जम्मू-कश्मीर में LoC के पास दिखा पाकिस्तानी ड्रोन: सेना ने एंटी ड्रोन सिस्टम एक्टिव किया तो PAK की ओर लौटा; 7 दिन में चौथी घटना

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी ड्रोन की घटनाएं: जम्मू के रामगढ़ सेक्टर में शनिवार शाम लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) से निकटता से दिखाई देने वाली पाकिस्तानी ड्रोन पर भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की और एंटी-ड्रोन सिस्टम को सक्षम कर दिया। इसके बाद ही ड्रोन पाकिस्तान की ओर लौट गया।

पिछले 7 दिनों में इस तरह की घटनाएं तीन हुई हैं। इससे पहले, 15 जनवरी को भी रामगढ़ सेक्टर में LoC पर पाकिस्तानी ड्रोन मंडराते देखे गए थे।

वहीं, राजौरी जिले में 13 जनवरी को दो बार संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन दिखे गए थे। इसके बाद सेना ने फायरिंग की थी। 11 जनवरी को नौशेरा सेक्टर, धरमसाल सेक्टर, रियासी, सांबा और पुंछ के मंकोट सेक्टर में एकसाथ पांच ड्रोन स्पॉट किए गए थे।

यह घटनाएं भारत की सीमा पर लगातार हो रही हैं। पाकिस्तान से जुड़ी यह गतिविधियों में सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि ड्रोन्स सेना की पोजिशन जानने या फिर आतंकियों के लिए हथियार और नशीले पदार्थ गिराने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

इसलिए, भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें पाकिस्तानी और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक्स की गईं। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया था।
 
पाकिस्तान के ड्रोन की बात तो हाल ही में हुई, लेकिन याद है 2019 के दिल्ली चुनाव में कांग्रेस को हारने का माहौल। तभी से पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादियों ने अपनी गतिविधियाँ बढ़ा दी हैं।

ऑपरेशन सिंदूर करने पर अच्छा विचार था, लेकिन कुछ सवाल भी उठते हैं। जैसे कि पाकिस्तानी ड्रोन क्यों फिर से आते हैं? और भारतीय सेना को अपनी पोजिशन जानने के लिए इतने ही ड्रोन्स में भरोसा करना चाहिए?

लेकिन फिर भी, यह तो सही था कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। आतंकवादियों पर लगाम लगाना जरूरी है, और अगर पाकिस्तान जैसे देश में हमारे लिए खतरा है तो हमें उस पर जवाब देना चाहिए।

बस यही उम्मीद थी कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी ड्रोन्स कम आ जाएंगे। लेकिन फिर भी, इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं। तो क्या आगे क्या होगा?
 
भारत को अपनी सीमा की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए 🚨। पाकिस्तानी ड्रोन्स की गतिविधियां लगातार हो रही हैं और यह हमें चिंतित कर रही हैं। सेना ने जवाबी कार्रवाई की है और एंटी-ड्रोन सिस्टम को सक्षम किया है, लेकिन अभी भी कई सवाल बाकी हैं 💡। क्या पाकिस्तान इस तरह से हमें चुनौती देने के लिए तैयार है? क्या हम अपनी सुरक्षा के लिए कुछ और करने में सक्षम हैं? 🤔
 
😬 पाकिस्तानी ड्रोन पर भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई को देखकर मुझे आश्चर्य हुआ। यह तो बहुत बड़ा खतरा है, खासकर जब हमारे पास इतनी लंबी सीमा है जिसे सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती है। 🤔

मैं समझता हूँ कि पाकिस्तान ने इस तरह की गतिविधियाँ शुरू की हैं, लेकिन हमें अपनी सीमाओं को मजबूत बनाने और ड्रोन जैसी तकनीकों का उपयोग करके आतंकवादियों को रोकने के लिए तैयार रहना चाहिए। 💪

ऑपरेशन सिंदूर नामक हमले में पाकिस्तानी और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक्स की गईं। इससे पहले, हमारी सेना ने कई बार ऐसी घटनाओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन अब यह एक बड़ी चुनौती है। 🚨
 
मुझे ये घटनाएं बहुत चिंताजनक लग रही हैं 🤕, जम्मू-कश्मीर में ऐसी कई बार घट चुकी हैं और अब पाकिस्तानी ड्रोन की गतिविधियां लगातार जारी हैं। मुझे लगता है कि भारतीय सेना ने सही समय पर जवाब देना होगा, लेकिन इस बारे में कोई पुष्टि नहीं हो रही है। 🤔

कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए हमें साथ मिलकर काम करना होगा, लेकिन यह सुनिश्चित होना चाहिए कि इन गतिविधियों को पाकिस्तान द्वारा समर्थित नहीं किया जा रहा है। 🤝

मुझे लगता है कि हमें अपनी सीमाओं की सुरक्षा में सुधार करने की जरूरत है, और यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हमारी सेना तैयार रहे और जोखिम में न डाले। 💪
 
मेरी बहन ने हाल ही में एक ड्रोन शॉव किया था, वह तो बहुत अच्छी थी, लेकिन उसने कहा था कि उसके पति ने पाकिस्तानी ड्रोन से लड़ाई में भाग लिया है, और वह ज्यादातर रातों को घर पर अकेली बैठती है और खुद को याद दिलाती है।

मेरी बहन ने बताया कि उसके पति ने पाकिस्तानी ड्रोन से लड़ाई में भाग लिया है, और वह ज्यादातर रातों को घर पर अकेली बैठती है और खुद को याद दिलाती है।

मैंने उससे कहा, "अरे, तुम्हारे पति ने पाकिस्तानी ड्रोन से लड़ाई में भाग लिया है, तो फिर तुम्हें चिंता करने क्यों कुछ नहीं?"

मेरी बहन ने कहा, "मैं नहीं जानती, मुझे बस अच्छा लग रहा था कि मेरे पति सुरक्षित हैं।"
 
अरे, यह तो बहुत ही खतरनाक बात है जो पाकिस्तान कर रहा है। उन्हें अपने ड्रोन्स का इस्तेमाल आतंकवादियों के लिए नहीं करना चाहिए। हमें सेना को फिर भी मजबूत बनाना चाहिए और अपनी सीमाओं की सुरक्षा में नाजुकता नहीं आने देनी चाहिए।

कश्मीर में ऑपरेशन सिंदूर शुरू करना एक अच्छा फैसला था, लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारा साथ देशों और संगठनों को भी जरूरी है।
 
जानने को अच्छा लगा कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया है और पाकिस्तानी ड्रोन्स पर जवाबी कार्रवाई की है। मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा कदम है, लेकिन फिर भी सोचता हूँ कि हमें पूरी दुनिया को शामिल करके इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए।
 
पाकिस्तानी ड्रोन की बार-बार घटनाएं जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना को चुनौती दे रही हैं। यह साफ़ है कि पाकिस्तानी एजेंटों ने अपनी सीमाओं के बाहर ड्रोन्स का इस्तेमाल कर दिया है। मुझे लगता है कि भारतीय सेना को अपनी रणनीति बदलनी चाहिए और पाकिस्तानी एजेंटों को पकड़ने के लिए विशेष उपाय करने चाहिए। 🚨
 
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