बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर ने बड़ा बयान दिया है, जिसे अब उनके समर्थकों ने उठाया है। हुमायूं कबीर, उत्तर प्रदेश के एक विधायक हैं, जिन्हें बाबरी मस्जिद के विरोध में उनकी राजनीतिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है।
हुमायूं कबीर ने कहा, “मुझे जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। कोई भी मुझे मरवा सकता है। लेकिन चाहे कुछ भी हो जाए, मैं मस्जिद बनाकर रहूंगा। अल्लाह सब देख रहा है।” यह बयान उनके खिलाफ लगाई गई धमकियों और आतंकवादी गतिविधियों से निपटने की उनकी तैयारी को दर्शाता है।
हुमायूं कबीर की इस घोषणा से उन्हें मुस्लिम समुदाय के खिलाफ धमकाने वालों और आतंकवादियों के लिए एक नया लक्ष्य बना दिया गया है। उनके समर्थकों ने यह बयान उठाया है कि उन्हें अपनी जिंदगी तक मुस्किलों से निपटने के लिए तैयार करना होगा।
हुमायूं कबीर की इस घोषणा पर विभिन्न राजनीतिक दलों और समाजिक संगठनों से प्रतिक्रिया आने लगी है। कुछ लोगों ने उनकी इस घोषणा को एक आतंकवादी गतिविधि के रूप में देखा, जबकि अन्य लोगों ने यह बयान उन्हें एक नेता के रूप में देखा।
हुमायूं कबीर की इस घोषणा से उत्तर प्रदेश में धार्मिक तनाव बढ़ गया है। मस्जिद बनाने के लिए चल रहे मुकदमे में भी वृद्धि हुई है, जिसमें कई व्यक्तियों और समूहों ने अपना समर्थन देने का प्रस्ताव रखा है।
इस मामले में कानून को लागू करने के लिए पुलिस और राज्य सरकार की जांच चल रही है। हुमायूं कबीर के समर्थकों ने कहा है कि उनके खिलाफ लगाई गई धमकियों में साक्ष्य नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी जिंदगी तक मुस्किलों से निपटने के लिए तैयार करना होगा।
हुमायूं कबीर ने कहा, “मुझे जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। कोई भी मुझे मरवा सकता है। लेकिन चाहे कुछ भी हो जाए, मैं मस्जिद बनाकर रहूंगा। अल्लाह सब देख रहा है।” यह बयान उनके खिलाफ लगाई गई धमकियों और आतंकवादी गतिविधियों से निपटने की उनकी तैयारी को दर्शाता है।
हुमायूं कबीर की इस घोषणा से उन्हें मुस्लिम समुदाय के खिलाफ धमकाने वालों और आतंकवादियों के लिए एक नया लक्ष्य बना दिया गया है। उनके समर्थकों ने यह बयान उठाया है कि उन्हें अपनी जिंदगी तक मुस्किलों से निपटने के लिए तैयार करना होगा।
हुमायूं कबीर की इस घोषणा पर विभिन्न राजनीतिक दलों और समाजिक संगठनों से प्रतिक्रिया आने लगी है। कुछ लोगों ने उनकी इस घोषणा को एक आतंकवादी गतिविधि के रूप में देखा, जबकि अन्य लोगों ने यह बयान उन्हें एक नेता के रूप में देखा।
हुमायूं कबीर की इस घोषणा से उत्तर प्रदेश में धार्मिक तनाव बढ़ गया है। मस्जिद बनाने के लिए चल रहे मुकदमे में भी वृद्धि हुई है, जिसमें कई व्यक्तियों और समूहों ने अपना समर्थन देने का प्रस्ताव रखा है।
इस मामले में कानून को लागू करने के लिए पुलिस और राज्य सरकार की जांच चल रही है। हुमायूं कबीर के समर्थकों ने कहा है कि उनके खिलाफ लगाई गई धमकियों में साक्ष्य नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी जिंदगी तक मुस्किलों से निपटने के लिए तैयार करना होगा।