सर्दियों में एड़ियां फटना एक आम समस्या है, जिसके लिए कई लोग स्किन की सही केयर करना समझते हैं। यह समस्या हवा, वातावरण में नमी की कमी, गरम पानी से नहाना और स्किन की सही केयर न करने के कारण हो सकती है।
सर्दियों में एड़ियां फटने का सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब हवा ज्यादा ड्राई होने लगती है और वातावरण में नमी कम होने लगती है। इससे स्किन का नेचुरल मॉइश्चर तेजी से खत्म होने लगता है। एड़ियों की स्किन पहले से ही मोटी होती है। जब ड्राईनेस बढ़ती है तो वह सख्त होकर फैलने लगती है और दबाव पड़ते ही उसमें क्रैक्स आ जाते हैं।
सर्दियों में एड़ियां फटने का सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब लंबे समय तक खड़े रहने वाले लोग इस समस्या से गुजरते हैं। इसके अलावा, ओपन फुटवियर पहनने, पैरों को ढंग से मॉइश्चराइज नहीं करने, नंगे पैर मिट्टी में चलने और स्किन ड्राई होने वाले लोग भी इस समस्या के अधिक जोखिममें हैं।
एड़ियों को फटने के उपचार में कई घरेलू उपाय मददगार हो सकते हैं। इसमें नेचुरल चीजें जैसे केला, नारियल/जैतून का तेल, शिया बटर और ओटमील स्किन को मॉइश्चराइज और हाइड्रेटेड रखती हैं। नींबू और वैसलीन का मिश्रण, शहद और विनेगर का स्क्रब डेड स्किन हटाने में मदद करता है। इन उपायों के साथ रेगुलर एक्सफोलिएट और मॉइश्चराइज करना एड़ियों को फटने से बचाने का सबसे बेहतर तरीका है।
क्रैक्ड हील्स को नजरअंदाज करने से कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। यह एक तरह का खुला घाव है, जो सेलुलाइटिस जैसे खतरनाक संक्रमण का कारण बन सकता है। डायबिटिक लोगों में फुट अल्सर तक का रिस्क भी हो सकता है।
इसलिए, अगर एड़ियां फटने के लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। इसके अलावा, जिन लोगों में सर्दियों में एड़ियां फटना अधिक जोखिममें होता है, उन्हें इन समस्याओं का खास ध्यान रखना चाहिए।
सर्दियों में एड़ियां फटने का सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब हवा ज्यादा ड्राई होने लगती है और वातावरण में नमी कम होने लगती है। इससे स्किन का नेचुरल मॉइश्चर तेजी से खत्म होने लगता है। एड़ियों की स्किन पहले से ही मोटी होती है। जब ड्राईनेस बढ़ती है तो वह सख्त होकर फैलने लगती है और दबाव पड़ते ही उसमें क्रैक्स आ जाते हैं।
सर्दियों में एड़ियां फटने का सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब लंबे समय तक खड़े रहने वाले लोग इस समस्या से गुजरते हैं। इसके अलावा, ओपन फुटवियर पहनने, पैरों को ढंग से मॉइश्चराइज नहीं करने, नंगे पैर मिट्टी में चलने और स्किन ड्राई होने वाले लोग भी इस समस्या के अधिक जोखिममें हैं।
एड़ियों को फटने के उपचार में कई घरेलू उपाय मददगार हो सकते हैं। इसमें नेचुरल चीजें जैसे केला, नारियल/जैतून का तेल, शिया बटर और ओटमील स्किन को मॉइश्चराइज और हाइड्रेटेड रखती हैं। नींबू और वैसलीन का मिश्रण, शहद और विनेगर का स्क्रब डेड स्किन हटाने में मदद करता है। इन उपायों के साथ रेगुलर एक्सफोलिएट और मॉइश्चराइज करना एड़ियों को फटने से बचाने का सबसे बेहतर तरीका है।
क्रैक्ड हील्स को नजरअंदाज करने से कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। यह एक तरह का खुला घाव है, जो सेलुलाइटिस जैसे खतरनाक संक्रमण का कारण बन सकता है। डायबिटिक लोगों में फुट अल्सर तक का रिस्क भी हो सकता है।
इसलिए, अगर एड़ियां फटने के लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। इसके अलावा, जिन लोगों में सर्दियों में एड़ियां फटना अधिक जोखिममें होता है, उन्हें इन समस्याओं का खास ध्यान रखना चाहिए।