‘कांग्रेस ने बदला असम, मोदी कर रहे हैं काउंटर अटैक’, असम में अमित शाह ने किया बड़ा दावा

असम में भारी जनसांख्यिकीय परिवर्तन, कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया गया है: अमित शाह

असम में शासन के दौरान घुसपैठियों की आबादी पूरी तरह से बदल गई। उनकी संख्या 64 लाख हो गई, जिसमें सात जिलों में वे बहुसंख्यक बन गए।

कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया गया है कि वे असम की जनसांख्यिकी को बदलने के लिए काम कर रहे थे। अमित शाह ने बताया, "असम में घुसपैठियों की आबादी 2009 से लगभग 64 लाख हो गई। इस प्रकार असम की जनसांख्यिकी पूरी तरह से बदल गई और यह एक नए असम बन गया।"

कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया गया है कि वे असम में घुसपैठियों को बढ़ावा देने और उनकी आबादी बढ़ाने के लिए काम कर रहे थे। अमित शाह ने बताया, "कांग्रेस शासन के दौरान असम में घुसपैठियों की संख्या 2009 में लगभग एक लाख हो गई थी। इस प्रकार वे अधिकांश जिलों में बहुसंख्यक बन गए और उनकी आबादी बढ़ाई गई।"

असम में कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया गया है कि वे असम की जनसांख्यिकी को बदलने के लिए काम कर रहे थे। अमित शाह ने बताया, "कांग्रेस नेताओं ने असम में घुसपैठियों को बढ़ावा देने और उनकी आबादी बढ़ाने के लिए काम किया। इस प्रकार वे अधिकांश जिलों में बहुसंख्यक बन गए और उनकी आबादी बढ़ाई गई।"

असम में शासन के दौरान घुसपैठियों की आबादी पूरी तरह से बदल गई। उनकी संख्या 64 लाख हो गई, जिसमें सात जिलों में वे बहुसंख्यक बन गए।
 
भारतीय राजनीति की ऐसी गहराई को समझने के लिए हमेशा प्रयास करते रहते हूँ। असम में घुसपैठियों की आबादी में इतनी बड़ा बदलाव, यह सुनकर आश्चर्यजनक है... 🤔

मेरी राय में, यह बदलाव कई कारणों से हो सकता है, जैसे कि आर्थिक गतिविधियाँ, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ आदि। लेकिन इतने बड़े परिवर्तन में भी हमें यह पूछना चाहिए कि किसने इसे सोचकर काम करना शुरू किया और इसके नतीजे कैसे हो सकते हैं। 🤝

असम की जनसांख्यिकी में इतनी बड़ा बदलाव देखने पर लगता है कि यहाँ की सरकार ने अपने नागरिकों के साथ सहयोग करके या उनके बिना इस बदलाव को लाने का प्रयास किया है। लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि असम में घुसपैठियों की आबादी बढ़ने से यहाँ के स्थायी निवासियों को कैसे प्रभावित होगा। 🤝

इन सवालों के उत्तर ढूंढने के लिए हमें असम में घुसपैठियों की आबादी बढ़ने के पर्यावरण और इसके निम्नलिखित पर प्रभाव के बारे में अधिक जानकारी चाहिए।
 
बहुत बड़ा सवाल उठता है यह कि असम की जनसांख्यिकी बदलने के लिए कैसे काम किया गया? मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ा आरोप है, परंतु अगर सच है तो यह बहुत बड़ा जोखिम भी है। हमें यह नहीं देखना चाहिए कि कांग्रेस नेताओं ने असम में घुसपैठियों को बढ़ावा देने के लिए काम किया।

🤔
 
अरे, यह तो बड़ा गड़बड़ है! असम की जनसांख्यिकी में इतनी बड़ी बदलाव कैसे हुआ? 2009 से अब तक, घुसपैठियों की आबादी लगभग 64 लाख हो गई। यह तो बहुत तेजी से है। और क्या ये सच है कि कांग्रेस नेताओं ने इसे बदलने के लिए काम किया? मुझे लगता है नहीं 🤔

मेरे अनुसार, यह बात बहुत अजीब है। असम की जनसांख्यिकी में इतनी बड़ी बदलाव कैसे हुआ? हमें पता होना चाहिए कि 2009 से अब तक कितने लोग देश छोड़कर आए हैं और नए जिलों में बस गए हैं। और क्या ये तो कांग्रेस नेताओं की व्यक्तिगत राजनीति है? 🤑

मुझे लगता है कि हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि असम की जनसांख्यिकी में इतनी बड़ी बदलाव कैसे हुआ? और क्या ये सच है कि कांग्रेस नेताओं ने इसे बदलने के लिए काम किया? हमें अपने खुद को जानने की जरूरत है, नहीं तो हम किसी भी बात का खुलासा कर देंगे। 💡
 
असम में जनसांख्यिकीय परिवर्तन बहुत बड़ा हुआ है 🤯, लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या यह बदलाव अच्छा है? असम में घुसपैठियों की आबादी बढ़ने से वहाँ की संस्कृति और समाज में कैसे परिवर्तन आएगा? हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन भी होते हैं 🤑

कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया गया है कि वे असम की जनसांख्यिकी को बदलने के लिए काम कर रहे थे, लेकिन हमें यह नहीं जानने देना चाहिए कि उनके पास ऐसा कोई सिद्ध प्रमाण है 🤔। असम में जनसांख्यिकीय परिवर्तन एक बड़ा मुद्दा है, लेकिन हमें इसके पीछे की वजह को समझना भी चाहिए।

हमें यह सवाल उठाना चाहिए कि असम में घुसपैठियों की आबादी बढ़ने से उसका समाज और संस्कृति कैसे प्रभावित होगा? हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन एक बड़ा मुद्दा है, लेकिन इसके पीछे की वजह भी बहुत महत्वपूर्ण है 💡
 
Wow 🤔📊 असम में जनसांख्यिकी में बड़ा परिवर्तन देखकर यह बात लगती है कि शासन के दौरान लोगों की संख्या बढ़ गई है। क्या यह बदलाव पूरे देश में होने वाला ही है? 😕
 
अरे, यह बात भी सही हो सकती है कि असम में जनसांख्यिकी में बदलाव हुआ है। लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि यह बदलाव कितना बड़ा है, इसका कुछ भी मतलब नहीं है। हमारे देश में बहुत सारे बदलाव होते रहते हैं और लोगों की संख्या भी बदलती रहती है।

लेकिन यह जरूरी है कि हम इस बात पर ध्यान दें कि कैसे जनसांख्यिकी में बदलाव हुआ है, इसका क्या कारण था। और क्या इससे असम के लोगों को कोई नुकसान पहुंचा है। हमें यह भी जानना चाहिए कि असम की जनसांख्यिकी में बदलाव से कैसे लोकतंत्र को प्रभावित हो सकता है।

मुझे लगता है कि हमें इस बात पर विचार करना चाहिए कि हमारे देश में जनसांख्यिकी में बदलाव कैसे होता है, और इसके पीछे कौन से कारण हैं। और फिर हम यह समझने की कोशिश करें कि हमारा लोकतंत्र इस तरह के बदलावों से कैसे निपटता है।
 
नहीं, यह तो बहुत बड़ा बदलाव है। असम की जनसांख्यिकी में इतना परिवर्तन आ गया है कि अब वहाँ किस तरह की संस्कृति और जीवनशैली है, यह देखने के लिए हमें एक-दूसरे को तालमेल देना चाहिए। शायद कुछ लोगों ने अपने जीवन को असली बनाने के लिए इस बदलाव में भाग लिया हो। हमें एक साथ खड़े होकर समस्याओं का समाधान खोजना चाहिए, न कि एक-दूसरे को दूर करना। 🙏💕
 
तो यार फिर भी अर्थ नहीं पता कि कैसे जनगणना का रिसेक्ट करने का बाजी चढ़ाई कर लेते हैं? 🤔 64 लाख तो वाकई बहुत बड़ी संख्या है! मुझे लगता है कि यह जानकारी थोड़ी भी जांच के बाद देखनी चाहिए, नहीं तो यह तो एक बड़ा मिसाल बन जाएगा।

कोई कह रहा है कि 2009 से लेकर अब तक असम की जनसंख्या लगभग 64 लाख बढ़ गई है। लेकिन मुझे लगता है कि इसके पीछे एक और कुछ भी हो सकता है, जैसे कि गैर-भारतीय आबादी की संख्या बढ़ने के कारण।

मुझे लगता है कि इस मामले में थोड़ा और जानकारी चाहिए, नहीं तो यह तो एक बड़ी धोखाधड़ी बन जाएगा।
 
😊 बीते समय में असम में जनसांख्यिकी पूरी तरह से बदल गई। यह तो हमेशा की तरह है जब नए शासन आने पर जाति, धर्म, और संस्कृति के आधार पर लोगों की संख्या बदलती रहती है। 😐 मैं सोचता हूँ कि असम में घुसपैठियों की आबादी बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि वहाँ के पुराने निवासी कमजोर हो गए। 🤝 उन्हें अपनी संस्कृति, भाषा, और परंपराओं को बनाए रखने का अधिकार है। 💪
 
🤣📊 मुझे लगता है कि असम में घुसपैठियों की आबादी बढ़ने का मतलब है कि वहां की संस्कृति और भाषा पर भारी प्रभाव पड़ रहा है 🤯🌎
 
ਕੀ ਇਹ ਚੰਗਾ ਵੀ ਸੀ? ਅसम ਦੀ ਜਨਸੰਖਿਆ ਪਰਿਵਰਤਨ ਲਈ ਅਸੀਂ ਇੱਕ ਬਾਰ੍ਹਵੀਂ ਦੌਰੇ ਵਜੋਂ ਇਹ ਨਿਯਮਤ ਪੁਛੀਏ। ਇਸ ਗੱਲ 'ਤੇ ਬਹੁਤ ਕੁਝ ਚਿੰਤਾ ਜ਼ਰੂਰ ਵਧੇਗੀ - ਭਾਈ, ਮਨੁੱਖ ਦੀ ਆਪਣੀ ਸੰਖਿਆ ਬਹੁਤ ਵੱਡੀ ਹੋ ਗਈ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਹਾਲ ਹੀ 'ਚ ਦਿੱਖਦੀ ਹੈ।
 
Wow 😮 2009 के बाद असम में घुसपैठियों की आबादी इतनी बढ़ गई है तो यह तो कुछ और है! 🤯 कांग्रेस नेताओं ने ऐसा क्यों किया, यह जानना चाहता हूं... 😔
 
"कोई भी इंसान अपना सही घर नहीं खोज सकता, लेकिन वह हमेशा अपने गृह को पाएंगा।"

मुझे लगता है कि असम में जनसांख्यिकीय परिवर्तन की बात करते समय, हमें सोचकर आगे बढ़ना चाहिए कि यह बदलाव कैसे लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है।
 
मैं समझती हूँ कि यह जानकारी असम में घुसपैठियों की बढ़ती आबादी पर आधारित है, जो कि एक बड़ी समस्या है। लेकिन मुझे लगता है कि हमें अधिक से अधिक इस विषय पर चर्चा करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि घुसपैठियों के आने के बाद भी असम के लोगों के अधिकार और सम्मान का ध्यान रखा जाए।

कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया गया है कि वे असम में घुसपैठियों को बढ़ावा देने और उनकी आबादी बढ़ाने के लिए काम कर रहे थे। लेकिन मुझे लगता है कि यह आरोप भी लगाने से पहले हमें यह जानना चाहिए कि घुसपैठियों को क्यों आ रहे हैं और उनके आने से असम के लोगों पर कौन सा प्रभाव पड़ेगा।

हमें यह भी समझना चाहिए कि असम में घुसपैठियों की बढ़ती आबादी से असम के लोगों को कहाँ पहुँचेगी। हमें यह जानना चाहिए कि सरकार और राजनीतिक दलों ने असम में घुसपैठियों के आने पर सुनिश्चित किया गया है या नहीं।

मुझे लगता है कि हमें इस विषय पर अधिक चर्चा करनी चाहिए और सरकार और राजनीतिक दलों से सवाल पूछने चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि असम के लोगों के अधिकार और सम्मान का ध्यान रखा जाए।
 
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