जरूरत की खबर-ऑनलाइन 'लव-गेम' ने 3 बच्चियों की जान ली: एक्सपर्ट बोले- इन 9 संकेतों को पहचानें मां-बाप; फोन में ऐसे लगाएं पेरेंटल कंट्रोल

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। तीन सगी बहनों की जान लेने वाली इस घटना में कई सवाल उठते हैं, जैसे कि ऑनलाइन गेम्स की लत कैसे बढ़ सकती है, और क्या हम अपने बच्चों को ऐसी गतिविधियों से दूर कर सकते हैं?

गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल पर अपने घर की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। उनकी उम्र करीब 12, 14 और 16 साल थी। यह घटना तब हुई जब तीनों लड़कियों को टास्क-बेस्ड 'कोरियन लव गेम' की लत थी। वे हर वक्त एकसाथ रहती थीं।

यह गेम एक ऑनलाइन गेम है, जिसमें एक अनजान व्यक्ति सोशल मीडिया पर यूजर से बात करता है। वह खुद को कोरियन बताता है। यूजर का भरोसा जीतने के लिए वह दोस्ती और प्यार भरी बातें करता है। शुरूआत में टास्क आसान होते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद टास्क मुश्किल होने लगते हैं। अगर यूजर टास्क करने से मना करे, तो वह व्यक्ति डराता है और धमकी देता है।

इस गेम में 50 टास्क होते हैं, जो लगभग 50 दिनों तक चलते हैं। यह गेम बच्चों को एडिक्टेड बनाने के लिए तैयार किया जाता है, ताकि वे हमेशा उनके यूजर बने रहें।

इस घटना ने कई सवाल उठाए हैं, जैसे कि ऑनलाइन गेम्स की लत कैसे बढ़ सकती है, और क्या हम अपने बच्चों को ऐसी गतिविधियों से दूर कर सकते हैं? क्या हमें अपने बच्चों के फोन में पेरेंटल कंट्रोल लगाना चाहिए?

इस लिए, जरूरत की खबर में आज उन ऑनलाइन गेम्स की बात करेंगे, जिनसे सुसाइडल टेंडेंसी यानी आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ती है।
 
ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं बहुत ही दुखद हैं और हमें सोचने पर मजबूर करती हैं। मेरा विचार है कि ऑनलाइन गेम्स की लत बच्चों को कैसे बढ़ाती है, यह एक जटिल सवाल है। मुझे लगता है कि दोस्ती और प्यार भरी बातें करने से बच्चों को खुश रखा जा सकता है। लेकिन, ऑनलाइन गेम्स में ऐसी गतिविधियां शामिल होने से बच्चों को धोखा दिया जा रहा है।

मुझे लगता है कि हम अपने बच्चों को ऐसी गतिविधियों से दूर रखने के लिए एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं। हमें उन्हें ऑनलाइन गेम्स के नुकसानों के बारे में जागरूक करना चाहिए और उन्हें ऐसी गतिविधियों से दूर रखने के लिए रोकने के तरीके ढूंढने चाहिए।

मुझे लगता है कि फोन में पेरेंटल कंट्रोल लगाना एक अच्छा विचार हो सकता है, लेकिन हमें अपने बच्चों को जागरूक करना भी जरूरी है। हमें उन्हें ऑनलाइन गेम्स के नुकसानों के बारे में बताना चाहिए और उन्हें ऐसी गतिविधियों से दूर रखने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

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यार, यह तो बहुत बड़ी घटना है! मुझे लगता है कि हमारे देश में ऑनलाइन गेम्स की लत कैसे बढ़ सकती है, वह एक बड़ा सवाल है। मेरी राय में अगर हम अपने बच्चों को ऐसी गतिविधियों से दूर कर नहीं पाते, तो वे बहुत बड़ी समस्या में फंस जाएंगे।

मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों को शिक्षित करना चाहिए, और उन्हें पता चलना चाहिए कि ऑनलाइन गेम्स की लत कैसे बढ़ सकती है। मैंने अपने छोटे भाई को भी ऐसा ही किया, तो वह कोरियन लव गेम खेलने लगा। मुझे बहुत चिंता हुई, तो मैंने उसके फोन पर नज़र रखना शुरू किया।

अब मैं अपने बच्चों को ऑनलाइन गेम्स से दूर रखने की कोशिश कर रहा हूँ। मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों के फोन में पेरेंटल कंट्रोल लगाना चाहिए, ताकि वे ऐसी गतिविधियों से दूर रहें।
 
यह तो बहुत दुखद घटना है, मेरी भावनाएं एक्सेस कर रही हैं! मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों को ऐसे गेम्स से दूर रखना चाहिए, जिनमें एडिक्शन की समस्या होती है। लेकिन फिर भी, इस दुनिया में कोई आसान समाधान नहीं है।

मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों को गेम्स से सावधानी से खेलने की जरूरत है, और उन्हें यह समझाना चाहिए कि ऑनलाइन दोस्ती और धमकी कभी भी वास्तविक प्यार नहीं होती है। हमें अपने बच्चों को शिक्षित करना चाहिए कि ऑनलाइन सुरक्षा कैसे की जाए, और उन्हें यह समझाना चाहिए कि अगर कभी उन्हें ऐसा महसूस हुआ तो उन्हें मुझे बताना चाहिए।
 
🚨 यह घटना बहुत दुखद है, और मुझे लगता है कि हमें इस पर ज्यादा सोचते समय भी ऑनलाइन गेम्स की लत को धूम्रपान की तरह नहीं देखना चाहिए। यह एक गंभीर समस्या है जिसके लिए हमें एकजुट होकर समाधान ढूंढने की जरूरत है। मेरे अनुसार, पिता-माता की निगरानी और सीमाएं निर्धारित करना बहुत जरूरी है, ताकि बच्चों को ऐसे गेम्स से दूर रहने का अवसर मिले। हमें अपने बच्चों को ऑनलाइन गेम्स के जोखिमों के बारे में शिक्षित करना भी चाहिए। और फोन में पेरेंटल कंट्रोल लगाने से पहले हमें यह समझना होगा कि कितनी निगरानी है आवश्यक और कितनी पर्याप्त। 🤔
 
ऑनलाइन गेम्स की लत तो बढ़ चुकी है , तो अब फिर किस दिशा में जाएं? बच्चों के फोन पर पेरेंटल कंट्रोल लगाना एक अच्छा विचार हो सकता है, लेकिन क्या यही हल है? हमें अपने बच्चों को शिक्षित करने की जरूरत है , उनके बारे में जागरूकता फैलानी चाहिए ताकि वे जिम्मेदारी से खेल सकें।
 
🤕 यह घटना बहुत दुखद है और हमें इसके पीछे के कारणों पर विचार करना चाहिए। मेरा लगता है कि ऑनलाइन गेम्स की लत बच्चों को बहुत प्रभावित कर सकती है, खासकर जब वे ऐसे गेम खेलने लगते हैं जो दोस्ती और प्यार की बातें करते हैं। हमें अपने बच्चों को इन गेम्स से जागरूक करना चाहिए और उन्हें यह समझाना चाहिए कि ये गेम उनकी मानसिक सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

मैं समझता हूँ कि इन गेम्स में व्यक्तिगत संपर्क के लिए बनाए गए हैं, जिससे बच्चों को एक अनजान व्यक्ति के साथ बात करने की प्रवृत्ति उत्पन्न होती है। हमें अपने बच्चों को यह समझाना चाहिए कि ऑनलाइन दोस्ती और प्यार की बातें नहीं होनी चाहिए। हमें उनके फोन में परिवार का नियंत्रण लगाने की आवश्यकता है, ताकि वे ऐसे गेम खेलने से बच सकें।
 
ऑनलाइन गेम्स की लत तो और भी खतरनाक है जितना हम सोच रहे हैं। यह गेम बच्चों को धोखा देता है और उन्हें अपने फोन पर नियंत्रण खोने देता है। मेरा सवाल यह है कि क्या हम अपने बच्चों को ऐसी गतिविधियों से दूर कर सकते हैं? नहीं, नहीं, नहीं। हमें अपने बच्चों के फोन पर पैरेंटल कंट्रोल लगाने की जरूरत है, लेकिन यह भी साफ तौर पर कहा गया है कि गेम्स में 50 टास्क होते हैं जो लगभग 50 दिनों तक चलते हैं। इससे पता चलता है कि ऑनलाइन गेम्स वाली लड़कियां न तो सिर्फ एक समय पर काम करती थीं बल्कि एक पूरे महीने में भी। यह तो बहुत बड़ा खतरा है।
 
आज की घटना बहुत दुखद है... मेरी 12 साल की बेटी को भी ऑनलाइन गेम्स में खेलने वाले बच्चों की लत हुई थी। उस समय हमने नहीं समझा था कि इससे क्या होगा। अब यह तीन सगी बहनें जान गईं।

हमें अपने बच्चों को ये गेम्स से दूर करना चाहिए, लेकिन मुझे नहीं पता कि हम यह कैसे करेंगे। क्या हमें फोन में परेंटल कंट्रोल लगाना चाहिए? क्या हमें उन्हें ऑनलाइन गेम्स खेलने वाले साथी से दूर रखना चाहिए?

मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों को शिक्षित करनी चाहिए, उन्हें समझाना चाहिए कि ये गेम्स सच नहीं हैं, वे जो कहते हैं वह सच नहीं है। हमें उन्हें खेलने से पहले तैयार करना चाहिए।
 
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने हमें बहुत गहराई से आघात पहुंचाया है। तीन सगी बहनों की जान लेने वाली इस घटना में एक बड़ा सवाल उठता है कि कैसे हम अपने बच्चों को ऑनलाइन गेम्स की लत से दूर रख सकते हैं? यह गेम इतना खतरनाक है कि इसमें शामिल तीन सगी बहनों ने आत्महत्या कर ली। यह एक बहुत बड़ा आंकड़ा है।
 
मैंने देखा है कि ये खेल बच्चों को इतनी ज्यादा आकर्षित कर लेते हैं, वो एक से अधिक बार इस गेम में खेलते रहते हैं। इससे बच्चों में डिप्रेशन, अनिद्रा, और आत्महत्या की शिकायत बढ़ती जाती है। हमें अपने बच्चों को समझाना चाहिए कि ये गेम खेलने से उनकी दोस्ती, परिवार और खुद का सम्मान टकरा सकता है।
 
मेरी बहनों को याद आता है जब हम छोटी थीं, और हमारी माँ हमेशा हमें सुनाती थी कि ऑनलाइन गेम्स खेलने से मनोबल खराब हो सकता है। लगता है कि आज के समय में भी यही सच है।

मैं समझता हूँ कि जिंदगी में कई चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों को ऐसी गतिविधियों से दूर करने की जरूरत है। अगर हम उनके फोन में पेरेंटल कंट्रोल लगाने का विचार करें, तो शायद हम उन्हें खतरनाक गेम्स से बचा सकते हैं।

मैंने अपने दोस्तों की बहनों को भी ऑनलाइन गेम्स खेलते देखा है, जिनसे उनके मनोबल खराब हो गए थे। लगता है कि हमें अपने बच्चों को शिक्षित करने की जरूरत है ताकि वे जिंदगी में सही रास्ते पर चलें। 🤔
 
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