शकरकंद 50 ग्राम में से लगभग चार ग्राम फाइबर प्रदान करता है। यह एक न्यूट्रिएंट रिच फूड है जिसमें विटामिन ए, विटामिन सी, फाइबर, पोटेशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स मात्रा में होते हैं। हालांकि शकरकंद को बाहर से गुलाबी या चमकदार दिखाने के लिए उसमें मिलावट भी खूब होती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए हाल ही में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने मिलावटी शकरकंद को लेकर सतर्क किया है। साथ ही मिलावट पहचाने का एक आसान तरीका भी बताया है।
शकरकंद में सिंथेटिक केमिकल रंग रोडामाइन-बी (Rhodamine B) की मिलावट की जा रही है। इसे शकरकंद को ज्यादा लाल, गुलाबी और चमकदार दिखाने के लिए ऊपर से लगाया जाता है।
यह एक सिंथेटिक केमिकल डाई है, जिसका इस्तेमाल कपड़े, कागज और पेंट जैसे इंडस्ट्रियल कामों में होता है। यह खाने की चीजों में इस्तेमाल करने के लिए बिल्कुल सुरक्षित नहीं है।
FSSAI के मुताबिक, भारत में खाद्य पदार्थों में इसका उपयोग प्रतिबंधित है।
रोडामाइन-बी खाने से किस तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं?
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, रोडामाइन-बी खाने के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। यह एक जहरीला केमिकल डाई है, जो शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इसके सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी बढ़ता है।
यह केमिकल धीरे-धीरे शरीर के अंदरूनी अंगों को कमजोर करता है और कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकता है। नीचे दिए गए ग्राफिक से रोडामाइन-बी के हेल्थ रिस्क समझिए–
इसके अलावा, घर पर शकरकंद में मिलावट की जांच करने के लिए भी एक आसान तरीका है।
शकरकंद को पानी में डाल दें, अगर पानी का रंग बदल जाए तो यह मिलावट का संकेत है।
शुद्ध शकरकंद को सूंघने पर उसमें मिट्टी जैसी हल्की और नेचुरल खुशबू आती है। जबकि केमिकल लगे शकरकंद से तेज और अजीब सी गंध आती है।
अगर शकरकंद बहुत ज्यादा चिकना और चमकीला दिखे तो उस पर मोम या किसी केमिकल का इस्तेमाल हो सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए हाल ही में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने मिलावटी शकरकंद को लेकर सतर्क किया है। साथ ही मिलावट पहचाने का एक आसान तरीका भी बताया है।
शकरकंद में सिंथेटिक केमिकल रंग रोडामाइन-बी (Rhodamine B) की मिलावट की जा रही है। इसे शकरकंद को ज्यादा लाल, गुलाबी और चमकदार दिखाने के लिए ऊपर से लगाया जाता है।
यह एक सिंथेटिक केमिकल डाई है, जिसका इस्तेमाल कपड़े, कागज और पेंट जैसे इंडस्ट्रियल कामों में होता है। यह खाने की चीजों में इस्तेमाल करने के लिए बिल्कुल सुरक्षित नहीं है।
FSSAI के मुताबिक, भारत में खाद्य पदार्थों में इसका उपयोग प्रतिबंधित है।
रोडामाइन-बी खाने से किस तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं?
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, रोडामाइन-बी खाने के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। यह एक जहरीला केमिकल डाई है, जो शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इसके सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी बढ़ता है।
यह केमिकल धीरे-धीरे शरीर के अंदरूनी अंगों को कमजोर करता है और कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकता है। नीचे दिए गए ग्राफिक से रोडामाइन-बी के हेल्थ रिस्क समझिए–
इसके अलावा, घर पर शकरकंद में मिलावट की जांच करने के लिए भी एक आसान तरीका है।
शकरकंद को पानी में डाल दें, अगर पानी का रंग बदल जाए तो यह मिलावट का संकेत है।
शुद्ध शकरकंद को सूंघने पर उसमें मिट्टी जैसी हल्की और नेचुरल खुशबू आती है। जबकि केमिकल लगे शकरकंद से तेज और अजीब सी गंध आती है।
अगर शकरकंद बहुत ज्यादा चिकना और चमकीला दिखे तो उस पर मोम या किसी केमिकल का इस्तेमाल हो सकता है।