जरूरत की खबर– क्या आपके पीरियड्स टाइम पर नहीं आते: सीड साइक्लिंग से होगा फायदा, कैसे फॉलो करें, बता रही हैं सीनियर डाइटीशियन

सीड साइक्लिंग क्या है? यह एक डाइट बेस्ड वेलनेस ट्रेंड है, जिसमें मेंस्ट्रुअल साइकिल के अलग-अलग फेज में चार तरह के बीज खाए जाते हैं। इसे खासतौर पर वे महिलाएं अपनाती हैं, जो बिना दवा के हॉर्मोनल पैटर्न को सपोर्ट करना चाहती हैं।

सीड साइक्लिंग में पीरियड्स के पहले दिन से लेकर 14वें दिन तक रोज एक-एक टेबलस्पून पिसे हुए अलसी और कद्दू के बीज खाए जाते हैं। इनमें मौजूद पोषक तत्व शरीर में एक्स्ट्रा एस्ट्रोजन को कंट्रोल करने और कमी होने पर उसे सपोर्ट करने में मदद करते हैं, जिससे ओव्यूलेशन सही समय पर हो सकता है।

इसके बाद साइकिल के दूसरे हिस्से यानी ल्यूटियल फेज में, अगले पीरियड के पहले दिन तक रोज एक-एक टेबलस्पून पिसे हुए सूरजमुखी और तिल के बीज खाए जाते हैं। इनमें मौजूद पोषक तत्व प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन को सपोर्ट करते हैं, जो पीरियड्स को समय पर लाने और पीरियड से पहले होने वाली समस्याओं जैसे पेट दर्द, मूड स्विंग और ब्रेस्ट पेन को कम करने में मदद करते हैं।

सीड साइक्लिंग का सही तरीका है इसके लिए हर दिन एक-एक टेबलस्पून पिसे हुए अलसी और कद्दू के बीज खाने की सलाह दी जाती है, फिर अगले दिन सूरजमुखी और तिल के बीज खाने की।

इसे साइक्लिंग की तरह अपनाएं, लेकिन इसका नियमित रूप से पालन करना जरूरी नहीं है। यह डाइट सपोर्टिंग न्यूट्रिशन की तरह ही अपनाया जा सकता है।

इस बात पर रिसर्च हुई है कि सीड साइक्लिंग वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है, लेकिन एक स्टडी में पता चला है कि इसे अपनाकर PCOS से जुड़ा हॉर्मोनल बैलेंस और फर्टिलिटी आउटकम बेहतर हो सकता है।
 
मैंने सुना है कि सीड साइक्लिंग वास्तव में मददगार हो सकता है, लेकिन क्या यह पूरी तरह से जरूरी है? क्या महिलाओं को हर दिन इन बीजों को खाने की जरूरत है? मुझे लगता है नहीं, लेकिन फिर भी इसके परिणामस्वरूप अच्छे हो सकते हैं। और पेरियड्स से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में इसकी मदद कैसे होती है, यह तो थोड़ा अजीब लगता है।
 
क्या यह सच है कि सीड साइक्लिंग वास्तव में हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है? मैंने अपने दोस्तों और परिवार की बातचीत से पता लगाया है कि कई महिलाएं इसे अपनाकर अपने पीरियड्स को नियंत्रित करने में सफल रहीं हैं। लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि हमें इसके बारे में और अधिक जानने की जरूरत है। क्या यह वास्तव में एक प्रभावी तरीका है, या बस एक फad?
 
मुझे लगता है कि सीड साइक्लिंग की जगह स्वास्थ्य के लिए अधिक प्राकृतिक और संतुलित तरीकों को आजमाना चाहिए। इसमें ज्यादातर महिलाएं बिना वैज्ञानिक आधार पर अलसी और कद्दू के बीज खाने लगने की वजह से अपने हॉर्मोनल पैटर्न को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन इसके लिए हमें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तरीकों को आजमाना चाहिए। 🤔

इसके अलावा, मुझे लगता है कि महिलाओं को अपने शरीर की खूबसूरतियों को स्वीकार करने की जरूरत है, न कि उनके हॉर्मोनल पैटर्न को बदलने की। हर महिला के शरीर में अलग-अलग हॉर्मोनल संतुलन होते हैं, इसलिए हमें उन्हें स्वीकार करने और स्थिर करने की कोशिश करनी चाहिए। 💁‍♀️
 
मुझे लगता है कि सीड साइक्लिंग में सब कुछ गलत है। यह तो बस एक बड़ी धोखाधड़ी है जिसमें लोगों को अपनी पीरियड्स पर नियंत्रण करने के लिए बिना किसी वैज्ञानिक आधार के कुछ फलों और सब्जियों का सेवन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। क्या यह वास्तव में शरीर को मदद करता है या बस पैसे कमाने वाली एक नई फादर कंपनी का हिस्सा बनती है? और यह तो सिर्फ महिलाओं पर ही ऐसा करने की धमकी दी जाती है, लेकिन क्या यौन अभिविनय की भावना वाले पुरुषों को भी इसके बारे में सोचा जाता है?

मुझे लगता है कि इस तरह की चीजें करने के लिए हमें अपने शरीर पर बहुत अधिक भरोसा करने की जरूरत नहीं है। और अगर आपको पीरियड्स की समस्या है, तो तो सिर्फ एक डॉक्टर से मिलकर समस्या का समाधान निकाल लें! 🙅‍♂️
 
मेरी राय, सीड साइक्लिंग एक दिलचस्प विचार है, लेकिन क्या यह पूरी तरह से स्वस्थ है? मुझे लगता है कि इसके फायदे और नुकसान को समझने की जरूरत है। अलसी और कद्दू के बीज में विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं जो पोषक तत्वों से भरपूर हैं, लेकिन उनमें भी चोट लग सकती है अगर उनका सही तरीके से उपयोग नहीं किया जाए।

इसके अलावा, यह एक बड़ी बात है कि सीड साइक्लिंग वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है, लेकिन फिर भी कुछ शोधों में इसके फायदे दिखाई देते हैं। मुझे लगता है कि अगर आप इसे अपनाते हैं और नियमित रूप से पालन करते हैं, तो यह आपके हार्मोनल बैलेंस में सुधार कर सकता है, लेकिन इसके लिए आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

फिर भी, मुझे लगता है कि हमें अपने पूरे आहार पर ध्यान देना चाहिए और सभी तरह के खाद्य पदार्थों को एक साथ लेकर देखना चाहिए, न कि एक ही तरह के बीज खाने के। यह एक जटिल मुद्दा है और हमें इस पर अधिक शोध करने की जरूरत है।
 
सीड साइक्लिंग नामक चीज़ पूरे देश में बहुत चर्चा में है, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि यह सचमुच मदद कर सकती है या नहीं। मेरे विचार में, यह बिल्कुल सही तरीके से काम करती है। जैसा कि बताया गया है, इसमें विशेष रूप से महिलाएं अपनाती हैं जो अपने पीरियड्स को नियंत्रित करना चाहती हैं। यह बहुत अच्छा विचार है क्योंकि इसे नियमित रूप से करने से शरीर में हार्मोनल संतुलन बेहतर होता है और पेट दर्द, तेज़ भाव गिरना, और स्तन दर्द जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं।

मेरे विचार में, यह एक अच्छा तरीका है लेकिन इसे सही तरीके से करना जरूरी है। अगर आप इसे सही तरीके से करेंगे, तो आपको बिल्कुल भी कोई समस्या नहीं होगी। मैंने अपने दोस्तों और परिवार से भी पूछा है और सभी ने कहा है कि वे इसे करना चाहते हैं। लेकिन अगर आप इसे सही तरीके से नहीं करेंगे, तो आपको फिर मुश्किलें होंगी।

मैंने पढ़ा है कि इस पर कुछ रिसर्च भी हुई है, जिसमें पता चला है कि यह पीसओएस के साथ हॉर्मोनल असंतुलन और शुक्राणु उत्पादन में मदद कर सकती है। लेकिन, मुझे लगता है कि इस पर अधिक रिसर्च करने की जरूरत है ताकि हम इसकी सही सीमा जान सकें।
 
सीड साइक्लिंग ने मेरे दिमाग पर एक अच्छा सवाल उठाया है 🤔। यह विचार कि हम अपने पीरियड्स को नियंत्रित करने के लिए खाने में बीज की कोशिश कर सकते हैं, पूरी तरह से नया नहीं है। लेकिन इसकी प्रभावशीलता और सुरक्षा पर जानकारी की कमी एक बड़ा सवाल उठाती है 🤷‍♀️

मेरा मानना है कि अगर यह विधि वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हो जाती है, तो यह बहुत ही दिलचस्प और उपयोगी हो सकती है। लेकिन अभी तक इसके बारे में बहुत कम रिसर्च हुआ है और इसके नुकसान भी हो सकते हैं, जैसे कि खाद्य पदार्थों की स्थिरता और गुणवत्ता। इसलिए, इस पर ध्यान देने से पहले, हमें अधिक जानकारी इकट्ठा करने की जरूरत है 📊
 
मैंने तो पढ़ लिया है इसके बारे में 🤔, ये सीड साइक्लिंग तो कुछ पुरानी चाय की तरह लग रही है... सबकुछ अलग-अलग फेज में खाने की बात करती है, लेकिन मुझे लगता है कि यह तो एक मजेदार तरीका होगा अपने पीरियड्स को नियंत्रित करने का। अगर इसका सही तरीका से पालन किया जाए, तो यह तो अच्छा हो सकता है... मैंने तो देखा है कि कई लड़कियाँ इसे अपनाकर बहुत अच्छे परिणाम देख रही हैं।
 
मुझे तो लगता है कि ये सीड साइक्लिंग कुछ रोचक विचार है, लेकिन मैं थोड़ा शंका रखता हूँ कि क्या यह पूरी तरह से स्वास्थ्य पर निगरानी रखने के लिए जरूरी है? 🤔 आमतौर पर हम अपने आहार में कुछ बदलाव करने से ही अपने शरीर को अच्छा महसूस होता है, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हमें कोई नुकसान नहीं पहुँच रहा है। 🌟
 
मुझे लगता है कि यह डाइट नामुमकिन है, खासकर क्योंकि इसमें हमारी देश की स्वादिष्ट चावल और रोटी के बजाय अलसी और कद्दू के बीज ही खाने का फैसला किया गया है 😂। और सूरजमुखी और तिल को भी खाना पड़ता है? यह बहुत अधिक खास है, मुझे लगता है कि इसका मतलब यह नहीं कहेंगे कि हमारी पारंपरिक भोजन विविधता पर छाप डाल रहे हैं 🤔। और इस बात पर कोई सोच रहे थे कि PCOS से जुड़ा हॉर्मोनल बैलेंस बेहतर हो सकता है? मुझे लगता है कि हमें अपनी देश की अनोखी जड़ी-बूटियों और पौष्टिक भोजन पर ध्यान देना चाहिए, न कि बाहरी तरीकों से चलने की कोशिश करनी चाहिए 😊
 
मेरी राय में यह ताजा विकास है कि कई महिलाएं अपनी दिनचर्या में बदलाव लाने के लिए इस सीड साइक्लिंग की बात कर रही हैं। अगर इसका सही तरीके से पालन किया जाए तो यह उनके मासिक चक्र में थोड़ा सुधार कर सकता है। लेकिन एक बात ध्यान में रखनी चाहिए कि हर रिसर्च में फायदों और नुकसान दोनों होते हैं। हमें पहले इसके खिलाफ भी कुछ जानकारी ढूंढनी चाहिए।
 
मेरे दोस्त, यह तो वाकई हैरान करने वाला है कि लोग अब पीरियड्स के साथ-साथ अपने शरीर के अन्य पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं! मुझे लगता है कि यह सीड साइक्लिंग की बात है, जिसमें महिलाएं अपने पीरियड्स को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग फेज में चार तरह के बीज खाती हैं।

मैंने सुना है कि इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, जिससे पीरियड्स को समय पर लाने और संबंधित समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है।

लेकिन, मुझे लगता है कि यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि इसका वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन एक स्टडी में पता चला है कि इसमें शामिल होने पर PCOS से जुड़े हॉर्मोनल बैलेंस और फर्टिलिटी आउटकम बेहतर हो सकता है।
 
अरे, यह तो पूरी तरह से गलत है! यह साइक्लिंग ट्रेंड बिल्कुल भी सही नहीं है। क्योंकि यह वास्तव में एक डाइट बेस्ड वेलनेस ट्रेंड है, और इसका उद्देश्य हार्मोनल पैटर्न को सपोर्ट करने से जुड़ा हुआ है न कि फायदे की गारंटी। और इसमें यह कहना कि सीड साइक्लिंग वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है, तो पूरी तरह से सही है। लेकिन अगर इसे पूरी तरह से अपनाकर फायदा उठाया जाए, तो इससे कोई भी गंभीर समस्या आ सकती है! 🙅‍♂️
 
नर्भता का खेल है, लेकिन कुछ बातें ऐसी भी होती हैं जिनके पीछे वैज्ञानिक सबूत नहीं हैं, लेकिन दिलचस्प तो यह है कि लोग अपने शरीर को बेहतर बनाने के लिए खैर सिर्फ स्वास्थ्य के लिए, बल्कि जीवन की गुणवत्ता के लिए भी।

कुछ लोगों को लगता है कि अगर हम सही पौष्टिक आहार लेते हैं तो और भी कई समस्याएं समाप्त हो सकती हैं। पर मुझे लगता है कि इसका संदेह करना जरूरी नहीं है, खासकर जब तक वैज्ञानिक सबूत न मिले।

कुछ महिलाओं के लिए यह एक बड़ी राहत हो सकती है जिन्हें पीरियड्स से जूझना पड़ता है।
 
अगर तुम्हारे पीरियड्स अच्छे हैं तो फिर खुश रहो, लेकिन अगर तुम्हारे में थोड़ा ज्यादा हॉर्मोन की समस्या है तो सीड साइक्लिंग को जरूर आजमा। यह तो निश्चित रूप से मदद करेगा, बात तो तो ऐसी नहीं है कि इसका पालन करने से तुम्हारे पास कम से कम पीरियड्स होंगे। मेरी दोस्त ने भी इसे आजमाया और अब वह अपने पीरियड्स में बहुत अच्छा स्वास्थ्य सुधार देख रही है। तो अगर तुम्हारे लिए यह बात जरूरी है तो इसे जरूर आजमाना न भूलो। 😊
 
बोलो सीरियल डाइटिंग साइक्लिंग तो यह कैसे काम करता है? मेरा कहना है कि अगर लोगों को अपनी खप समझनी है और अपने शरीर को बेहतर बनाने के लिए कुछ करना है, तो यह एक अच्छा विकल्प है। मैं नहीं कहूंगा कि यह पूरी तरह से सही है, लेकिन अगर लोग इसका सही तरीके से पालन करें, तो यह उनके लिए फायदेमंद हो सकता है।

मुझे लगता है कि इसे अपनाकर महिलाएं अपने परिवर्तनों को अधिक नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं। और अगर यह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है, तो भी इसके बारे में एक छोटा सा ध्यान रखना चाहिए। कुछ लोगों ने इसमें अपने परिवर्तनों में मदद के लिए इसे अपनाया है।
 
मेरे दोस्तों को तो यह डाइट ट्रेंड बहुत पसंद आएगी, न कि मुझे दिलचस्प लग रहा है 😐। साइक्लिंग की तरह खाने की बात तो अच्छी है, लेकिन पूरी तरह से इस पर भरोसा करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। मेरी राय में, यह कुछ विशेषज्ञों को पसंद आएगी, खासकर ये महिलाएं जो अपने पीरियड्स को नियंत्रित करना चाहती हैं। लेकिन हमें यह भी याद रखना होगा कि हर डाइट ट्रेंड में सावधानी बरतनी चाहिए और असल में जानकारी प्राप्त करने की जरूरत है।
 
नहीं तो यह इतनी देर तक चलेगी, पीरियड्स में फेरबदल कितनी आसान है? पहले सीड साइक्लिंग का वादा था और अब इसके बारे में शायद सोचना चाहिए कि क्या इससे हमारे शरीर को फायदा होगा। पूरी तरह से डिटॉक्स और प्रोबायोटिक्स लेने से भी परिणाम दिखाई देते हैं तो फिर ये बीज खाने की जरूरत नहीं?
 
साइक्लिंग डाइट करने की बात सुनकर मुझे लगता है कि यह एक नया तरीका है जिसमें हम अपने शरीर को खुद वैलेंस बनाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन अगर हमें अपने शरीर को वैलेंस देने की जरूरत है, तो यह जरूरी नहीं है कि हम हर दिन बीज खाएं। कभी-कभी थोड़ा आराम भी जरूरी होता है।

बजाते हैं, अगर हम अपने शरीर को वैलेंस देने का प्रयास कर रहे हैं तो यह जरूरी है कि हम अपने आप पर ध्यान दें। खुद को जानते रहना और अपने शरीर की जरूरतों को समझना। अगर हमें लगता है कि साइक्लिंग डाइट करना सही नहीं है, तो फिर भी हम अपने स्वास्थ्य को अच्छा बनाने के लिए अन्य तरीके ढूंढ सकते हैं। 🤔
 
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