जरूरत की खबर- क्या आपको भी है वॉशरूम एंग्जाइटी: पब्लिक बाथरूम यूज करने में लगता है डर, साइकोलॉजिस्ट से जानें मैनेजमेंट टिप्स

क्या आप भी वॉशरूम एंग्जाइटी से पीड़ित हैं?

अगर फोन कॉल या टॉयलेट जाने में आपको डर लगता है तो आपको वॉशरूम एंग्जाइटी हो सकती है। इसमें आपको यह महसूस होता है कि दूसरों ने आपकी बात नहीं सुनी। इससे आपके शरीर में तनाव और चिंता की भावनाएं बढ़ती हैं और आपके मन में कई तरह के सवाल उत्पन्न हो सकते हैं।

वॉशरूम एंग्जाइटी एक प्रकार की मानसिक बीमारी है जिसमें व्यक्ति को ऐसी स्थितियों में डर लगता है जब वह दूसरों की नज़र में आता है। इसके अलावा, यह कई अन्य कारणों से भी हो सकती है, जैसे कि बचपन में कभी भी बुलिंग या शर्मिंदगी झेलने का अनुभव होना।

वॉशरूम एंग्जाइटी के लक्षण:

* जब आप टॉयलेट जाने को मजबूर होते हैं तो आपको डर लगता है।
* इससे आपकी नाक सूख जाती है।
* शरीर में पसीना आने लगता है और दिल की धड़कन बढ़ जाती है।

वॉशरूम एंग्जाइटी को कैसे टाला जाए?

1. **सही समझ:** यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। जब आप इसे समझते हैं तो उसका सामना करने में मदद मिलती है।
2. **धैर्य**: इस बीमारी को दूर करने में समय लगता है, इसलिए धैर्य रखें।
3. **शिक्षित yourself:** यहाँ आपको डर की प्रकृति और सामान्य प्रवृत्तियों की जानकारी होगी।
4. **नियमित अभ्यास**: नियमित व्यायाम और योग से तनाव कम होता है।

यदि आपको लगता है कि आप वॉशरूम एंग्जाइटी की पीड़ा से पीड़ित हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें।
 
मुझे लगता है कि कुछ लोग यहाँ खुद को देख रहे होंगे। जैसे कि फोन कॉल या टॉयलेट जाने में डरना, तो क्या यह वास्तव में वॉशरूम एंग्जाइटी की बात है? लेकिन चिंता मत करो, इसे हल करने के लिए थोड़ा समय लगेगा। 😉
 
मैंने भी कभी-कभार ऐसी स्थिति में फोन कॉल लेने से डरा होता। मुझे लगता है कि यहाँ नियमित व्यायाम और योग करने से हमारे मन को शांति मिलती है। मैंने अपने दोस्तों को भी बताया है कि डरने के बजाय धैर्य रखना चाहिए। फिर मुझे अच्छा महसूस होता है और मन साफ़ रहता है।
 
मुझे लगा जैसे अगर हमारे देश में भी ऐसे कई लोग हैं जिनके मन में यही सवाल बनता है। क्योंकि वॉशरूम एंग्जाइटी एक आम समस्या नहीं है, लेकिन इसकी समझ और पहचान कम हो रही है। कुछ लोग तो खुद से पूछने में भी डरते हैं कि दूसरों ने उनकी बात सुनी। यही कारण है कि हमें अपने मन की गहराई पर जाना चाहिए, और अगर हमारे मन में ऐसा कुछ है जो हमें पीड़ित करता है, तो उसी को पहचानना और सामना करना जरूरी है।

मुझे लगता है कि डॉक्टर को हमारे समाज में भी इस तरह की समस्याओं को समझने और स्वीकारने की महत्ता बढ़ानी चाहिए। कुछ लोग खुद से कहते हैं कि वे तनावग्रस्त हैं, लेकि बिना किसी डॉक्टर की सलाह के। तो हमें अपने मन की बात समझने में मदद करनी चाहिए, और अगर हमारे मन में ऐसा कुछ है जो हमें पीड़ित करता है, तो उसी को पहचानना जरूरी है।

मुझे लगता है कि अगर हम अपने समाज में इस तरह की समस्याओं पर बात करें, तो फायदा होगा। हमारे देश में अभी भी एक स्थिति बनाई गई है जब लोग खुद से कहते हैं कि वे तनावग्रस्त हैं, लेकिन अगर कोई डॉक्टर उनकी सलाह लेते, तो फायदा होता।
 
मुझे लगा कि हमारे देश में लोगों की तनावपूर्ण जिंदगी और प्रतिस्पर्धा की भावना बहुत बढ़ गई है ... यह वॉशरूम एंग्जाइटी के कारण न हो रही है। क्या हमारे समाज में स्वास्थ्य पर चर्चा करने में समय नहीं दिया जाता ? लोगों को यह जागरूकता देनी चाहिए कि मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण है। 🤝
 
मेरे दोस्त 👋, मुझे लगता है कि वॉशरूम एंग्जिटी बहुत आम बीमारी है जिससे लोग बहुत परेशान रहते हैं। अगर आपको भी ऐसा महसूस होता है तो आप अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए। मैंने अपने दोस्तों को इस बारे में बताया है और उनके लिए कुछ युक्तियां भी बताई हैं, जैसे कि धैर्य रखना, सही समझ करना, और नियमित व्यायाम करना। इससे आपको तनाव कम होने में मदद मिलेगी। #वॉशरूमएंग्जिटी #तनावकम #स्वास्थ्य #सहीसमझ
 
मेरे दोस्त 🤗, मैंने खासकर युवाओं पर वॉशरूम एंग्जाइटी का बहुत प्रभाव देखा है . आमतौर पर यह ऐसे लोगों पर पड़ता है जिनको सामाजिक दबाव की बारीकियां समझने में कठिनाई होती है।

मेरे विचार में, अगर आप फोन कॉल या टॉयलेट जाने के समय डर लगते हैं तो आपको थोड़ी सी खुलकर बात करने और अपने दोस्तों के सामने शर्मिंदगी नहीं होने का प्रयास करने की जरूरत है . शायद आप खुद भी ऐसा ही करते रहे हैं .

कुछ लोग वॉशरूम एंग्जाइटी को समझने की जरूरत है और धीरे-धीरे अपनी दृष्टिकोण में बदलाव लाने की कोशिश कर सकते हैं।

मुझे लगता है कि हमें अपने जीवन में खुलकर बोलने की शुरुआत करनी चाहिए, और हमें थोड़ा सा आत्म-विश्वास बढ़ाने की जरूरत है।
 
मेरी बेटियों को हमेशा बाथरूम में अकेली छोड़कर नहीं जाने देना, वाह! मुझे लगता है कि यह वॉशरूम एंग्जाइटी से जुड़ी समस्या है। मैंने अपनी बेटियों को बताया है कि बाथरूम में अकेले रहने की चिंता नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह समझाना जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति उनकी परवाह करता है। मैंने उन्हें बताया है कि पुरुष भी बाथरूम में अकेले रहते हैं और खुद को साफ रखते हैं।

मुझे लगता है कि यह समस्या बचपन में होने वाली चोटों या तनावपूर्ण अनुभवों से जुड़ी होती है। इसलिए, हमें अपने बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि यह समस्या उनके लिए एक व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या है।

मैंने अपनी बेटियों को भी बताया है कि अगर उन्हें लगता है कि उनकी परवाह नहीं कर रहा है, तो हमारे साथ बात करने के लिए कहें। और मैंने उन्हें यह भी बताया है कि हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे।

मुझे लगता है कि यह समस्या केवल बच्चों तक ही नहीं सीमित है, बल्कि यह किसी भी उम्र में व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए, हमें अपने परिवार और दोस्तों को भी इस बारे में जागरूक करना चाहिए।
 
मुझे लगने वाली सबसे ज्यादा समस्या वही है जब हमारे घर में कोई और रहता है 😅, यानी अगर हम अकेले हो तो हमें अपनी भावनाओं को बताने से डर लगता है। क्योंकि जब हम अपनी बात निकाल नहीं पाते हैं तो दूसरों की नज़र में आते हुए हमारा मन बड़ा क्रोध कर लेता है और फिर हमारी शारीरिक स्थिति खराब हो जाती है। 🤯

मुझे लगता है कि अगर हम अपने घर में विशेष ध्यान देने लगें ताकि हमारे मन को शांति मिले तो हमारी तनाव स्थिति कम होगी। और जैसे-जैसे घर में लोगों की संख्या बढ़ेगी, निकालने के लिए हमारे मन में डरना भी कम होगा।
 
मुझे लगता है की यह बहुत सारी लोगों में देखा जा सकता है। जब हमारे गुर्दे के काम करने की स्थिति अच्छी ना हो तो पानी पीने में डर या नहाने में डर महसूस होता है। लेकिन एक बात जो सभी को जरूर पता होगी वह है जब हमारी दोस्ती या परिवारिक संबंधों में तनाव आता है तो हमारे मन में कई सवाल आते हैं।

मुझे लगता है कि यह एक ऐसी समस्या है जिस पर लोगों को खुलकर बोलने की जरूरत है।
 
मुझे यह बात बहुत पसंद है जब लोग अपने दैनिक जीवन में तनाव और चिंता के बारे में बात करते हैं! 🤔 वॉशरूम एंग्जाइटी नामक समस्या को लेकर बात कर रहे हैं, यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है कि हम अपने मन में क्या चल रहा है और तनाव कैसे कम कर सकते हैं।

मेरा मानना है कि शिक्षित करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे अच्छा तरीका है। जब हम अपने शरीर को नियमित व्यायाम और योग देते हैं, तो हमारा मन भी शांत होता है और तनाव कम होता है।

अगर आपको लगता है कि आप वॉशरूम एंग्जाइटी से पीड़ित हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें और एक नियमित व्यायाम और योग कार्यक्रम शुरू करें। इससे आपका मन और शरीर दोनों ही अच्छा महसूस करेंगे।
 
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