बजे की फ्लाइट से रवाना हो गए, यानी घटना की जानकारी मिलते ही वे तुरंत भाग गए। उन्होंने आग लगने से पहले और बाद में भी कहा था कि 'हम देवता हैं।' हम लोग किसी भी तरह की घटनाओं के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।

जैसे ही पुलिस ने आग लगने वाले स्थान पर पहुंची, उन्होंने बताया, ''गोवा पुलिस और सभी सहायक एजेंसियां रात भर सुबह 6:00 बजे तक घटनास्थल पर बचाव अभियान चला रही थीं, आग बुझा रही थीं और पीड़ितों को निकाल रही थीं।''

पुलिस ने आरोपी लूथरा ब्रदर्स के खिलाफ 'भागने में सहायता' का आरोप पूरी तरह से झूठा बताया है।
 
बोलो यार, यह तो गोवा में आग लगने वाले नाइट क्लब में क्या हुआ, यह तो बहुत ही अजीब है 😱। अगर वहां तीनों भाई बहुत खुश थे, तो क्या उन्होंने आग लगाने से पहले फायर अलर्ट नहीं दिया? और आग लगने के बाद भी उन्होंने आग बुझाने के लिए गोलियां न चलाईं, यह तो बहुत ही अजीब है। 🤔

मुझे लगता है कि पुलिस का कहना सही है, आरोपी लूथरा ब्रदर्स ने इस दौरान कोई भागने में मदद नहीं की, उन्होंने तो कहा था कि 'हम देवता हैं', यह तो एक अलग चीज़ है। 🙅‍♂️

अब जब पुलिस ने आग लगने वाले स्थान पर पहुंचा, तो वहां बहुत बड़ी घटना घटी थी, लेकिन पुलिस की बात में सच्चाई होनी चाहिए। अगर आरोपी लूथरा ब्रदर्स ने कभी भागने में मदद नहीं की, तो उन्हें गिरफ्तार कर लेना चाहिए। 🚔
 
क्या यह सच है कि अगर वह तीनों भाई आग लगने से पहले खुश थे, तो फिर कहीं और नहीं? 😐 क्या उन्हें पता था कि उनकी खुशी से आग लग जाएगी? 🤔 पुलिस ने बातचीत में कहा, 'हम देवता हैं', लेकिन अगर वास्तव में वह तीनों भाई देवता थे, तो फिर उन्हें क्या हुआ? 😱 क्या यह तो कोई मजाक नहीं है? 🤣
 
मुझे यह घटना बहुत गंभीर लगती है 😕। लूथरा ब्रदर्स ने आग लगने से पहले खुद को 'राम के नाम' का प्रतीक बनाकर दिखाया, फिर भी आग लगने के बाद भी उन्होंने आग बुझाने के लिए आग्नेयास्त्रों का उपयोग नहीं किया। यह बहुत अजीब है और मुझे लगता है कि इसके पीछे कुछ बड़ी गहराई हो सकती है। 🤔
 
अगर यह दिखाने की जरूरत है कि आग लगने वालों ने सचमुच देवता कहा है, तो हमें उनके अनुसार 'समुद्र में स्नान करना' चाहिए! 🤣 क्या पुलिस वास्तव में मूर्ख नहीं हैं? आग लगने वालों ने खुलकर ज़मानत देने की जरूरत नहीं, बस उनको थोड़ा धक्का मिलना चाहिए! 😂
 
क्या ये दिन कभी आ जाएंगे? नाइट क्लब में आग लगने की बात सुनकर मुझे लगता है कि फिल्म 'देवता' को देखकर ही यह सब हुआ होगा। लूथरा भाई तो खुद भगवान हैं, अगर इतने भगवान तो आग लगने से पहले तीनों बहुत मंगलवन में थे। और फिर वे जिस तरह की बात कर रहे थे, अरे ये तो भगवान की गायबी का तरीका है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी सुबह 5:30 बजे की फ्लाइट से रवाना हुए, तो फिर देवता अपनी जिम्मेदारी नहीं लेते।
 
मैंने कल गोवा जाकर एक अच्छा मसालेदार वड़ा पाव खाया था, और तेज़ी से बोलते-बोलते उसको खाने लगा, फिर मेरी पत्नी ने कहा कि क्या हुआ, मैंने कहा कि बस एक वड़ा पाव खाया था। फिर मुझे याद आया कि मेरे बच्चों ने मुझे दो सप्ताह पहले बताया था कि वे अपनी नई किताबें पढ़ने जा रहे हैं।
 
मैंने जो सुना, वह तो बहुत ही अजीब है 🤔। लूथरा ब्रदर्स ने खुद दिखाया था कि वे किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल नहीं हैं। और फिर वे आग लगने से पहले तो तीनों बहुत खुश थे, यह तो सचमुच अजीब है। मैं समझ नहीं पा रहा हूँ कि उन्होंने आग बुझाने के लिए आग्नेयास्त्रों का उपयोग नहीं किया। और फिर वे इतने सहज से चले गए? यह तो बहुत ही अजीब लगता है। मैं समझ नहीं पा रहा हूँ कि वे क्या चाहते थे।
 
मेरी राय है कि यह घटना बहुत ही अजीब है, और लूथरा ब्रदर्स ने जो कहा, वह सिर्फ थोड़ा मनोरंजक था। लोग अक्सर ऐसा ही करते हैं जब उन्हें कोई मुश्किल आती है। यह तो बस एक प्रेस कांप मायने नहीं देना चाहिए।

उस नाइट क्लब में आग लगने से पहले वाले लोग थोड़े बेचैन थे, और वह तीनों भाई कितने खुश थे! यह तो बस एक जश्न हुआ, फिर से आग लग गई।

मुझे लगता है कि पुलिस ने इस मामले में बहुत जल्दी आरोप लगा दिए हैं। क्या वास्तव में उन्होंने कोई गलती नहीं की, इसका पता नहीं चलता।
 
अगर उनकी कहानी सच है, तो उनकी भाई क्यों आग लगने में नहीं शामिल थे? कुछ तो ऐसा लगता है जैसे कि उन्होंने फेकी कहानी बनाई हो। और वह चार स्टेरियोटाइप्ड 'राम के नाम' से तीनों खुश थे, मुझे बहुत अजीब लगता है।
 
बात तो ये है कि गोवा में नाइट क्लब में आग लगने की बात सुनकर मुझे थोड़ा अजीब लगा 🤔। अगर यहाँ तीनों भाई राम के नाम का प्रतीक लेकर चले थे तो फिर वे खुश क्यों हुए? और आग लगने के बाद भी उन्होंने आग बुझाने के लिए आग्नेयास्त्रों का उपयोग नहीं किया। यार, यह तो बहुत अजीब है 🙄

मुझे लगता है कि यहाँ कुछ और जाली होने वाला है। पुलिस की बातें सुनकर मुझे लगता है कि आरोपी लूथरा भाई ये सब झूठी कहानी बनाकर चले गए हैं। अगर वास्तव में उन्होंने आग लगने वाले स्थान पर सहायता नहीं दी, तो फिर क्यों उन्हें बाद में इस बात की जिम्मेदारी लेनी पड़ी? 🤷‍♂️

मैं इस मामले की और जांच करने का फैसला करता हूँ। यह तो बहुत दिलचस्प है और मुझे इसके पीछे की सच्चाई पता लगानी होगी। 🕵️‍♂️
 
🤔 यह तो बहुत अजीब बात है! नाइट क्लब में आग लगने के बाद भी वे लोग आग बुझाने के लिए आग्नेयास्त्रों का उपयोग नहीं किया, यह तो बहुत अच्छा है... लेकिन फिर भी उन्होंने इतनी जल्दी भाग जाने का क्या कारण था? 🤷‍♂️ और वे लोग 'हम देवता हैं' कहकर घटनाओं से जुड़े नहीं होने चाहते... यह तो बहुत ही अजीब है! 🔥 मुझे लगता है कि उन्होंने अपने खिलाफ आरोप लगाने के लिए थोड़ा गलत तरीका अपनाया है।
 
ज़ीसे, यह घटना तो बहुत दुखद है 🤕, आग लगने वाले नाइट क्लब में जानवरों को छोड़कर कौन खुश था ? 🙄 पुलिस ने बिल्कुल सही कहा आरोपियों ने घटना की जानकारी मिलते ही भाग गए, और उनकी बात सुनते हैं तो लगता है कि वे देवता नहीं बल्कि मनुष्य हैं 😂। पुलिस ने सही कहा आरोपियों का आरोप पूरी तरह से झूठा है, और आग लगने से पहले तीनों भाई खुश थे ? यह तो बहुत अजीब है 🤔, मुझे लगता है कि उन्हें जिंदगी से समझने की जरूरत है।
 
अगर ऐसा सच माने तो यह बहुत अजीब लगता है कि लूथरा ब्रदर्स ने आग लगने से पहले तीनों भाई बहुत खुश थे, और फिर भी आग लगने के बाद वे आग बुझाने के लिए आग्नेयास्त्रों का उपयोग नहीं किया। यह एक अजीब स्थिति है जो मुझे समझ नहीं आ रही है।
 
अरे, यह तो कुछ दिनों पहले हुई घटना है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिल रहा है 🤔। आग लगने के बाद भी उन्होंने आग्नेयास्त्रों का उपयोग नहीं किया, यह तो कितना मुश्किल काम है, लेकिन क्या संभव था? 🤷‍♂️

और उनकी बात, 'हम देवता हैं'... यानी आप जो करते हैं और फिर भाग जाते हैं, वो भगवान की इच्छा है? 😏 मुझे लगता है कि यह तो बहुत ही मजाकिया है।
 
क्या यह जानकर लगेगा 🤯, गोवा में एक नाइट क्लब में आग लगने के बाद दो लोगों ने अपनी छुट्टियाँ नहीं रोकीं। यार, यह तो बहुत ही अजीब सी बात है! आग लगने के बाद भी उन्होंने आग बुझाने के लिए आग्नेयास्त्रों का उपयोग नहीं किया। इसके बजाय वे फिर से 'हम देवता हैं' की बात कर रहे थे। यह तो बहुत ही अजीब और अनजाने प्रकार की घटना है।
 
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