जरूरत की खबर- मिड–एज से दिखते डिमेंशिया के संकेत: रिसर्च में खुलासा, 11 आदतों से बढ़ता रिस्क, डॉक्टर से जानें हेल्दी ब्रेन हैबिट्स

अत्यधिक तनाव और तनावपूर्ण जीवनशैली, अतिरिक्त वजन, निम्न मात्रा में विटामिन डी और विटामिन बी12 के स्तर में, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, और पुराने चोटों के कारण होने वाली असुविधाएं, नशीली दवाओं का दुरुपयोग, लंबे समय तक बैठने या गतिहीन रहने से ब्रेन एजिंग बढ़ सकती है।
 
मैं तो कभी नहीं समझ पाता कि हमारे दिनों में इतनी तनावपूर्णता और असुविधाएं बढ़ गई हैं। जब तक कोई नशीली दवा खाता था, तब तक जीवन साधारण और शांत था। अब तो यह सभी बातें एक साथ आ गई हैं - तनाव, अस्वास्थ्य, नशीली दवाएं... मुझे लगता है कि हमारे बच्चों और युवाओं को यह सब समझाने की जरूरत है। लेकिन देखिए, मेरे पिताजी के समय भी ऐसे ही सामान्य थे, लेकिन तब तो नशीली दवाएं नहीं थीं। आजकल के युवाओं को विटामिन डी और बी12 की कमी होने पर देखकर मुझे लगता है कि हमारे शिक्षा प्रणाली में कुछ गड़बड़ी है।
 
मुझे लगता है कि हमारे दिनों में तनाव और तनावपूर्ण जीवनशैली बहुत अधिक बढ़ गई है, और इसके परिणामस्वरूप कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। अगर हम अपने जीवन में थोड़ा सा अनुशासन लेते हैं तो कुछ अच्छा भी हो सकता है। मेरी माँनन की बात है, जब वो बच्ची थीं तब उनके दिनों की तरह तनाव नहीं था। हमें अपने जीवन में संतुलन बनाने की जरूरत है और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है।
 
तनाव कितना बढ़ गया है तो... हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में यह बहुत हानिकारक है। जैसे ही हम अधिक तनावपूर्ण जीवनशैली अपनाते हैं और अतिरिक्त वजन विकसित करते हैं, ये सभी बीमारियां और असुविधाएं बढ़ने लगती हैं। और फिर नशीली दवाओं का दुरुपयोग, लंबे समय तक बैठने से... यह तो मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत भारी पड़ता है। हमें अपनी जिंदगी को संतुलित रखना होगा, और शारीरिक गतिविधियों को नियमित करना होगा। अन्यथा फिर हमें कौन सी असुविधाएं सहन करनी पड़ेंगी।
 
जीवन बहुत तेज हो गया है दोस्त, रेस्टलेस न होने के बाद भी तनाव और चिंता में फंस जाते हैं। मैंने देखा है कि लोग अपने स्वास्थ्य पर नजर नहीं रख पाते। विटामिन डी और बी12 के स्तर कम होने की बात तो कई बार सुना चुके हैं, लेकिन अभी तक उनका देखभाल करने में सक्षम नहीं हो पाते। नशीली दवाओं का दुरुपयोग भी बढ़ रहा है और लंबे समय तक बैठने से हमारी मानसिक स्थिति खराब होती जा रही है।
 
मुझे लगता है कि हमारे समाज में लोगों को जागरूक करने की जरूरत है कि अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। तनाव और तनावपूर्ण जीवनशैली से बचने के लिए हमें आराम कराने वाली गतिविधियों में शामिल होना चाहिए। नियमित व्यायाम करना, स्वस्थ भोजन खाना, और पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है। हमें अपने आहार में विटामिन डी और विटामिन बी12 को बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए ताकि हम अपने शरीर को अच्छा बनाए रख सकें।
 
मैंने पढ़ा यह तो बहुत ही दुखद बात है 🤕. आज की जीवनशैली में इतनी तनाव और अस्वस्थता क्यों हो रही है? हमें अपने शरीर की देखभाल करनी चाहिए, नियमित व्यायाम करें, संतुलित आहार लें, पर्याप्त नींद लें... 🛋️ तो ब्रेन एजिंग की समस्या से बचा जा सकता है। और इसके अलावा, हमें अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना चाहिए, खुशियों को अपनाएं... जीवन में तनाव का सामान्य होना ठीक नहीं है! 😔
 
तनाव और तनावपूर्ण जीवनस्तर में हमारी आजीविका बहुत बड़ा प्रभाव डाल रहा है . हमारे देश में जहां तकनीक की रफ्तार बढ़ रही है, वहीं पर लोग अपने साथ कई समस्याएं भी लेकर आ रहे हैं . तनाव और बीमारियों से निपटने के लिए लोग स्वास्थ्य सेवाओं तक जाने में डर गए हैं तो वहीं पर प्राथमिक उपचार में भी समस्या आ गई है .
 
maine dekha hai ki log apne life ko kaisa jee rahe hain? sab log phone par camera khinchte hain aur selfie lete hain, par unki personal space nahin hoti. yah toh mental health badh gaya hai. na to hum apne aapko pata nahi lagte, toh kaise humein samajh sake? maine dekha hai ki log 12 ghante tak screen par dikhate hain, aur raat ko bhi phone pe hi rahna chाहतe hain. yah brain health badha deta hai, aur usse nhi to physical health bhi kamzor ho jata hai.

aur phir logon ko pata nahi ki unki diet kaisi hai? humara Indian cuisine toh bahut swaadist hai, par log apni weight badhane ke liye sugar aur oil me chupte hain. yah toh body ko kya benefits deta? maine dekha hai ki logon ki diet change karna mushkil lagta hai, kyunki unhe nahi pata ki kaise aur kyun.

aur ek bhi baat, logon ko exercise karne ke liye time nahin milta. hum aajkal ka lifestyle toh bahut hectic hai, aur log apne work par hamesha focus rakhte hain. yah toh body aur mind dono ko kamzor banata hai.

🤔💡
 
दिल्ली में इतने तनावपूर्ण हैं और वजन बढ़ रहा है तो क्या हमारे लिए यह सही है? हमारे देश में ज्यादातर लोग बैठकर खाते हैं और हर रोज़ नशीली दवाओं का सेवन करते हैं। इससे हमारे शारीरिक स्वास्थ्य खराब होता जा रहा है और मस्तिष्क भी बढ़ने लगा है।

हमें अपने खाने में ज्यादा विटामिन डी और विटामिन बी12 लेना चाहिए। और शारीरिक गतिविधियों में नियमित रूप से स्विमिंग या फुटबॉल जैसी खेल भाग लेना चाहिए। इससे हम अपने मस्तिष्क को ताज़ा रख सकते हैं और हृदय रोग से बच सकते हैं।
 
ताने में ताना करने वाले पूरे विश्वासघाती लोगों को अपना बेसब्री छोड़ दो, अगर तुम्हारे मन में कोई जिम्मेदारी है, तो चल, उसका सामना करो।
 
तनाव बहुत ज्यादा हो गया है ... नशीली दवाओं की दुरupyog se hote hain jisey brain aging bhi badh sakta hai 🤕. hriday rog, ubach rakht chap, madhumeh, aur purane chote ke cause ho sakte hain. humein apne aap par nazar rakhna chahiye aur swasth jeevanshaili ke saath kuch bhi karne ka mauka nahin chhodna 🥗.
 
मुझे लगता है कि हमारे दैनिक जीवन में तनाव कम करने के तरीके ढूंढने पर ध्यान देना चाहिए। तो भी ब्रेन एजिंग को रोकने के लिए नियमित व्यायाम और स्वास्थ्य जांच जरूरी है। मैंने एक आर्टिकल पढ़ा है कि डॉ. एंड्रिया यूएफ्सी ब्रेन एजिंग को रोकने के लिए नियमित व्यायाम, स्वास्थ्य जांच और पर्याप्त नींद करना महत्वपूर्ण है। [https://timesofindia.indiatimes.com...to-stop-ageing-at-30/articleshow/12442346.cms]
 
मानसिक स्वास्थ्य तो बस इतना ही जानता हूँ कि चिंता और तनाव से हमारे शरीर पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है... लोगों को अपने जीवन में संतुलन बनाने की जरूरत है, नियमित व्यायाम करें, परिवार के साथ समय बिताएं और खुद को आराम दें। मैंने अपने परिवार के सदस्यों से भी बात की है कि उन्हें धूम्रपान छोड़ना चाहिए, जिसके परिणामस्वरूप उनका जीवन में सकारात्मक बदलाव आया...
 
मुझे लगता है 😕 कि आज के युवा बहुत ज्यादा तनाव में रहते हैं 🤯, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है 💔। अगर हम अपने जीवन को संतुलित रखेंगे और नियमित व्यायाम करेंगे, तो हमारे शरीर की देखभाल करने में मदद मिलेगी 🏋️‍♀️

नशीली दवाओं का दुरुपयोग भी बहुत हानिकारक है 🚫, इसलिए हमें इनसे दूर रहना चाहिए और स्वस्थ विकल्पों को अपनाना चाहिए। और अगर हम लंबे समय तक बैठते रहते हैं या गतिहीन रहते हैं, तो इससे हमारे मस्तिष्क पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है 🧠

आज के जीवन में तनाव बहुत अधिक है, लेकिन अगर हम अपने तनाव को नियंत्रित कर सकते हैं और स्वस्थ रहने के तरीकों को अपना सकते हैं, तो हम अपने जीवन को सुखी और स्वस्थ बना सकते हैं 🌞
 
सफेद शहद पीने से गोरा होने की बात में नहीं मानें, लेकिन विटामिन डी और विटामिन बी12 स्तर अच्छे होना फायदेमंद है। हमारे देश में तनाव बहुत ज्यादा है, तो कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे तनाव कम हो। 🤔

आज के समय में लोग इतने अधिक टच स्क्रीन पर रहते हैं, वे अपने दिमाग को भी धूल में खो रहे हैं। नशीली दवाओं का दुरुपयोग बहुत ज्यादा होता है, जिससे लोगों की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। हमें अपने बच्चों को शिक्षित करना चाहिए, उन्हें स्वस्थ जीवनशैली का महत्व समझाना चाहिए।

मैं तो कभी-कभी सुबह उठकर 30 मिनट तक प्रकृति में खेलने जाता हूँ। नींबू और शहद पीना भी अच्छा होता है। अगर हम अपने दिन की शुरुआत स्वस्थ तरीके से करें, तो बहुत सारी बीमारियों से बचने में मदद मिल सकती है।
 
नशीली दवाओं का दुरुपयोग बढ़ा, हमारी भविष्य की पीढ़ी को नुकसान पहुंच रहा है 🤕 . तनावपूर्ण जीवनशैली से बचना चाहिए, नियमित व्यायाम करें और स्वस्थ आहार लें, इससे मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।
 
स्ट्रेस जितना बढ़ता है हमारी शारीरिक और मानसिक सेहत को भी उतना ही नुकसान पहुँचाता है। यह दुनिया तेजी से चल रही है, लेकिन ध्यान रखना चाहिए कि ब्रेन एजिंग कैसे न बढ़े, जिससे हमारी यादें और स्मृति खत्म हो सकती हैं। विटामिन डी और बी12 का पर्याप्त स्तर लेना जरूरी है, फिर भी नशीली दवाओं का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। हमें शारीरिक गतिविधि में लगना चाहिए, जिससे रक्त प्रवाह बेहतर हो जाए और हृदय स्वास्थ्य में सुधार हो।
 
तनाव बहुत ज्यादा हो रहा है भाई, हमारा जीवन हर दिन तनावपूर्ण ही रहता है, काम से जुड़ी परेशानियां, परिवार में समस्याएं, डिजिटल स्ट्रीम... सबकुछ है तनाव का मिश्रण। और इसका नतीजा हमारा स्वास्थ्य खराब हो रहा है। वजन बढ़ रहा है, विटामिन डी और बी12 के स्तर कम हो रहे हैं। लेकिन यह तो जागरूकता भी अच्छी है कि हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। नशीली दवाओं का दुरुपयोग, ब्रेन एजिंग... ये सब गलत रास्ते हैं। हमें सकारात्मक रहना चाहिए, खुद को स्वस्थ बनाए रखना चाहिए। 🙏💪
 
मेरी राय में यह बहुत जरूरी है कि हमारा जीवनशैली बदल दिया जाए। तो हम तनाव को कम कर दें, और अपने खाने में अधिक सब्जियां और फल शामिल कर लें। विटामिन डी और बी12 की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए ताकि हमारा शरीर स्वस्थ रहे।

नशीली दवाओं का दुरुपयोग भी एक बड़ी समस्या है। हमें अपने आसपास की व्यक्तियों को समझना चाहिए और उन्हें सहायता प्रदान करनी चाहिए। लंबे समय तक बैठने से निर्जलीकरण और दिल की समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए हमें नियमित रूप से व्यायाम कराना चाहिए और अपने आसपास के वातावरण को साफ रखें।

हमारी पीढ़ी को जागरूक होना चाहिए और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना चाहिए। 🏋️‍♀️🌱
 
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