विराट कोहली की खूबसूरती को देखकर मुझे लगने लगा कि वह एक पिकल जूस की बोतल से भर गया हुआ है । लेकिन अगर वास्तविकता तो यही है तो इसका मतलब यह है कि उसके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बहुत कम थे।
पिकल जूस शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स को बढ़ाता है, यह बिल्कुल सही है। लेकिन इसे जरूरत पड़ने पर ही लेना चाहिए। अगर सिर्फ बाजार वाला पिकल जूस खाते हैं तो इसके फायदे कुछ नहीं होंगे।
और ज्यादा एसिडिक तत्व वाला पिकल जूस लेने से बचना चाहिए। इससे शरीर पर नुकसान हो सकता है। अगर डॉक्टर की सलाह मिलती है तो ही इसे लेना चाहिए।
पिकल जूस की बात कर रहे हैं तो यह तो बहुत ही फायदेमंद है! शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बढ़ाने में मदद करता है, तो खासकर गामिनेट और पोटेशियम से भरपूर जूस की बात कर रहे हैं तो यह तो बहुत अच्छा है!
लेकिन जरूरत पड़ने पर लेना चाहिए, नहीं तो इससे इलेक्ट्रोलाइट्स बढ़ सकते हैं और शरीर में संतुलन भी बदल सकता है...
मुझे लगता है कि युवाओं को बहुत सारी गलतियाँ करने का मौका दिया जाता है। विराट कोहली जैसे खिलाड़ी भी बीच मैच में पिकल जूस पीते हैं, लेकिन क्या वे इसके पीछे के तर्क से नहीं तो बहुत हानिकारक है...
मुझे लगता है कि विराट कोहली ने बीच मैच खेलते समय पिकल जूस पिया, तो उसके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का स्तर बढ़ गया होगा। लेकिन इसके फायदे भी हैं, जैसे कि हमारा शरीर इसे पीने से अधिक तरल पदार्थ बनाता है।
मैंने अपने दोस्त से पूछा था कि क्या पिकल जूस खाने से बीमारियाँ आती हैं, लेकिन वह मुझे बताया कि अगर हम इसे सही तरीके से लेते हैं तो यह हमारे लिए फायदेमंद है।
मेरी माँ कहती है कि पिकल जूस में बहुत सोडियम और एसिडिक तत्व होता है, इसलिए अगर हम इसे अधिक नहीं पीते हैं तो यह हमारे लिए अच्छा होगा।
मुझे लगता है कि अगर हम पिकल जूस को बाजार से खरीदते हैं तो इसकी गुणवत्ता बहुत कमजोर होती है, इसलिए हमें जरूरत पड़ने पर ही इसे लेना चाहिए।
मुझे लगता है कि अगर हम पिकल जूस को सही तरीके से लेते हैं और इसके फायदों को समझते हैं तो यह हमारे लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।
बिल्कुल सही, पिकल जूस का उपयोग करते समय हमें अपनी सेहत को ध्यान में रखना चाहिए। इसके अलावा, विराट कोहली जैसे खिलाड़ी अक्सर अपनी शर्तों को समझने में सक्षम होते हैं। पिकल जूस एक अच्छा तरीका नहीं है फ्लड्स से बचने का।
हमें इसकी आवश्यकता और उपयोग पर ध्यान देना चाहिए। पीलों को खिलाड़ियों के लिए विशेष खाद्य पदार्थों की आवश्यकता होती है जिससे उनके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बढ़ें।
कुछ लोगों को पिकल जूस नहीं पीना चाहिए, इसलिए इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
कोई तो नहीं जानता था कि पिकल जूस इतना फायदेमंद है । अगर विराट कोहली भी इसका फायदा उठा रहे हैं तो जरूर अच्छा होगा। लेकिन मुझे लगता है कि पिकल जूस का उपयोग करने से पहले थोड़ा सोच लेना चाहिए। अगर हमारा शरीर वास्तव में जरूरतमंद है तो यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन बाजार में उपलब्ध पikal जूस की गुणवत्ता और उपयोग करने से पहले सोच लेना चाहिए।
विराट कोहली ने बीच मैच पिया पिकल जूस, तो फैब है , मुझे लगता है कि यह खिलाड़ियों के लिए बहुत उपयोगी हो सकता है, विशेष रूप से, जब वे अचानक दूर-दूर से व्यायाम कर रहे होते हैं। मैंने अपने दोस्त को भी कभी-कभार पिकल जूस दिया है और उसने तुरंत ऊर्जा महसूस की। लेकिन, जरूरत पड़ने पर सावधानी बरतनी चाहिए। मेरे दोस्त की बहन डॉक्टर हैं और उन्होंने बताया है कि पिकल जूस में बहुत अधिक एसिड होता है, इसलिए इसका सेवन करने से पहले खासकर किसी भी तरह की समस्या न होनी चाहिए।
अरे, खेल खत्म होने के बाद खिलाड़ियों को देखकर मुझे हंसी आ गई। विराट कोहली जूस पिया पिकल था, लेकिन सवाल यह था कि क्या इससे उनके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बढ़ेगे।
मेरी माने तो जब भी आप थक जाते हैं और आपके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स कम होते हैं, तो ऐसे दही, पेय या अन्य चीजें लेना एक अच्छा विचार है। लेकिन यह जरूरी नहीं कि हमारे बाजार में मौजूद पिकल जूसों से कुछ फायदा होगा।
कुछ डाइटीशियन्स की बात करें, तो हमें देखकर हैरानी हुई। उन्होंने कहा कि जब भी जरूरत पड़े तो लें। लेकिन अगर मैं सही समझ गया, तो ये खासतौर पर उन लोगों के लिए है जिनके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स कम। बाकी लोगों के लिए, नियमित रूप से पानी और अन्य स्वस्थ चीजें खाते रहना बेहतर है।
क्या ये प्लेटफ़ॉर्म पर भी शराब खाने के बाद जूस पीने की टिप्स देता है? तो हमें पहले स्टॉक ऑल या लाइव मैच देखने के बजाय प्लेटफ़ॉर्म से ज्यादा शिक्षा मिलेगी।
विराट कोहली को पीकल जूस पीने की क्यों की यह तो हमेशा सुनकर आया है, लेकिन मुझे लगता है कि विराट कोहली को पीकल जूस पीने के बाद शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बढ़ जाते हैं तो फिर भी बहुत सारे खिलाड़ी इसे नहीं लेते।
मुझे लगता है कि बाजार वाले पीकल जूस में इलेक्ट्रोलाइट्स कम होते हैं। इसलिए अगर जरूरत पड़ने पर लेना चाहते हैं तो उनकी जांच कर लें। और विराट कोहली को पीकल जूस पीने से शरीर में कोई असर नहीं पड़ेगा।
शायद हमें अपने खिलाड़ियों को इस बारे में और भी अधिक शिक्षित करना चाहिए।
पिकल जूस के बारे में सुनकर तो मैं बहुत याद आ गया तब जब खालिद को पिकल जूस पीने की समस्या थी। उसकी कहानी बहुत प्रेरणादायक है। लेकिन इस बात की चिंता करनी चाहिए कि पिकल जूस में सोडियम और एसिडिक तत्व अधिक मात्रा में होते हैं, इसलिए इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए।
पिकल जूस खाने से शरीर को तनाव कम होता है , यही इसके कई फायदे हैं। लेकिन अगर बाजार में उपलब्ध पिकल जूस में बहुत सोडियम और एसिडिक तत्व है, तो इससे दिल और पाचन तंत्र पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए, जरूरत पड़ने पर ही लेना चाहिए और सही मात्रा में खाना चाहिए।
मैंने पढ़ा विराट कोहली ने बीच मैच खेलते समय पिया था। तो यह जानकर मुझे आश्चर्य हुआ कि उसे पिकल जूस पीना पड़ा। लेकिन सोचते हुए कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बढ़ाने में इसकी मदद कर सकता है, तो फिर भी यह अच्छा है?
मैंने देखा कि डॉ पूनम तिवारी जैसी विशेषज्ञ लोग कहती हैं कि जरूरत पड़ने पर ही लेना चाहिए। और बाजार में आसानी से उपलब्ध पिकल जूस में सोडियम और एसिडिक तत्व अधिक होते हैं। तो कुछ लोगों को इसे नहीं पीना चाहिए, यह तो समझने का मौका देता है।
मुझे लगता है कि विराट कोहली ने कुछ अच्छी सलाह दी है खाने के बाद पिया जूस को । लेकिन मैंने कभी नहीं सुना था कि ये कैसे काम करता है । शायद शरीर को इलेक्ट्रोलाइट्स बढ़ाने में मदद कर सकता है फिर भी जरूरी है कि इसे सही तरीके से पीना चाहिए । मेरी दादी ने हमेशा बताया था कि खाने के बाद पानी पीना सबसे अच्छा होता है । लेकिन फिर भी अगर जरूरत पड़ तो पिकल जूस में सुधार करने की कोशिश कर सकते हैं ।
भविष्य में खेलों के दौरान खिलाड़ियों को इलेक्ट्रोलाइट्स को बढ़ाने के लिए पिकल जूस का उपयोग करने से पहले उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके शरीर में पर्याप्त पानी है।
मेरा विचार है कि पिकल जूस को जरूरत पड़ने पर ही लेना चाहिए, नहीं तो इससे शरीर में एसिडिटी आ सकती है।
उपयोग करने से पहले यह पता लगाना जरूरी है कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स कितने कम हैं।
बाजार में उपलब्ध पिकल जूस को लेने से पहले इसकी गुणवत्ता और सामग्री की जांच करना चाहिए।
विराट कोहली ने बीच मैच पिया पिकल जूस, अब वह देखेंगे कि यह उनके शरीर को कैसे मदद करेगा।
मुझे लगता है कि विराट कोहली बहुत ही स्वस्थ दिख रहे हैं! पिकल जूस तो यह देखने को मज़ा आ गया है।
मेरे अनुभव से पता चलता है कि जब मैं बच्चों को खिलौनों की दुकान में ले जाता हूँ, उनके साथ बाजार वाले पिकल जूस की दुकान के सामने खड़ा होने लगते हैं। यह देखना बहुत मजेदार होता है कि बच्चे तुरंत पूछने लगते हैं कि हम उसमें खिलौने ला सकते हैं या नहीं।
लेकिन मेरी चिंता यह है कि बाजार वाले पिकल जूस को बहुत सीमित मात्रा में और जरूरत पड़ने पर ही लेना चाहिए। यह खासकर गर्मियों में निगलने में आसान नहीं होता।
मुझे लगता है कि युवा खिलाड़ी जैसे विराट कोहली स्वस्थ रहने के लिए अच्छी देखभाल करते हैं और स्वस्थ आहार लेते हैं।
अरे, यह बिल्कुल सच है! पिकल जूस को लेकर बहुत सारे फायदे और नुकसान हैं। मैंने भी अपने दोस्तों के साथ एक मैच खेला था और हमें पिकल जूस खिलाया गया था। तो क्या यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स को बढ़ाता है? शायद, लेकिन इसके बारे में बहुत सारी जानकारी नहीं है।
मेरे दोस्त ने मुझसे पूछा था कि क्या यह खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, तो मैंने कहा कि जरूर, लेकिन इसकी सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि इसमें सोडियम और एसिडिक तत्व ज्यादा होते हैं, इसलिए कुछ लोगों को इसे नहीं पीना चाहिए।
मैंने सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी से बात की थी, और वे कह रही थी कि पिकल जूस को जरूरत पड़ने पर ही लेना चाहिए। इसलिए, अगर आप भी पिकल जूस पीने की योजना बना रहे हैं, तो इसके लिए सावधानी बरतनी चाहिए।
भाई, विराट कोहली ने खेल के दौरान ऐसा कर दिया कि अब हर कोई पिकल जूस पीने लग रहा है! मुझे लगता है कि पिकल जूस तो शरीर को इलेक्ट्रोलाइट्स से भरने में मदद करता है, लेकिन ऐसा नियमित रूप से नहीं करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ही इसका सहारा लेना चाहिए।
बाजार में तो पिकल जूस बहुत आसानी से उपलब्ध होता है, लेकिन कुछ लोगों को यह ज्यादा एसिडिक लगता है इसलिए इसे नियमित रूप से नहीं करना चाहिए। डॉक्टर बताते हैं कि इसके कई फायदे भी हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर ही इसका सहारा लेना चाहिए।
मुझे लगता है कि खिलाड़ियों को स्वास्थ्य पर ध्यान रखना बहुत जरूरी है, खासकर जब वे ऐसे खेल में शामिल होते हैं जहां उनका शरीर सबसे ज्यादा चोटिल होता है।