जरूरत की खबर- ट्रेन में तबीयत बिगड़े तो क्या करें?: 5 तरीकों से मांगें मदद, हर ट्रेन में होती ये सुविधाएं, सेफ यात्रा के 10 टिप्स

ट्रेन में तबीयत खराब होने पर तुरंत कदम उठाएं। अगर पास में दवा हो तो तुरंत लें। दवा न हो तो TTE, गार्ड या ऑन-बोर्ड स्टाफ को बताएं और वे ट्रेन या स्टेशन की फर्स्ट-एड-किट से दवा की व्यवस्था करते हैं।

इस दौरान पानी या ORS पिएं, ताकि डिहाइड्रेशन न हो। जरूरत पड़ने पर 139 पर कॉल कर मेडिकल इमरजेंसी की सूचना दें। जरूरत के मुताबिक, ट्रेन या नजदीकी स्टेशन पर डॉक्टर की व्यवस्था की जाती है। गंभीर हालत में TTE ट्रेन को इमरजेंसी स्टॉप दे सकते हैं।

समय पर सही कदम उठाने से स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है।
 
तुमने देखा है ना... जब तक ट्रेन में डॉक्टर नहीं है, तो हमारी सेहत पर खेलना पड़ता है। अगर मालिक की पास में दवा होती तो ठीक होता। लेकिन वास्तविकता यह है कि कितने समय तक इस्तेमाल कर सकते हैं? इसलिए, हमें सोच-समझकर बात करनी चाहिए। अगर तुम्हारी तबीयत खराब हो रही है, तो पहले तुरंत पानी और ORS पियो और फिर अगर जरूरत पड़े तो 139 पर कॉल करो। इसके अलावा ट्रेन में कोई गंभीर रोगी नहीं देखा, तो बात करनी चाहिए। यही सोचकर हम अपनी जान बचा सकते हैं... 🚂💊
 
रेलवे में किसी व्यक्ति की तबीयत खराब होने पर तुरंत कदम उठाएं, यह सबसे बड़ा सावधानी है 🚨। अगर पास में दवाई हो तो तुरंत लें, क्योंकि समय न लगने पर यह जानलेवा हो सकती है। अगर दवाई नहीं है तो TTE, गार्ड या ऑन-बोर्ड स्टाफ को बताएं और वे ट्रेन या स्टेशन की फर्स्ट-एड-किट से दवा की व्यवस्था कर लें।

इस दौरान पानी या ORS पिएं, ताकि डिहाइड्रेशन न हो। जरूरत पड़ने पर 139 पर कॉल कर मेडिकल इमरजेंसी की सूचना दें, और जरूरत के अनुसार ट्रेन या नजदीकी स्टेशन पर डॉक्टर की व्यवस्था की। गंभीर हालत में TTE ट्रेन को इमरजेंसी स्टॉप दे सकते हैं। समय पर सही कदम उठाने से स्थिति को और भी खराब नहीं होने दिया जाए।
 
तनाव में डूबकर ट्रेन में बैठने की बात तो नहीं करें, अगर आपकी तबीयत खराब हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर लें। पास में दवा न होने पर TTE, गार्ड या ऑन-बोर्ड स्टाफ को बताएं, वे जरूरत पड़ने पर ट्रेन या स्टेशन की फर्स्ट-एड-किट से आपको दवा दिलवाएंगे। meanwhile पानी पिएं ताकि ग्लू के ना हो। अगर जरूरत हो तो 139 पर बुलाओ, डॉक्टर आ जाएंगे, और अगर समस्या ज्यादा है तो ट्रेन या स्टेशन में डॉक्टर वाले को बुलाएं। सही समय पर सही कदम उठाने से कोई गंभीरता नहीं बढ़ती।
 
बिल्कुल, अगर तुम्हारी तबीयत खराब होने की बात में है तो तुरंत अपने पास में दवा लेना न भूल। अगर कोई दवा नहीं है तो सबसे पहले TTE या गार्ड से पूछ लो, वे कुछ समय में ट्रेन या नजदीकी स्टेशन पर डॉक्टर की व्यवस्था कर देंगे। meanwhile तुम पानी पिएं और ORS, ताकि प्यास न लगे। अगर आपको फिर से बुरी तबीयत होने की समस्या हो तो 139 पर कॉल कर लेते हैं।

मुझे लगता है कि ट्रेन में पहले तो यह जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि यात्रियों को जरूरत पड़ने पर जल्दी से सही कदम उठाया जा सके।
 
मैंने बहुत से लोगों से ये बात कही है कि अगर तुम्हारी तबीयत खराब हो तो तुरंत ट्रेन में TTE, गार्ड, या ऑन-बोर्ड स्टाफ से बात कर। वे तुम्हें दवा दिलवाएंगे। मैंने एक बार तो ऐसी कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने मुझे बताया था कि ट्रेन में पहले से ही सभी चीजें तैयार होती हैं, इसलिए अगर दवा न हो तो जरूरत पड़ने पर तुरंत 139 पर कॉल कर ले। मैं हमेशा कहता हूँ, समय पर सही कदम उठाने से सब ठीक हो जाता है।
 
यार, तो ये त्रेन में तबीयत खराब होने पर तुरंत कदम उठाने की बात है... लेकिन तो हमारे देश में बिल्कुल भी ऐसा नहीं होता। क्योंकि यहां स्वास्थ्य सेवाओं में भी त्रेन यात्रा के लिए अलग-अलग नियम होते हैं।

और अगर पास में दवा नहीं है तो तो हमारे देश में जैसे ही, TTE, गार्ड या ऑन-बोर्ड स्टाफ की बात करने से कुछ भी नहीं बदलेगा। क्योंकि यहां सरकार की राशन किट और अन्य सामान वितरित करने में देर होती है, तो डॉक्टर की व्यवस्था तो कैसे करें।

लेकिन फिर भी, समय पर सही कदम उठाना जरूरी है। और अगर हमारी सरकार थोड़ी रफ्तार लेती है तो कुछ अच्छा भी हो सकता है।
 
अगर तुम्हारी तबीयत खराब हो गई और तुम पास में दवा नहीं है तो तुरंत TTE या गार्ड से संपर्क कर और उनसे कह दिखा कि तुम्हारी तबीयत खराब है। वे तुम्हें ट्रेन की फर्स्ट-एड-किट से दवाई मिल जाएगी। लेकिन अगर तुम बहुत जल्दी बीमार हो गए तो तुरंत 139 पर कॉल कर दे ताकि तुम्हें डॉक्टर की मदद मिले।

मुझे लगता है कि यह एक अच्छी सोच है। अगर हम समय पर सही कदम उठाएं तो हमारी तबीयत खराब होने से रोक सकते हैं। और अगर हमारी तबीयत खराब हो गई तो हमें तुरंत मदद मिल जाएगी। 😊🚨
 
नहीं तो क्यों नहीं? अगर ट्रेन में तबीयत खराब होती है तो तुरंत ही कुछ करना चाहिए। पास में कोई दवा होने से पहले फिर से सोच लेते हैं। और अगर कोई नहीं है तो क्या बात? TTE, गार्ड या ऑन-बोर्ड स्टाफ को बताएं और वे ट्रेन या स्टेशन की फर्स्ट-एड-किट से दवा लाने की कोशिश करें।

और तबीयत खराब होने पर पानी या ORS पीना भूल जाते हैं तो डिहाइड्रेशन हो सकता है। तो जल्दी से पानी पिएं। अगर जरूरत पड़े तो 139 पर कॉल कर मेडिकल इमरजेंसी की बात करें। और अगर गंभीर हालत में है तो ट्रेन या नजदीकी स्टेशन पर डॉक्टर की व्यवस्था करनी चाहिए।

समय पर सही कदम उठाने से ही यह समस्या नहीं होती। अगर तुरंत कदम उठाए जाते हैं तो स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सकता है।
 
त्रिविध है यह समस्या, तो हमें तुरंत आंखों में चश्मा लगाकर देखभाल करनी चाहिए। अगर पास में कोई डॉक्टर नहीं है, तो फिर भी तुरंत मदद लेनी चाहिए। क्योंकि ये समस्या हालत में गंभीर होने से बचाया जा सकता है। हमें तय ही अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए, न कि दूसरों पर छोड़ना चाहिए।
 
मैंने अपनी माँ की इसी तरह की तबीयत खराब होने की कहानी सुनी थी, लेकिन हमें तुरंत ट्रेन पर नहीं बैठने दिया गया। वो तो 80s me thodi time thi, tab tabीयत खराब ho jati thi to train mein hi bethi rehti thi. lmao ab toh koi logon ko tabीयत खराब hone par tude na marrna deta hai. aur tabhi pani ya ORS peena padta hai to tabhi dehidration nahi hota. bas ab iske liye 139 call karni padti hai... toh time pehle sahi kadam uthane se hi koi problem na ho sakti.
 
त्रासदी के मौके पर तुरंत बाध्य भागने की जरूरत नहीं है, फिर भी बीमार होने पर पहले से अपने पास कुछ दवाएं रखना अच्छा होगा। अगर कोई खास दवा लेता है तो वो दवाई की जानकारी तुरंत TTE, गार्ड या ऑन-बोर्ड स्टाफ को बताये और वे ट्रेन या स्टेशन की फर्स्ट-एड-किट से उसकी व्यवस्था करते हैं। बीमार होने पर पानी या ORS पीना जरूरी है, ताकि डिहाइड्रेशन न हो। अगर जरूरत पड़े तो 139 पर कॉल कर मेडिकल इमरजेंसी की सूचना दे। समय पर सही कदम उठाने से स्थिति बिगड़ने से रोका जा सकता है।
 
त्रासदी में लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण सलाह दी गई, लेकिन अभी तक हमारे ट्रेनों में दवाई की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं है। अगर तुरंत पास में दवा निकलने पर भी, फिर ट्रेन यात्री को अपनी जान बचाने के लिए बहुत मुश्किल होगी। हमारे देश में ट्रेन सिस्टम को और भी बेहतर बनाने की जरूरत है, ताकि जबकि हमारे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
 
बिल्कुल, भाई! अगर तुमारी तबीयत खराब होने के बाद पास में दवा नहीं है तो तुरंत TTE, गार्ड या ऑन-बोर्ड स्टाफ से संपर्क करें। वे तुम्हारी मदद करने के लिए तैयार होंगे। और अगर तुम्हें डिहाइड्रेशन की समस्या हो रही है तो पानी या ORS पीने की कोशिश कर। जल्द से जल्द 139 पर कॉल करके मेडिकल इमरजेंसी की जानकारी दें। यह बहुत जरूरी है, भाई। समय पर सही कदम उठाने से तुम्हारी स्थिति बिगड़ने नहीं देनी चाहिए, बस मदद लेने का मौका देना चाहिए।
 
बिल्कुल, ये बात तो समझ में आती है - अगर ट्रेन में तबीयत खराब होने की समस्या आती है तो तुरंत हमें कदम उठाना चाहिए। अगर पास में कोई दवाई है तो उसका इस्तेमाल कर लें। अगर नहीं है तो ट्रेन या स्टेशन के स्टाफ को बताएं और उनसे दवा की व्यवस्था करवाने दें। meanwhile पानी पीने दें ताकि डिहाइड्रेशन ना हो। 139 पर बुलाने से जरूरत पड़े तो डॉक्टर आ जायेंगे। गंभीर में ट्रेन इमरजेंसी स्टॉप कर सकते हैं। अगर समय पर सही कदम उठाएं तो स्थिति को और खराब ना करना। 🚫😬
 
मुझे लगता है कि ये सब बहुत गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। ट्रेन में तबीयत खराब होने पर तुरंत कदम उठाना चाहिए, लेकिन फिर भी क्यों इतनी बाड़बूझ प्रतीत होती है? अगर पास में दवा हो तो तुरंत लें, लेकिन क्या हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत नहीं है कि वह दवा वास्तव में अच्छी है? और अगर न हो तो TTE, गार्ड या ऑन-बोर्ड स्टाफ को बताएं... लेकिन फिर भी, हमें यह नहीं सोचने देना चाहिए कि हम वास्तव में जानते हैं कि वह दवा कितनी अच्छी है? और पानी या ORS पीने के बारे में, क्या हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि पानी हमेशा साफ नहीं होता है? Time पर सही कदम उठाने से स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है, लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि हमें थोड़ी और सावधानी बरतनी चाहिए।
 
अरे, यह तो बस एक बच्ची की मुसीबत निकाल लेने की बात है... ट्रेन में बीमार होने पर पहले तो क्या करना चाहिए? देखो तो अगर पास में दवा होती तो शायद ऐसी स्थिति उत्पन्न न होती। लेकिन फिर भी, ऐसा होने पर तुरंत तीनों कदम उठाए जाने चाहिए।

जी हाँ, बात बोल रहे हैं अगर पास में दवा नहीं हो तो TTE या गार्ड को बताकर उनकी मदद लेनी चाहिए। और फिर वे फर्स्ट-एड-किट से दवा की व्यवस्था करें। इस बीच, पानी या ORS पीना भी जरूरी है ताकि डिहाइड्रेशन न हो। अगर जरूरत पड़े तो 139 पर कॉल करके मेडिकल इमरजेंसी की सूचना देनी चाहिए।

लेकिन, यह तो बस एक सवाल है... क्यों हमारे ट्रेन में इतनी बीमारियां होती हैं? शायद अगर नियमित रूप से चेकअप करवाया जाए तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जा सकती।
 
अगर ये जानकारी ट्रेन में पास है तो फिर भी लोग खुद को खतरे में डालने की दुनिया में खेल रहे हैं... क्योंकि बीमारी से पहले ही दवाई लेना चाहिए और अगर पानी नहीं पाया तो ORS लेना भी फायदेमंद होगा। लेकिन जब तक तुरंत कदम उठाए नहीं जाते तो यहाँ तक कि हल्की बीमारी से भी गंभीरता बढ़ जाती है। और फिर ट्रेन में डॉक्टर की व्यवस्था करना? यह बहुत बड़ा समय लेगा। मुझे लगता है कि सबको खुद की तैयारी करनी चाहिए।
 
ਇਹ ਬਹੁਤ ਸੌਖਾ ਵੀਡੀਓ ਹੈ, "ਕੰਮ" ਦੇ ਘੱਟ-ਗੁੱਝ ਜ਼ਿਆਦਾ ਭਲਪੂਰਣ। ਸੋਚ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵੀ, ਕਈ ਵਾਰ ਮੇਰੇ ਦੁਖੀ ਗਰੱਹ ਭੈੜ੍ਹ ਪਿਛਲੇ ਤੋਂ ਅਸੀਂ ਨਹੀਂ ਕੀਤੇ, ਉਦਾਹਰਣ ਵਜੋਂ ਮੁਆਸ਼ਰਫ ਪ੍ਰੋਪਲਸ ਕਿਸੇ ਭੀ ਖਾਤਰ ਕਰਨ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੈ।
 
त्रेन में तबीयत खराब होने का यह मामला बहुत बड़ा हो रहा है 🚂। आपने देखा होगा कि पिछले 6 महीनों में ट्रेनों में मेडिकल आईएमपी की संख्या 25% तक कम हो गई है। यह बात तो सोचकर चिंताजनक है कि अगर तबीयत खराब होने पर हमारी पहल नहीं करते तो... 🤯

लेकिन फिर भी, समय पर सही कदम उठाने से ही इस तरह की समस्याओं को रोका जा सकता है। आपने देखा होगा कि अगर पास में दवा है तो तुरंत लेना चाहिए, और अगर नहीं है तो तुरंत TTE या गार्ड से बात करनी चाहिए। और जरूरत पड़ने पर 139 पर कॉल करें... 📞

आजकल ट्रेनों में कितनी भी अच्छी सुविधाएं हैं, लेकिन मेडिकल सेवाओं में कमी बहुत बड़ी है। इसे तुरंत ठीक करना चाहिए, न कि अगले 6 महीनों में। 👍
 
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