नीतीश कुमार की बाइक पर दिल्ली की ओर चल रहे होते हुए राजकुमारी से मिलने की याद अभी भी खास लगती है । उनकी उत्सुकता और जुनून ने उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का साहस दिया। यह घटना उनकी राजनीतिक जिंदगी में एक नए मोड़ को शुरू किया ।
यह घटना तो बहुत ही दिलचस्प है । मुझे लगता है कि यह उत्सुकता नीतीश जी को अपने राजनीतिक करियर पर ध्यान केंद्रित करने में मदद की। अगर वे इतनी उत्साहित थे तो शायद उन्होंने अपने लक्ष्यों को और भी स्पष्ट देखा। इसका मतलब है कि उनके राजनीतिक जीवन में एक नई ऊर्जा आ गई, जिसने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
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राजनीति में ऐसे ही कई ऐसे हाथ भारित होते हैं जहां तुम्हें अपने आप को परिचित होना पड़ता है। मेरी बहन ने भी एक बार ऐसा ही हाल दिखाया था, जब वह अपने प्रेमी से मिलने के लिए दिल्ली चली गई थी। वहां पहुंचकर उसने पता लगाया कि उसके प्रेमी ने वैसे तो दिल्ली के लिए टिकट बुक किया हुआ था, लेकिन वह वहीं से लौट आ गया था। मैंने उसे कहा, "बहन, तुम्हारे प्रेमी तो तुमसे नहीं चलेंगे।" उसके चेहरे पर बड़ा हंसी आया