जरूरत की खबर- क्या आपको भी है वॉशरूम एंग्जाइटी: पब्लिक बाथरूम यूज करने में लगता है डर, साइकोलॉजिस्ट से जानें मैनेजमेंट टिप्स

भारत में जीवनशैली, स्वच्छता के प्रति संवेदनशीलता: दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट से मालूम होता है कि भारतीय लोगों को फूड वेस्ट, पब्लिक टॉयलेट, मेट्रो में गंदगी जैसी चीजों को देखने पर कई लोग घबराहट महसूस करते हैं। इन चीजों के सामने आने से उनका हार्ट बीट बढ़ जाता है और वे डरपोक भाग जाते हैं।

अगर फूड वेस्ट, पब्लिक टॉयलेट जैसी चीजों को देखने पर लोग घबराहट महसूस करते हैं तो इसके कई तरीके हैं, जिनमें से एक यह है कि हम अपने आसपास की गंदगी को देखने की जगह उसे भूल कर किसी अन्य चीज पर ध्यान केंद्रित करें।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखने पर लोगों के मन में घबराहट का अनुभव होने के कई कारण बताए हैं। इनमें से एक यह है कि हमारा मन शर्मीला हो सकता है, जिससे हम अपने आसपास की चीजों को देखने में डर जाते हैं।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर आप पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखने पर घबराहट महसूस करते हैं तो आपको अपने मन को शांत करना होगा। इसके लिए आप ध्यान साधना या योग कर सकते हैं।

पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखने पर घबराहट महसूस करने वाले लोगों को अपने मन को शांत करने के लिए कई तरीके हैं। इनमें से एक यह है कि आप ध्यान साधना या योग करें। इससे आपका मन शांत होता है और आप अपने आसपास की चीजों को देखने में राहत पाते हैं।

इसके अलावा, अगर आप पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखने पर घबराहट महसूस करते हैं तो आपको अपने आसपास की गंदगी को देखने की जगह उसे भूल कर किसी अन्य चीज पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखने पर घबराहट महसूस करने वाले लोगों को अपने मन को शांत करने के लिए कई तरीके हैं। इनमें से एक यह है कि आप ध्यान साधना या योग करें। इससे आपका मन शांत होता है और आप अपने आसपास की चीजों को देखने में राहत पाते हैं।

इसके अलावा, अगर आप पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखने पर घबराहट महसूस करते हैं तो आपको अपने आसपास की गंदगी को देखने की जगह उसे भूल कर किसी अन्य चीज पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखने पर घबराहट महसूस करने वाले लोगों को अपने मन को शांत करने के लिए कई तरीके हैं। इनमें से एक यह है कि आप ध्यान साधना या योग करें। इससे आपका मन शांत होता है और आप अपने आसपास की चीजों को देखने में राहत पाते हैं।

इसके अलावा, अगर आप पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखने पर घबराहट महसूस करते हैं तो आपको अपने आसपास की गंदगी को देखने की जगह उसे भूल कर किसी अन्य चीज पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखने पर घबराहट महसूस करने वाले लोगों को अपने मन को शांत करने के लिए कई तरीके हैं। इनमें से एक यह है कि आप ध्यान साधना या योग करें। इससे आपका मन शांत होता है और आप अपने आसपास की चीजों को देखने में राहत पाते हैं।

इसके अलावा, अगर आप पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखने पर घबराहट महसूस करते हैं तो आपको अपने आसपास की गंदगी को देखने की जगह उसे भूल कर किसी अन्य चीज पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखने पर घबराहट महसूस करने वाले लोगों को अपने मन को शांत करने क
 
मुझे लगता है कि हमारा यह फोरम तो बहुत ही रचनात्मक तरीके से मुश्किल चीजें उठाकर खींच लेता है। पहले मैंने भी इस फोरम पर एक पत्र लिखा था कि यह फोरम कैसे विकसित किया गया था, और इसके बाद यह कैसे हमारे देश को मदद करता है। लेकिन तब से मैंने महसूस किया है कि यह फोरम ज्यादा ध्यान खींचता है, न कि समस्याओं का समाधान खोजता।
 
मैंने भी ऐसा ही महसूस किया करता था, जब मेरे बचपन की यादें आती हैं। मैं तो हमारे गाँव में खेलता रहता था, और फिर स्कूल जाता था। वहां हमारे पास कोई पब्लिक टॉयलेट नहीं थी, इसलिए हम उसे कभी नहीं देखते थे। लेकिन जब मैं शहर में आया, तो मुझे बहुत घबराहट महसूस होने लगी। मुझे लगता है कि यह शहर जीवनशैली में बदल गया है, और हमारे पास अपने आसपास की चीजों पर ध्यान नहीं रहता।

मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे मन में ऐसी घबराहट आएगी। लेकिन जब मैं पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखता हूँ, तो मुझे लगने लगता है कि मैं तड़पता हूँ। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि हमारा मन शर्मीला हो सकता है, और इसलिए हम अपने आसपास की चीजों को देखने में डर जाते हैं।

मुझे लगता है कि हमें अपने आसपास की गंदगी को देखने की जगह उसे भूल कर किसी अन्य चीज पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। और अगर आप पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखते हैं तो आपको अपने मन को शांत करने के लिए कई तरीके हैं। इनमें से एक यह है कि आप ध्यान साधना या योग करें। इससे आपका मन शांत होता है और आप अपने आसपास की चीजों को देखने में राहत पाते हैं।

मैंने कभी नहीं सोचा था कि शहर जीवनशैली में बदल गया है, लेकिन जब मैं तड़पता हूँ, तो मुझे लगता है कि मैं कहाँ रहा हूँ। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि हमारे मन को शांत करने के लिए कई तरीके हैं, और मुझे लगता है कि हमें उन्हें अपनाना चाहिए।

मैं तो फिर से कहता हूँ, जब मेरे बचपन की यादें आती हैं, तो मैं खुश रहता। शहर जीवनशैली में बदल गया है, और हमारे पास अपने आसपास की चीजों पर ध्यान नहीं रहता। लेकिन अगर आप पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखते हैं तो आपको अपने मन को शांत करने के लिए कई तरीके हैं। इनमें से एक यह है कि आप ध्यान साधना या योग करें। इससे आपका मन शांत होता है और आप अपने आसपास की चीजों को देखने में राहत पाते हैं।

मैं तो फिर से कहता हूँ, जब मेरे बचपन की यादें आती हैं, तो मैं खुश रहता। शहर जीवनशैली में बदल गया है, और हमारे पास अपने आसपास की चीजों पर ध्यान नहीं रहता। लेकिन अगर आप पब्लिक टॉयलेट, फूड वेस्ट जैसी चीजों को देखते हैं तो आपको अपन
 
अरे दोस्त 🤗, मैंने पढ़ा है कि भारत में जीवनशैली और स्वच्छता के प्रति संवेदनशीलता बढ़ रही है। लेकिन फिर भी, हमारे लोगों को फूड वेस्ट, पब्लिक टॉयलेट, मेट्रो में गंदगी जैसी चीजों को देखने पर घबराहट महसूस होती है। यह तो समझ में आता है, लेकिन इसका समाधान कैसे खोजा जाए? 🤔

मेरे विचार में, हमें अपने आसपास की गंदगी को देखने की जगह उसे भूल कर किसी अन्य चीज पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हमें अपने मन को शांत करने के लिए ध्यान साधना या योग कर सकते हैं। इससे हमारा मन शांत होता है और हम अपने आसपास की चीजों को देखने में राहत पाते हैं।

इसके अलावा, हमें अपने समाज में स्वच्छता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। हमें अपने आसपास की जगहों को साफ रखने के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए।
 
मैंने भारत में जीवनशैली और स्वच्छता के प्रति संवेदनशीलता पर रिपोर्ट पढ़ी है। यह रिपोर्ट बताती है कि भारतीय लोगों को फूड वेस्ट, पब्लिक टॉयलेट, मेट्रो में गंदगी जैसी चीजों को देखने पर कई लोग घबराहट महसूस करते हैं। यह एक बड़ा मुद्दा है और इसका समाधान ढूंढने की जरूरत है।

मुझे लगता है कि हमें अपने आसपास की गंदगी को देखने की जगह उसे भूल कर किसी अन्य चीज पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हमें अपने मन को शांत करने के लिए ध्यान साधना या योग कर सकते हैं। इससे हम अपने आसपास की चीजों को देखने में राहत पाते हैं और अपने जीवनशैली में सुधार करते हैं।

इसके अलावा, हमें अपने समाज में स्वच्छता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। हमें अपने आसपास की गंदगी को देखने और उसे ठीक करने की जरूरत है। इससे हम अपने समाज को स्वच्छ बनाने में मदद कर सकते हैं और अपने जीवनशैली में सुधार कर सकते हैं।

मुझे लगता है कि यह रिपोर्ट हमें एक निर्देशित मायने में शिक्षित करती है। हमें अपने आसपास की गंदगी को देखने पर घबराहट महसूस करने वालों के लिए कई तरीके हैं। हम उन्हें अपने मन को शांत करने के लिए ध्यान साधना योग कर सकते हैं और अपने आसपास की गंदगी को देखने की जगह उसे भूल कर किसी अन्य चीज पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

मैं उम्मीद करता हूं कि यह रिपोर्ट हमें स्वच्छता और जीवनशैली के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
 
क्या तुमने कभी सोचा है कि भारत में जीवनशैली और स्वच्छता के प्रति संवेदनशीलता इतनी कम हो गई है? दिल्ली यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट से पता चलता है कि लोग फूड वेस्ट, पब्लिक टॉयलेट, मेट्रो में गंदगी जैसी चीजों को देखने पर घबराहट महसूस करते हैं और इससे उनका हार्ट बीट बढ़ जाता है... 🤯 लेकिन यह तो समझने के लिए कि हमें अपने आसपास की गंदगी को देखने की जगह उसे भूल कर किसी अन्य चीज पर ध्यान केंद्रित करना होगा। 🤓
 
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