कांग्रेस बोली-ट्रम्प का 71वीं बार भारत-PAK युद्ध रुकवाने का दावा: कहा- PM मोदी के दोस्त ने दो दिन में तीन बार खुद को क्रेडिट दिया

कांग्रेस ने डोनाल्ड ट्रम्प के 71वें दावे पर मजाक किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वह हाल में सैन्य तनाव को रोकने में मदद कर रहे थे।

ट्रम्प ने बुधवार को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध को रुकवाया था। यह ट्रम्प का 71वां दावा है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रम्प के बयान का वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा है, "कल तक गिनती 70 थी और आज यह 71 हो गई है। यह याद रखना चाहिए कि दावोस में भारत का एक बड़ा भारतीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद है।"
 
🤔 तो यह बातें डोनाल्ड ट्रम्प की है तो और हमें नहीं माननी चाहिए... लेकिन फिर भी ये कैसे सुनाई देता है कि वह ज्यादा ही पागल है। 71वां दावा करने वाला यह कौन है? 🤷‍♂️

अरे ये तो इतनी बातें करके भी देश की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं कर पाता... और हमारे देश में ऐसे लोगों को पद पर रहने का हक दिया जाता है? 🙅‍♂️

लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि यह बहुत ही रोचक है। क्योंकि यह तो हमें सोचने पर मजबूर करता है कि सच्चाई क्या है? 🤔
 
नरम दिल वालों के लिए यह बहुत ही चिंताजनक है कि डोनाल्ड ट्रम्प फिर से ऐसा दावा कर रहे हैं जो उनकी पूरी भूतिया कहानी को दर्शाता है। अगर वास्तव में वह हाल ही में किसी सैन्य तनाव को रोकने में मदद कर रहे थे, तो फिर ये देशों के बीच तनाव कम करने के लिए क्या किया गया था? यह तो बस उनकी झूठी कहानी है। 🙄 और वह दावोस में भारत का प्रतिनिधिमंडल मौजूद होने की बात, तो वास्तव में यह एक बड़ा सवाल है कि क्या वे सच्चाई को सुनने के लिए तैयार थे या नहीं। 😐
 
ये मजाक है तो नहीं लेकिन ट्रम्प जी के इस दावे पर कांग्रेस ने मजाक उड़ाने का बिल्कुल सही समय चुना है 🤣, ट्रम्प जी को लगता है कि वे सैन्य तनाव को रोकने में मदद कर रहे थे तो बिल्कुल ऐसा नहीं है, लेकिन मजाकिया है कि उन्होंने पहले भी 70 बार ऐसा दावा किया होगा 🤦‍♂️, इस बात पर विश्वास कैसे करें?
 
अरे, ट्रम्प के दावों से तो फटा नहीं जायेगा, लेकिन यह तो बहुत ही अजीब है कि वो हर बार ऐसा ही कह रहे हैं। पहले से भारत-पाकिस्तान युद्ध को रोकने में मदद किया था, फिर से यह दावा कर रहे हैं। और अब सैन्य तनाव को रोकने में मदद करने का दावा कर रहे हैं। यह तो जादू नहीं है, लेकिन जादू की तरह लगता है।
 
बोले ट्रम्प, बोले राम, तो अबकी बार 71वां दावा कर दिया, अरे ये कितनी गज़लें 🤣। पहले था यहाँ से निकला, फिर वहाँ गया, फिर यहाँ आया। ऐसे लोगों को देश की समस्याओं में मदद करने का मौका मिल, तो फिर क्यों नहीं? 🤔
 
डोनाल्ड ट्रम्प के इस बारे में जी तो कहना है 🤣, पहले से 70 दावे करने वाले लोग कौन हैं जो सच्चाई बताने के लिए तैयार हैं? 🙄
 
Trump ki baatein toh sirf dhang hai, yeh bhi logon ko aakarshit karti hain. Lekin sachchai se jude rahna to usse zyada important hai. Maine dekha ki Trump ki soch toh galat ho sakti hai, aur kyonki wo khudko Pakistan ka sabse badhawana dushman mana rahe hain? Yeh jaan bhi zaroori hai ki wo bina kisi proof ke yah darava kar raha hai. Maine dekha ki ye logon ko aakarshit karte hain, lekin sachchai se jude rahna to usse zyada zaroori hai.
 
ये तो ट्रम्प की बातें हैं... उनकी बातों से क्या अच्छा होता है? वो लोग अक्सर क्या गिनती कर रहे हैं? सबसे बड़ा सवाल यह है कि दावोस में भारत का प्रतिनिधिमंडल तो वहाँ कौन है और क्या वे उनकी बातों पर सहमत हैं? 🤔

मुझे लगता है कि ट्रम्प के इस दावे से भारत की छवि खराब हो रही है। हमें यह अच्छा नहीं करना चाहिए कि हम उनकी बातों पर तैयार हो जाएं। 🚫

किसी भी तरह से तो यह दावा राजनीतिक है और हमें इसके पीछे कुछ सच्चाई ढूंढनी चाहिए। 📰
 
यह तो ट्रम्प के दावों की गिनती बढ़ गई है 🤣, लेकिन वास्तविकता याद रखनी चाहिए कि उनके दावे से कुछ भी नहीं होता । पहले क्या हुआ था उस पर बात करनी चाहिए न कि उन्हें रोकने में मदद 🤦‍♂️
 
ट्रम्प जी के दावों पर कांग्रेस ने मजाक में कहा है लेकिन यह तो समझना चाहिए कि ट्रम्प जी अक्सर गलतियों से भरे दावे करते रहते हैं और उनके द्वारा की गई हर गाली-गलौज पर भारतीय नागरिकों को ध्यान नहीं देते। लेकिन यह एक अच्छा मौका है कि हमें अपने राजनीतिज्ञों को ट्रम्प जी के दावों से अवगत कराना चाहिए ताकि वे बोलते समय सच्चाई को ध्यान में रख सकें।
 
अरे बेटा, यह ट्रम्प का दावा तो और दावा सुनकर तेजी से बढ़ जाता है 🤣। पहले था कि वह नेपाल में भारतीय सेना की मदद कर रहे थे, फिर था कि वह चीन के साथ बातचीत कर रहे थे। अब यह दावा कि वह पाकिस्तान को रोकने में मदद कर रहे हैं? और भारत-पाकिस्तान युद्ध को रुकवाने का दावा तो पहले से ही झूठ था 😂

मुझे लगता है कि यह देश की आर्थिक और राजनीतिक स्थितियों को समझने में मदद नहीं करता, बस एक ऐसा आदमी के लिए मजाक बनता है। हमें अपने नेताओं को उनके कार्यों पर ध्यान देना चाहिए, न कि उनके झूठे बयानों पर 💡
 
मैंने पढ़ा की डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर से दावा किया है कि उन्होंने सैन्य तनाव को रोकने में मदद कर रहे थे। लेकिन यह बात तो पहले भी कह चुके थे, और इस बार कुछ नया नहीं है। मैं सोचता हूं कि ये दावे करना उनके लिए एक मुश्किल है, और फिर भी वे करते रहते जाएंगे। मुझे लगता है कि उन्हें यह समझना चाहिए कि बोलने से जरूरी बात निकलती ही नहीं है।
 
अरे ये तो ट्रम्प की चाल है 🤑, पहले उन्होंने कहा था कि जो सैन्य अधिकारी उनके साथ फ्लाइट में थे, वह उनकी हत्या कर देंगे। अब यह दावा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध को रोकाया। लेकिन हमेशा तय होता है कि कौन सा देश पूरा करता है, कोई झूठ बोलता है और कोई खिलाता है। 🙄
 
अरे, यह तो बहुत ही मजेदार है कि ट्रम्प अभी फिर से अपने दावों की गिनती बढ़ा रहे हैं 🤣। उनके बोल बड़े ही जोश में हैं लेकिन क्या वास्तविकता तय करेगी? भारत-पाकिस्तान युद्ध को रुकवाने का दावा करना थोड़ा बड़ा दावा है और अगर सच है तो यह एक बहुत बड़ी बात होगी। लेकिन चिंताजनक है कि क्या वास्तव में ऐसा हुआ है या फिर उनकी कल्पना से आगे बढ़ गया है? हमें इस पर और जानने की जरूरत है।
 
मुझे लगता है कि डोनाल्ड ट्रम्प की बातें सुनकर मुझे कभी नहीं पता चलता कि वह कौन से देशों में ऐसे गड़बड़ क्या कर रहे हैं। पहले तो उन्होंने कहा था कि उन्होंने अमेरिका को भारत से बचाया, फिर लाख कोशिशें करके कुछ नहीं बनाने के बाद उन्होंने कहा कि वह हाल में भारत-पाकिस्तान युद्ध को रुकवाने में मदद कर रहे थे। इसकी तारीफ करने का क्या मकसद है? और यह सच है कि डोनाल्ड ट्रम्प ने ऐसा कुछ नहीं किया है। 🤔👎
 
😒 दावे कर रहे ट्रम्प की गिनती 71 से ज्यादा होने पर कांग्रेस ने मजाक नहीं उड़ाया, बल्कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान को साझा किया। यह तो एक अच्छी बात है कि ट्रम्प की असहमति व्यक्त करने के लिए कांग्रेस ने जागरूकता फैलाने का तरीका ढूंढ लिया है।
 
मैंने देखा है ट्रम्प के बहुत सारे दावे हो रहे हैं, लेकिन यह तो सच नहीं है कि वे सैन्य तनाव को रोक रहे थे। मुझे लगता है कि ये सब एक बड़ा मजाक है, और हमें अपनी खुशी में नहीं आना चाहिए। दावोस में भारत का प्रतिनिधिमंडल वहां क्या कर रहा था, यह जानने की जरूरत है।
 
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