कोलकाता में TMC-BJP समर्थकों में झड़प: BJP का आरोप- जनसभा का मंच फूंका; लाउडस्पीकर को लेकर हुआ विवाद

कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हो गई। यह घटना सारखेरबाजार में हुई, जहां विपक्षी दलों के समर्थकों के बीच झगड़ा हुआ।
शुरुआत में यह झगड़ा तेज आवाज में लाउडस्पीकर चलाने से शुरू हुआ। भाजपा का आरोप है कि TMC के कार्यकर्ताओं ने पार्टी के मंच पर आग लगा दी। इस मंच पर त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने बैठक की थी।
घटना के बाद आग बुझाने के लिए एक दमकल गाड़ी मौके पर भेजी गई। अधिकारी बताते हैं कि आग पर काबू पा लिया गया है और घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
इस घटना ने बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच तनाव बढ़ा दिया है।
 
कोलकाता में ऐसी घटनाएं कभी भी स्वीकार नहीं हो सकती 🤕। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों एक-दूसरे के खिलाफ बहुत लालची हो गए हैं। यह घटना बहुत ही अस्वीकार्य है, और सारखेरबाजार में ऐसा कराना बिल्कुल सही नहीं है। आग लगने की बात तो सच नहीं हो सकती है, लेकिन जो भी हुआ था, वाह्य और निंदनीय नहीं। इस तरह की घटनाएं कभी नहीं रहनी चाहिए 🚫
 
क्या ये सच नहीं है 🤯 सारखेरबाजार में तृनमूल और भाजपा के लोगों के बीच लड़ाई हुई? यह बहुत घटित हुआ, पूरी घटना सुनकर दिल दुख गया है 😔 पार्टियों के लोगों को इतना झगड़ा करना चाहिए तो खुद के घरों में ही कर लेते। TMC और भाजपा के समर्थकों के बीच लड़ाई में आग लग गई, यह बहुत ही खतरनाक है 🔥 पुलिस और दमकल सेवाओं ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की, फिर भी इतना खतरनाक होने की क्या बात? 🤔
 
कोलकाता में इस तरह की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं जहां सार्थकता और राजनीति का धाम हो जाता है 🤯। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपने समर्थकों की रक्षा करने के लिए मजबूर हैं। लेकिन यह समझना जरूरी है कि हमारे समाज में शांतिपूर्ण विचारों और चर्चाओं को बढ़ावा देना चाहिए। आग लगाने से कुछ नहीं हल होता है, इसके बजाय हमें एक-दूसरे की बात सुननी चाहिए और समझौते पर चलना चाहिए 🤝
 
अरे वाह, यह तो बहुत बड़ी घटना हुई। लेकिन फिर सोचते हैं कि इस तरह की चीजें तो हमेशा होती रहती हैं। पार्टी के समर्थक और उनके विपक्ष के द्वारा ऐसी बातें करना क्यों होता है? यह सिर्फ भ्रष्टाचार की समस्या नहीं है, बल्कि हमारे समाज में शिक्षा और जागरूकता की कमी ही।
 
जो जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है ... लोगों की पीठ पर आग लगाना खेद होगी तो यह कैसे संभव है ... शांति और एकता हमारे देश की सबसे बड़ी शक्ति है ...
 
कोलकाता में ऐसी हस्तक्षेपपूर्ण घटना सुनकर मुझे बहुत परेशानी हुई। यह तो एक सारखेरबाजार में भी ऐसा नहीं होना चाहिए, जहां लोग अपने मतभेदों को व्यक्त करने के लिए जुटते हैं। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के समर्थकों के बीच झड़प में दहशत की भावना पैदा हुई है। मुझे लगता है कि ऐसे झगड़ों को हमारे समाज के लिए बहुत हानिकारक माना जाता है, जहां लोग अपने मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त नहीं कर पाते। इसके अलावा, ऐसी घटनाओं को देखकर हमें यह भी सवाल उठना चाहिए कि तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के समर्थकों ने इससे पहले कभी कोई सामाजिक मुद्दा लेकर समाज में जुड़ाव बनाने की कोशिश नहीं की है।

😔
 
कोलकाता की यह घटना बहुत चिंताजनक है 🤕। जब स्कूल में कभी भी ऐसा होना नहीं आता, तो क्यों घर-घर में? मुझे लगता है कि शिक्षा से जुड़ी समस्याएं निकालकर हल करने की जरूरत है। हमारे देश में हर दिन ऐसी घटनाएं घटती रहती हैं और हम सबको सोच-समझकर आगे बढ़ने की जरूरत है 🤔
 
कोलकाता में ऐसी घटनाएं होने से तो सरकार को खुशी नहीं होगी, लेकिन इससे तृणमूल और भाजपा के समर्थकों को समझाना चाहिए कि दिल्ली से निकलने वाली निर्णय नहीं होते।
 
आज कल कोलकाता में ऐसे ही बहुत सारे झगड़े हो रहे हैं। यहाँ से लगने वाली हवा में गुस्सा भरने वाली आवाजें सुनाई देती हैं 🗣️। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच ऐसी झड़पें नहीं होनी चाहिए, लेकिन जब यह होती हैं तो लोगों को सावधान रहना चाहिए। इस तरह की घटनाएं सार्वजनिक स्थानों पर होने से बचना चाहिए, न कि इतनी विलक्षण जगहें चुनें। मुझे लगता है कि पुलिस तेजी से आग लगने के बाद मौके पर जाती है और घटना को रोक लेती है, फिर भी ऐसी कई घटनाएं होती रहती हैं 🚨
 
कोलकाता में यह घटना सोचने पर मजबूर कर रही है कि लोगों की पार्टी से जुड़ने के बाद क्या उम्मीदें हैं? TMC और BJP के समर्थकों के बीच झगड़ा तेज आवाज में लाउडस्पीकर चलाने से शुरू हुआ, लेकिन आग लगने की घटना को देखकर लगता है कि तारीफ करने वाले हाथों से आग लग जाती है।
 
बस कोलकाता में ऐसी बातें कभी होने नहीं चाहिए। पार्टी वालों को अपने मतभेद रखने की जगह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी राय व्यक्त करना चाहिए। लाउडस्पीकर चलाना और आग लगाना यह तो सबकुछ असहज बनाता है।
 
कल सारखेरबाजार में ऐसी हुई, जो खेद है 🤕। ऐसे सिर्फ झगड़े ना होना चाहिए, जहां लोगों को फाड़ने का मौका मिले। तृणमूल और भाजपा दोनों अपनी-अपनी बातें कहें, लेकिन इतना ज्यादा मतभेद न करें। संवाद करना सबसे अच्छा, झगड़े नहीं।
 
मैंने ये देखा था कि कोलकाता में सारखेरबाजार जैसी जगहों पर विपक्षी दलों के लोगों का झगड़ा होता है... तो फिर ये तो बिल्कुल सामान्य बात है, लेकिन तब तो मैंने सोचा था कि यहां कोई ऐसी घटना नहीं होती जिसमें आग लग जाए। लेकिन मुझे लगता है कि कोलकाता में ये तरह की बातें होना आम बात है। और फिर भी मुझे लगता है कि तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों को अपने लोगों को शांति से रखें, ना तो कोई आग लग जाए, ना कुछ और गलत हो।
 
क्या बात करे, तो यह सारखेरबाजार की बात करती है! ऐसा लगता है कि दोनों दलों के लोग एक-दूसरे पर थक्के लगाने में कुशल हो गए हैं।
तो आग लगने के बाद भी लोगों ने चिंता नहीं की, बल्कि आग को फैलाने वालों के खिलाफ ही मुकाबला किया। यह तो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, जैसे अगर सारखेरबाजार के खिलाड़ी अपने प्रतिद्वंद्वी से मैच में बिना लड़कर घर चले जाएंगे।
लेकिन फिर भी, तृणमूल और भाजपा दोनों ने आपस में लोहा लेने की सीट पकड़ी है। अब यह देखना रोचक रहेगा कि आग के इस पागलपन से कैसे बंगाल को निकलना है।
 
यह तो बहुत ही चिंताजनक है जो हुआ... तृणमूल और भाजपा के बीच इतना झगड़ा... सारखेरबाजार में ऐसा क्या होना पड़ा? यह देखकर लगता है कि लोगों की राजनीतिक विविधताओं से समझौता नहीं कर पा रहे हैं... आग लगाने की बात तो बहुत ही गंभीर है, और आग को बुझाने के लिए दमकल गाड़ी भेजना अच्छा काम था... लेकिन इतनी चिंताजनक घटना से यहां पर तनाव बढ़ गया है... मैं उम्मीद करता हूं कि ऐसी जानकारी नहीं फैलेगी और सबकुछ ठीक हो जाएगा।
 
🙏 यह बहुत घबराहटपूर्ण है जो हुआ। क्या ये बहुत सारे लोगों को इतनी परेशान कर देने वाली चीज थी। मुझे लगता है कि लोगों को इस तरह की समस्याओं का सामना करने के लिए तैयार नहीं है। कुछ बातें ऐसी हैं जिनके बारे में हमें बिना शांति और समझ के बोलने की जरूरत नहीं। यह सब सिर्फ एक दूसरे पर ध्यान केंद्रित करके काम करता है। अगर हम थोड़ी सोचकर समस्याओं का समाधान ढूंढ सकते हैं तो फायदेमंद होगा।
 
कोलकाता में ऐसी घटनाएं कभी अच्छी नहीं लगती, फिर भी सारे चीजें ठीक हैं🤔। तृणमूल और भाजपा के बीच इतने तनाव क्यों बढ़ रहे हैं? क्या हमें याद नहीं आ रहा है कि देश में सभी पार्टियां एक साथ मिलकर काम करने चाहिए। लेकिन ऐसा लगता है कि हर पार्टी अपने हिसाब से चल रही है। 🙅‍♂️

अब जब आग लग गई थी, तो हमें सोचते हैं कि आग कैसे बुझाई जाती है, लेकिन पहले यह सुनिश्चित कर लेते हैं कि ऐसी घटनाएं कभी भी न हों। आग लगने के बाद तुरंत मदद मांगें, आग को बुझाने के लिए पुलिस और दमकल गाड़ियां तेजी से पहुंचती हैं, लेकिन पहले इसका समाधान निकालना चाहिए।

मेरा अनुभव है कि अगर हम सभी एक साथ मिलकर काम करेंगे, तो बंगाल और देश में तनाव कम होगा। सारा समाज एकजुट होकर काम कर सकते हैं।
 
Back
Top