सर्दियों में दांतों की सेंसिटिविटी बढ़ने का मतलब यह है कि जब ठंडी हवा आती है, तो मसूड़ों पर दबाव पड़ता है, जिससे दांतों पर दर्द या चुभन की समस्या होती है।
इस समस्या में दो मुख्य तत्व शामिल हैं: मसूड़ों की स्थिति और तापमान। जब ठंड का मौसम आता है, तो निम्नलिखित परिवर्तन हो सकते हैं:
1. **मसूड़ों का इंफ्लेमेशन**: जब ठंडी हवा आती है, तो मसूड़ प्रभावित होते हैं, जिससे रक्त प्रवाह कम हो जाता है। इससे दांतों पर दबाव पड़ता है।
2. **पल्प रूट के बीच चैनल**: जब मसूड़ों में दर्द होता है, तो यह पल्प रूट की नर्व से जुड़ा एक्सचेंज का नाम है। यह मसूड़ों और दांतों के बीच एक लंबा ट्यूब-युक्त रास्ता बनाता है।
3. **एनामेल**: मसूड़ों पर दबाव पड़ने से एनामेल में दरारें आ जाती हैं, जिससे दांतों पर तेज चुभन या झुनझुनाहट की समस्या हो सकती है।
इन परिवर्तनों को पूरी तरह से समझकर यह पता चलता है कि ठंडी हवा से मसूड़ों और दांतों के बीच कई अंतर्निहित समस्याएं तेज होती हैं।
इस समस्या में दो मुख्य तत्व शामिल हैं: मसूड़ों की स्थिति और तापमान। जब ठंड का मौसम आता है, तो निम्नलिखित परिवर्तन हो सकते हैं:
1. **मसूड़ों का इंफ्लेमेशन**: जब ठंडी हवा आती है, तो मसूड़ प्रभावित होते हैं, जिससे रक्त प्रवाह कम हो जाता है। इससे दांतों पर दबाव पड़ता है।
2. **पल्प रूट के बीच चैनल**: जब मसूड़ों में दर्द होता है, तो यह पल्प रूट की नर्व से जुड़ा एक्सचेंज का नाम है। यह मसूड़ों और दांतों के बीच एक लंबा ट्यूब-युक्त रास्ता बनाता है।
3. **एनामेल**: मसूड़ों पर दबाव पड़ने से एनामेल में दरारें आ जाती हैं, जिससे दांतों पर तेज चुभन या झुनझुनाहट की समस्या हो सकती है।
इन परिवर्तनों को पूरी तरह से समझकर यह पता चलता है कि ठंडी हवा से मसूड़ों और दांतों के बीच कई अंतर्निहित समस्याएं तेज होती हैं।