भारत में तीन साल से कम उम्र के हर पांच में से एक बच्चे को प्लास्टिक की बोतल से दूध पिलाया जाता है। लेकिन इसकी वजह से 3 साल की उम्र तक बच्चे लाखों माइक्रोप्लास्टिक पार्टिकल्स इनहेल कर चुके होते हैं। फरवरी, 2025 में ‘साइंस डायरेक्ट’ में एक स्टडी पब्लिश हुई। चीन के शंघाई में हुई इस स्टडी के मुताबिक, प्लास्टिक फीडिंग बोतलें प्रति लीटर 1465 से 5893 माइक्रोप्लास्टिक कण छोड़ती हैं। इन बोतलों को गर्म करने, उबालने या लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान इसकी मात्रा दोगुनी तक हो जाती है। इससे शिशु रोज 2080 से 5910 तक माइक्रोप्लास्टिक कण निगल सकते हैं।
अगर आपके घर में बच्चे हैं तो उनके लिए प्लास्टिक फीडिंग बोतलों का इस्तेमाल करना खतरनाक है। इन बोतलों से दूध पिलाने से बच्चों की सेहत पर कई तरह का नुकसान पहुंच सकता है।
प्लास्टिक फीडिंग बोतल में कई तरह के खतरनाक केमिकल्स होते हैं, जो शिशुओं के विकास में बाधा बन सकते हैं। गर्म करने, उबालने या लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान ये तत्व प्लास्टिक बोतल से रिलीज होकर दूध या पानी में मिल सकते हैं।
इन बोतलों को गर्म करने, उबालने या लंबे समय तक इस्तेमाल से बच्चों के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक और अन्य खतरनाक केमिकल्स पहुंच सकते हैं। इससे कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने साल 2015 में बच्चों के इस्तेमाल में लाई जाने वाली प्लास्टिक बोतलों में BPA के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन हैरानी की बात ये है कि अब भी कई कंपनियां इस केमिकल का इस्तेमाल कर रही हैं।
क्या आप जानते हैं कि प्लास्टिक फीडिंग बोतलों से दूध पिलाने से बच्चों की सेहत पर कौन-कौन से खतरे पड़ते हैं?
अगर आपके घर में बच्चे हैं तो उनके लिए प्लास्टिक फीडिंग बोतलों का इस्तेमाल करना खतरनाक है। इन बोतलों से दूध पिलाने से बच्चों की सेहत पर कई तरह का नुकसान पहुंच सकता है।
प्लास्टिक फीडिंग बोतल में कई तरह के खतरनाक केमिकल्स होते हैं, जो शिशुओं के विकास में बाधा बन सकते हैं। गर्म करने, उबालने या लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान ये तत्व प्लास्टिक बोतल से रिलीज होकर दूध या पानी में मिल सकते हैं।
इन बोतलों को गर्म करने, उबालने या लंबे समय तक इस्तेमाल से बच्चों के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक और अन्य खतरनाक केमिकल्स पहुंच सकते हैं। इससे कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने साल 2015 में बच्चों के इस्तेमाल में लाई जाने वाली प्लास्टिक बोतलों में BPA के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन हैरानी की बात ये है कि अब भी कई कंपनियां इस केमिकल का इस्तेमाल कर रही हैं।
क्या आप जानते हैं कि प्लास्टिक फीडिंग बोतलों से दूध पिलाने से बच्चों की सेहत पर कौन-कौन से खतरे पड़ते हैं?